July Masik Rashifal: जुलाई 2026 ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इस महीने कई बड़े ग्रह अपनी चाल बदलने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर सभी राशियों के जीवन पर देखने को मिलेगा। 4 जुलाई को शुक्र का सिंह राशि में गोचर प्रेम, आकर्षण और संबंधों में नए बदलाव लेकर आएगा, जबकि 7 जुलाई को वक्री बुध का मिथुन राशि में प्रवेश संवाद, निर्णय और करियर से जुड़े मामलों में थोड़ी उलझन और पुनर्विचार की स्थिति पैदा कर सकता है। इसके बाद 16 जुलाई को सूर्य के कर्क राशि में गोचर से आत्मविश्वास, परिवार और भावनात्मक जीवन में नए परिवर्तन देखने को मिलेंगे। 24 जुलाई को बुध का मार्गी होना राहत देने वाला रहेगा, जिससे रुके हुए कार्यों में गति आएगी और स्पष्टता बढ़ेगी। वहीं 27 जुलाई को शनि का मीन राशि में वक्री होना जीवन के कर्म, जिम्मेदारियों और दीर्घकालिक योजनाओं पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। कुल मिलाकर यह पूरा महीना ग्रहों की तेज़ हलचल से भरा रहेगा, जो करियर, प्रेम और आर्थिक स्थिति में बड़े बदलाव के संकेत दे रहा है।
July Astrology: चार बड़े ग्रह गोचर से करियर, प्रेम और आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव, जानें सभी राशियों का हाल
जुलाई 2026 में होने वाले बड़े ग्रह गोचर जैसे शुक्र, बुध, सूर्य और शनि की चाल में बदलाव सभी राशियों पर असर डालेंगे। जानें करियर, प्रेम और आर्थिक स्थिति में होने वाले प्रमुख बदलाव।
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मेष राशि मासिक राशिफल
जुलाई 2026 मासिक राशिफल के अनुसार मेष राशि वालों के लिए महीने की शुरुआत में सूर्य देव तीसरे भाव में स्थित रहकर आत्मविश्वास और प्रयासों को बढ़ाएंगे, लेकिन 16 जुलाई के बाद उनके चौथे भाव में प्रवेश करने से घरेलू जीवन और मानसिक शांति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मंगल पूरे महीने दूसरे भाव में रहकर शनि की दृष्टि में रहेंगे, जिससे आर्थिक मामलों में सतर्कता रखना जरूरी होगा और अनावश्यक खर्चों की स्थिति बन सकती है। बुध ग्रह इस महीने वक्री और अस्त अवस्था में रहकर संचार, निर्णय क्षमता और कार्यों में बाधाएं उत्पन्न कर सकते हैं, जिससे कामकाज में देरी या भ्रम की स्थिति बनी रह सकती है। बृहस्पति ग्रह चौथे भाव में रहकर औसत से बेहतर परिणाम देने की कोशिश करेंगे, लेकिन 15 जुलाई के बाद उनके अस्त होने से उनके शुभ प्रभाव कमजोर पड़ सकते हैं। शुक्र ग्रह 4 जुलाई तक चौथे भाव में और उसके बाद पांचवे भाव में केतु के साथ रहकर मिश्रित परिणाम देंगे, जबकि शनि बारहवें भाव में वक्री अवस्था में रहकर दबाव और खर्च बढ़ा सकते हैं। वहीं राहु लाभ भाव में रहकर कुछ अप्रत्याशित लाभ दिलाने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन केतु पंचम भाव में मानसिक अस्थिरता और रुकावटें पैदा कर सकते हैं। यह समय अवसर और चुनौतियों का मिश्रण रहेगा, इसलिए धैर्य और समझदारी से निर्णय लेना आवश्यक होगा।
वृषभ मासिक राशिफल
जुलाई 2026 मासिक राशिफल के अनुसार यह महीना इस राशि के जातकों के लिए औसत से बेहतर परिणाम देने वाला रह सकता है। सूर्य ग्रह महीने की शुरुआत में दूसरे भाव में रहकर आर्थिक और पारिवारिक मामलों में थोड़ी चुनौती दे सकते हैं, लेकिन 16 जुलाई के बाद जब सूर्य तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे तो आत्मविश्वास, साहस और कार्यों में तेजी देखने को मिलेगी, जिससे कई रुके हुए काम पूरे होने की संभावना बढ़ जाएगी। मंगल पूरे महीने पहले भाव में रहकर कभी-कभी विपरीत परिणाम दे सकते हैं, इसलिए गुस्से, जल्दबाजी और गलत निर्णयों से बचना जरूरी होगा। बुध ग्रह 7 जुलाई तक तीसरे भाव में रहकर प्रयासों और संचार को मजबूत करेंगे, लेकिन इसके बाद दूसरे भाव में जाकर आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत देंगे, हालांकि 24 जुलाई तक वक्री और 25 जुलाई तक अस्त अवस्था के कारण पूरी तरह अनुकूल परिणाम नहीं मिल