Kalashtami Vrat July 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में आषाढ़ माह की कालाष्टमी जुलाई में मनाई जा रही है। हिंदू धर्मशास्त्रों में पंचांग की प्रत्येक तिथि का अलग महत्व बताया गया है। हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है, जो भगवान काल भैरव को समर्पित होती है। काल भैरव को समय, न्याय और सुरक्षा का अधिष्ठाता देवता माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी के दिन व्रत और विशेष उपाय करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि इस बार जुलाई में कालाष्टमी किस दिन पड़ रही है और इस दिन कौन से उपाय आपको लाभ दिला सकते हैं।
Kalashtami July 2026: 6 या 7 जुलाई कब है कालाष्टमी? खास अवसर पर ये 5 उपाय दिलाएंगे हर समस्या का समाधान
Kalashtami Vrat July 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में आषाढ़ माह की कालाष्टमी जुलाई में मनाई जाती है। आइए जानते हैं कि इस बार जुलाई में कालाष्टमी किस दिन पड़ रही है और इस दिन कौन से उपाय आपको लाभ दिला सकते हैं।
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कालाष्टमी के विशेष उपाय
- कालाष्टमी के दिन भगवान कालभैरव की पूजा के साथ कुछ विशेष उपाय करने की परंपरा भी प्रचलित है। मान्यता है कि इन उपायों को श्रद्धा के साथ करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं ऐसे ही पांच प्रमुख उपायों के बारे में।
- पहला उपाय: कालाष्टमी के दिन भैरव मंदिर में जाकर उन्हें मदिरा अर्पित करने का विधान बताया गया है। इसके बाद उस मदिरा को किसी जरूरतमंद या सफाई कर्मी को दान कर देना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे जीवन की परेशानियां कम होती हैं और आय के नए रास्ते खुलते हैं।
- दूसरा उपाय: इस दिन सरसों के तेल में बने खाद्य पदार्थ जैसे पापड़, पकौड़े या मालपुए तैयार करके गरीबों और जरूरतमंद लोगों में बांटना पुण्यदायी माना गया है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में खुशहाली आती है।
- तीसरा उपाय: कालाष्टमी से एक दिन पहले विशेष रंग की मदिरा खरीदकर रात में अपने पास रखना और अगले दिन मंदिर में जाकर उसे कांसे के पात्र में डालकर अग्नि अर्पित करना एक पारंपरिक उपाय माना गया है। मान्यता है कि इससे राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
- चौथा उपाय: मासिक कालाष्टमी के दिन तेल में उंगलियां डुबोकर रोटी पर निशान बनाएं और उसे किसी कुत्ते को खिलाएं। कुत्ते को भैरव का वाहन माना जाता है, इसलिए यह उपाय विशेष फलदायी माना गया है। यदि कुत्ता रोटी खा लेता है तो इसे शुभ संकेत माना जाता है।
पांचवां उपाय: कालाष्टमी पर सरसों के तेल में उड़द दाल के पकौड़े बनाकर किसी कुत्ते को खिलाने की परंपरा है। यह कार्य बिना किसी व्यवधान के करना चाहिए और खिलाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। इसे अत्यंत प्रभावशाली उपाय माना गया है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।