सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

Budh Nakshatra Parivartan: कल बुध करेंगे नक्षत्र परिवर्तन, अब दो महीने इन चार राशियों का रहेगा गोल्डन टाइम

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Jyoti Mehra Updated Wed, 10 Jun 2026 06:44 PM IST
सार

Budh Nakshatra Parivartan: जब बुध, बृहस्पति के स्वामित्व वाले नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो यह संयोजन व्यक्ति की सोच और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बना सकता है। इस दौरान शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यापार, निवेश, लेखन, मीडिया और संचार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना रहती है। 

विज्ञापन
Budh Nakshatra Parivartan 2026 in punarvasu Nakshatra Effects on 4 zodiac signs
बुध नक्षत्र परिवर्तन - फोटो : AI

Budh Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को विशेष स्थान प्राप्त है। इसे बुद्धिमत्ता, संवाद क्षमता, तर्कशक्ति, व्यापारिक समझ और शिक्षा का प्रतिनिधि ग्रह माना जाता है। जब भी बुध अपनी चाल बदलते हुए किसी नई राशि या नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका असर सभी राशियों के जीवन पर देखने को मिलता है। इस बार बुध ग्रह राहु के प्रभाव वाले आर्द्रा नक्षत्र से निकलकर देवगुरु बृहस्पति के अधीन पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसे ज्योतिष की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जा रहा है।



द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 जून 2026 को सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर बुध का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश होगा और वे 8 अगस्त 2026 तक इसी नक्षत्र में स्थित रहेंगे। इस अवधि को कई राशियों के लिए सकारात्मक बदलावों से भरा माना जा रहा है। आगे बढ़ने से पहले जानते हैं कि पुनर्वसु नक्षत्र का महत्व क्या है।
 

Budh Nakshatra Parivartan 2026 in punarvasu Nakshatra Effects on 4 zodiac signs
पुनर्वसु नक्षत्र  - फोटो : adobe stock

पुनर्वसु नक्षत्र 
ज्योतिष में पुनर्वसु नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में सातवां स्थान प्राप्त है। इसका स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं और इसकी अधिष्ठात्री देवी अदिति मानी जाती हैं, जिन्हें देवताओं की जननी कहा जाता है। ‘पुनर्वसु’ का अर्थ होता है, एक बार फिर से उजाला या समृद्धि का आगमन। यह नक्षत्र आशा, सकारात्मकता, ज्ञान और आध्यात्मिक विकास का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जब कोई ग्रह इस नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो वह जीवन में नई शुरुआत, सुधार और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
 

Budh Nakshatra Parivartan 2026 in punarvasu Nakshatra Effects on 4 zodiac signs
बुध का पुनर्वसु में प्रवेश क्यों है खास? - फोटो : adobe

बुध का पुनर्वसु में प्रवेश क्यों है खास?
जब बुध, बृहस्पति के स्वामित्व वाले नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो यह संयोजन व्यक्ति की सोच और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बना सकता है। इस दौरान शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यापार, निवेश, लेखन, मीडिया और संचार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना रहती है। साथ ही रुके हुए कार्यों में भी गति आ सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Budh Nakshatra Parivartan 2026 in punarvasu Nakshatra Effects on 4 zodiac signs
वृषभ राशि - फोटो : अमर उजाला

इन राशियों के लिए रहेगा विशेष लाभकारी

वृषभ राशि

  • इस अवधि में वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
  • आय के नए स्रोत खुलेंगे और पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं।
  • नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर सराहना मिल सकती है, जबकि व्यापारियों के लिए नए अवसर सामने आ सकते हैं।
  • पारिवारिक जीवन भी सुखद बना रहेगा।
     
विज्ञापन
Budh Nakshatra Parivartan 2026 in punarvasu Nakshatra Effects on 4 zodiac signs
मिथुन राशि - फोटो : अमर उजाला

मिथुन राशि

  • मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, इसलिए इस गोचर का प्रभाव इस राशि पर अधिक देखने को मिलेगा।
  • आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे।
  • विद्यार्थियों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल है।
  • नई योजनाओं की शुरुआत भी सफलता दिला सकती है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed