गुस्सा मनुष्य की स्वाभाविक भावनाओं में से एक है, लेकिन जब छोटी-सी बात भी बार-बार क्रोध का कारण बनने लगे तो इसका असर व्यक्ति के व्यवहार, रिश्तों और कामकाज पर दिखाई दे सकता है। ज्योतिष शास्त्र में मन और भावनाओं का संबंध चंद्रमा से, जबकि ऊर्जा, साहस और आक्रामकता का संबंध मंगल से माना जाता है। इसी वजह से इन दोनों ग्रहों से जुड़े कुछ धार्मिक उपाय मन को शांत रखने और क्रोध पर नियंत्रण पाने के लिए बताए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि गुस्से और चिड़चिड़ापन को कम करने के लिए कौन से ज्योतिषीय उपाय काम आ सकते हैं।
क्रोध पर नियंत्रण के उपाय: बार-बार आता है गुस्सा और चिड़चिड़ापन? अपनाएं मंगल और चंद्रमा से जुड़े खास उपाय
ज्योतिष शास्त्र में मन और भावनाओं का संबंध चंद्रमा से, जबकि ऊर्जा, साहस और आक्रामकता का संबंध मंगल से माना जाता है। इसी वजह से इन दोनों ग्रहों से जुड़े कुछ धार्मिक उपाय मन को शांत रखने और क्रोध पर नियंत्रण पाने के लिए बताए गए हैं।
सूर्यदेव को जल चढ़ाएं
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नियमित रूप से सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति में आत्मअनुशासन और सकारात्मकता बढ़ती है। इसके लिए सुबह स्नान करने के बाद तांबे के पात्र में स्वच्छ जल लें और सूर्योदय के समय सूर्यदेव को अर्पित करें। इस दौरान सूर्य मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। माना जाता है कि इस उपाय से मन को स्थिर रखने और दिनचर्या में अनुशासन लाने में सहायता मिलती है।
मंगलवार को करें हनुमान जी की आराधना
क्रोध और ऊर्जा को मंगल ग्रह से जोड़ा जाता है। ऐसे में मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन हनुमान जी को गुड़-चना या बूंदी का भोग लगाकर श्रद्धापूर्वक पूजा करें। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी की उपासना से मंगल से संबंधित अशुभ प्रभावों को कम करने और मानसिक बेचैनी दूर करने में सहायता मिल सकती है।
माथे पर लगाएं चंदन
मन को शीतल और शांत रखने के लिए चंदन का प्रयोग धार्मिक परंपराओं में लंबे समय से किया जाता रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, माथे पर चंदन का तिलक लगाने से मानसिक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। पूजा या स्नान के बाद चंदन का तिलक लगाया जा सकता है।
सोमवार को सफेद वस्तुओं का दान
चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। इसलिए चंद्रमा से जुड़ी वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है। सोमवार के दिन दूध, चावल, चीनी या सफेद वस्त्र किसी जरूरतमंद को दान करना एक धार्मिक उपाय के रूप में किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे चंद्रमा से जुड़े सकारात्मक प्रभाव बढ़ते हैं और मन को शांति मिलती है।
मोती धारण करने से पहले लें सलाह
मोती को चंद्रमा से संबंधित रत्न माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, चांदी में मोती धारण करने से भावनात्मक संतुलन और मानसिक शांति में सहायता मिलने की मान्यता है। हालांकि रत्न हर व्यक्ति के लिए अनुकूल हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए कुंडली का विश्लेषण कराने के बाद किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह लेकर ही मोती धारण करना बेहतर माना जाता है।
वास्तु टिप्स: घर की खिड़कियां हमेशा बंद रखने से बढ़ सकती हैं परेशानियां, जानें वास्तु के जरूरी नियम
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।