पाएंगे। बृहस्पति पूरे महीने तीसरे भाव में रहकर औसत परिणाम देंगे और धैर्य व मेहनत से आगे बढ़ने की सलाह देंगे। शुक्र 4 जुलाई तक तीसरे भाव में रहकर थोड़े कमजोर परिणाम दे सकते हैं, लेकिन इसके बाद चौथे भाव में जाकर पारिवारिक सुख, आराम और मानसिक शांति में सुधार लाएंगे, हालांकि राहु-केतु और मंगल के प्रभाव से बीच-बीच में उतार-चढ़ाव संभव है। शनि लाभ भाव में रहकर अधिकांश समय सहयोग देंगे और आर्थिक स्थिरता में मदद करेंगे, हालांकि 27 जुलाई के बाद वक्री होने से गति थोड़ी धीमी हो सकती है। राहु दशम भाव में रहकर करियर में अप्रत्याशित अवसर या बदलाव ला सकते हैं, जिनमें सावधानी और सही मार्गदर्शन जरूरी होगा, जबकि केतु मानसिक अस्थिरता और भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं। यह महीना मेहनत, धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने पर अच्छे परिणाम देने की क्षमता रखता है।
मिथुन मासिक राशिफल
जुलाई 2026 का मासिक राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए बेहतर परिणाम देने वाला रह सकता है। महीने की शुरुआत में सूर्य देव दूसरे भाव में रहकर कुछ आर्थिक दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों को बढ़ा सकते हैं, जिससे शुरुआती समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण लग सकता है। लेकिन 16 जुलाई के बाद सूर्य तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे और यहीं से हालात बेहतर होने लगेंगे, आत्मविश्वास बढ़ेगा और कामों में रफ्तार आने की संभावना बनेगी। मंगल पूरे महीने पहले भाव में रहकर कभी-कभी आक्रामकता या जल्दबाजी बढ़ा सकते हैं, इसलिए इस समय सोच-समझकर फैसले लेना और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी रहेगा। बुध ग्रह 7 जुलाई तक तीसरे भाव में रहकर मेहनत के अच्छे नतीजे दिला सकते हैं, लेकिन इसके बाद दूसरे भाव में जाकर आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत देंगे, हालांकि वक्री और अस्त अवस्था के कारण पूरी तरह स्थिर परिणाम नहीं मिल पाएंगे। बृहस्पति इस पूरे महीने तीसरे भाव में रहकर औसत परिणाम देते रहेंगे, यानी न बहुत कमजोर और न बहुत मजबूत स्थिति रहेगी। शुक्र 4 जुलाई तक तीसरे भाव में थोड़े कमजोर रह सकते हैं, लेकिन इसके बाद चौथे भाव में आकर घरेलू सुख, आराम और मानसिक शांति में सुधार लाएंगे। शनि लाभ भाव में रहकर अधिकतर समय सहयोग देंगे और कुछ अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं, हालांकि 27 जुलाई के बाद उनकी वक्री स्थिति के कारण कामों की गति थोड़ी धीमी हो सकती है। राहु दशम भाव में रहकर करियर में अचानक बदलाव या नए मौके दे सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा, जबकि केतु मानसिक अस्थिरता या उलझन पैदा कर सकते हैं।
कर्क राशि के जातकों के लिए जुलाई 2026 का महीना मिश्रित परिणाम देने वाला रह सकता है। सूर्य देव इस महीने पहले द्वादश भाव में और फिर प्रथम भाव में रहेंगे, जो सामान्य रूप से अनुकूल स्थिति नहीं मानी जाती, इसलिए इनके परिणाम सीमित रह सकते हैं। मंगल लाभ भाव में रहकर आय और कार्यक्षेत्र में कुछ अच्छे अवसर प्रदान कर सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिलेंगे। बुध ग्रह इस दौरान अधिकतर समय वक्री और कमजोर स्थिति में रहेंगे, जिससे निर्णय क्षमता और संचार में कुछ बाधाएं आ सकती हैं, हालांकि कुछ मामलों में हल्की राहत भी मिल सकती है। बृहस्पति उच्च अवस्था के कारण कुछ हद तक सहयोग देंगे, जबकि शुक्र महीने की शुरुआत में पहले भाव में और बाद में दूसरे भाव में रहकर अपेक्षाकृत अच्छे परिणाम दे सकते हैं, हालांकि राहु-केतु और अन्य ग्रहों के प्रभाव से बीच-बीच में उतार-चढ़ाव संभव है। शनि भाग्य भाव में रहकर पूरी तरह अनुकूल नहीं रहेंगे और 27 जुलाई के बाद वक्री होने से प्रभाव और कमजोर हो सकता है। राहु और केतु की स्थिति भी इस महीने कुछ भ्रम और बाधाएं उत्पन्न कर सकती है। यह महीना मिश्रित और औसत परिणाम देने वाला रहेगा।
