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Hindi: फिजी में फरवरी में आयोजित होगा विश्व हिंदी सम्मेलन, जयशंकर ने लॉन्च किया लोगो और वेबसाइट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 27 Oct 2022 08:44 PM IST
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सार

विदेश मंत्री जयशंकर ने विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन और फिजी के शिक्षा, विरासत और कला मंत्रालय की स्थायी सचिव अंजीला जोखान के साथ 12वें विश्व हिंदी दिवस के लोगो और वेबसाइट का भी शुभारंभ किया।

"Efforts on for Hindi's inclusion in UN official languages" Jaishankar
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (File) - फोटो : Twitter/Dr. S Jaishankar
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विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दिलाने के प्रयास जारी हैं, हालांकि इस दिशा में प्रगति हुई है, इसमें कुछ समय लगेगा। जयशंकर ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा।, आप जानते होंगे कि संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) में हिंदी का उपयोग किया जा रहा है। जहां तक इसके मुख्यालय में हिंदी के प्रयोग का संबंध है, हमने उनके साथ एक समझौता किया है, वे इसका उपयोग सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में कर रहे हैं। इसके विस्तार में कुछ समय लगेगा। यह इतना आसान नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रिया में एक भाषा को पेश किया जाए। 

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हिंदी दिवस के लोगो और वेबसाइट का भी शुभारंभ 
विदेश मंत्री जयशंकर ने विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन और फिजी के शिक्षा, विरासत और कला मंत्रालय की स्थायी सचिव अंजीला जोखान के साथ 12वें विश्व हिंदी दिवस के लोगो और वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस कार्यक्रम में कहा कि फिजी अगले साल 15-17 फरवरी, 2023 तक 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन की मेजबानी करेगा। मुरलीधरन ने  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन अगले साल 15-17 फरवरी तक फिजी के नांडी में किया जायेगा। इसका आयोजन विदेश मंत्रालय और फिजी सरकार के सहयोग से किया जा रहा है।
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विश्व हिंदी सम्मेलन के शुभंकर का चयन एक विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के माध्यम से किया गया है। इसके लिए 1436 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं और इनमें से 78 प्रविष्टियों पर अंतिम रूप से विचार करने के बाद मुम्बई के मुन्ना कुशवाहा द्वारा परिकल्पित शुभंकर का चयन किया गया। विजेता को 75 हजार रूपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि फिजी में हिंदी की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये भारत की ओर से एक भाषा प्रयोगशाला भेंट की जाएगी जिसके माध्यम से लोगों को सुगमता से हिन्दी सीखने में मदद मिलेगी। 

फिजी में हिंदी को सरकारी स्तर पर मान्यता मिली है 
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदी सम्मेलन के आयोजन को लेकर तीन उप समितियों का गठन किया गया है जो सम्मेलन के कार्यक्रम, स्मारिका और हिन्दी सम्मान प्रदान किए जाने से संबंधित हैं। मुरलीधरन ने कहा कि नवंबर में सभी विषयों पर चर्चा करने के बाद सम्मेलन के आयोजन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले 11 सम्मेलनों के अनुभवों और पिछले पांच वर्षो में दुनिया में आए बदलाव के आधार पर कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। फिजी में तीन भाषाओं को सरकारी स्तर पर मान्यता है जिनमें से एक हिंदी भी है।

संयुक्त राष्ट्र (2020) के अनुसार, फिजी की जनसंख्या करीब 8,96,000 है और उनमें से 30 प्रतिशत से अधिक लोग भारतीय मूल के हैं। इससे पहले, विदेश मंत्री जयशंकर ने 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन के आयोजन के लिए गठित सलाहकार समिति और उप-समितियों की पहली बैठक में भाग लिया। उन्होंने ट्वीट किया, 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन के आयोजन के लिए गठित सलाहकार समिति और उप-समितियों की पहली बैठक में भाग लिया। मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए उल्लेखनीय प्रयास कर रही है। जयशंकर ने कहा कि आशा है कि भारत और विदेश में रहने वाले हिंदी प्रेमी, विद्वान तथा शिक्षण संस्थान इस सम्मेलन में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।

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