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राज्यसभा: वित्त मंत्री ने कहा, ईपीएफ पर ब्याज दरें दूसरी बचत योजनाओं से बेहतर
Mon, 21 Mar 2022 08:39 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 21 Mar 2022 08:39 PM IST
सार
वित्त मंत्री ने राज्यसभा में विनियोग विधेयकों पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि ईपीएफओ का केंद्रीय बोर्ड भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर का फैसला करता है।
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ईपीएफ ब्याज दरें
- फोटो : iStock
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विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर प्रस्तावित 8.1 प्रतिशत ब्याज दर अन्य छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों से बेहतर है और इसमें संशोधन मौजूदा समय की वास्तविकताओं पर आधारित है। वित्त मंत्री ने सदन में विनियोग विधेयकों पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि ईपीएफओ का केंद्रीय बोर्ड भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर का फैसला करता है और बोर्ड ने ही वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पीएफ दर को कम कर 8.1 प्रतिशत रखने का प्रस्ताव दिया है।
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उन्होंने कहा कि ईपीएफओ का एक केंद्रीय बोर्ड है जो यह तय करता है कि किस दर पर ब्याज दिया जाना है, और उन्होंने इसे काफी समय तक नहीं बदला। अब इसे 8.1 प्रतिशत कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि ईपीएफओ ने ब्याज दर को 8.1 प्रतिशत रखा है जबकि सुकन्या समृद्धि योजना (7.6 प्रतिशत), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (7.4 प्रतिशत) और पीपीएफ (7.1 प्रतिशत) सहित अन्य योजनाओं में मिलने वाली दरें बहुत कम हैं।
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उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मूल्यांकन वैज्ञानिक तरीके से किया गया है और इसका खुलासा सेबी के पास आईपीओ को लेकर जमा विवरण पुस्तिका में किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा 2022-23 में 8.17 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है और चालू वित्त वर्ष के लिए 7.45 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अनुपूरक अनुदान मांग में सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों में पूंजी डाले जाने को लेकर 5,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।
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