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Jharkhand BJP: ओबीसी, अगड़ा और आदिवासी में उलझी पार्टी; रघुवर दास बन सकते हैं झारखंड भाजपा अध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो, रांची
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sat, 08 Mar 2025 06:07 AM IST
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सार
रघुवर दास राज्य में पार्टी का सबसे बड़ा ओबीसी चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने सक्रिय राजनीति में लौटने के लिए बीते साल 24 दिसंबर को राज्यपाल पद से इस्तीफा देकर 10 जनवरी को फिर से भाजपा की सदस्यता ली थी।
रघुवर दास
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
ओडिशा के पूर्व राज्यपाल और झारखंड के सीएम रहे रघुवर दास को भाजपा नेतृत्व राज्य के संगठन की जिम्मेदारी देने का मन बना रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बाबू लाल मरांडी के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दास का नाम तय माना जा रहा है। राज्य में लगातार दो चुनाव हारने के बाद पार्टी ने ओबीसी-एसटी समीकरण के साथ आगे बढ़ने की योजना बनाई है।
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रघुवर रेस में सबसे आगे
रघुवर दास राज्य में पार्टी का सबसे बड़ा ओबीसी चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने सक्रिय राजनीति में लौटने के लिए बीते साल 24 दिसंबर को राज्यपाल पद से इस्तीफा देकर 10 जनवरी को फिर से भाजपा की सदस्यता ली थी। राज्य में ओबीसी की आबादी करीब 55 फीसदी है। पार्टी के पास दास के अलावा इस वर्ग में कोई बड़ा चेहरा नहीं है।
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एसटी-ओबीसी समीकरण
प्रदेश अध्यक्ष के मामले में पार्टी ओबीसी, अगड़ा और आदिवासी के सवाल में उलझी हुई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी आदिवासी को मिलेगी। चूंकि आदिवासी वर्ग में पार्टी के पास कोई मजबूत चेहरा नहीं है। ऐसे में पार्टी किसी युवा और गुमनाम चेहरे पर दांव लगा सकती है। इन दोनों वर्गों की कुल आबादी 81% है। इनमें एसटी वर्ग से भाजपा के पास मरांडी के अलावा महज विधायक चंपई सोरेन ही हैं। चंपई झामुमो से भाजपा में आए हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए पार्टी के पास मरांडी के इतर कोई विकल्प नहीं था।

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