Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का पर्व देशभर में मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसके साथ ही उत्तरायण काल की शुरुआत मानी जाती है। यानी सूर्य की गति दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर हो जाती है। भारत के अलग-अलग राज्यों में यह पर्व विभिन्न परंपराओं के साथ मनाया जाता है। खासतौर पर महाराष्ट्र में मकर संक्रांति का स्वरूप कुछ अलग देखने को मिलता है। यहां लोग इस दिन काले रंग के कपड़े पहनते हैं, जबकि आमतौर पर हिंदू रीति-रिवाजों में काले रंग को शुभ कार्यों से दूर रखा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मकर संक्रांति पर काला रंग क्यों शुभ माना जाता है? आइए इसके पीछे के कारणों को समझते हैं।
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर क्यों काले रंग के वस्त्र माने जाते हैं शुभ? जानें इसके पीछे का कारण
Makar Sankranti 2026: आमतौर पर हिंदू रीति-रिवाजों में काले रंग को शुभ कार्यों से दूर रखा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मकर संक्रांति पर काला रंग क्यों शुभ माना जाता है? आइए इसके पीछे के कारणों को समझते हैं।
धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनिदेव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस अवसर पर सूर्य ने शनिदेव को स्वीकार किया और उनके साथ संबंधों में मधुरता आई। शनिदेव का प्रिय रंग काला माना जाता है, इसलिए इस दिन उन्हें प्रसन्न करने के लिए काले वस्त्र धारण किए जाते हैं।
मान्यता है कि मकर संक्रांति पर काले कपड़े पहनने से शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है। इसी कारण महाराष्ट्र में महिलाएं काली साड़ी या काले रंग के परिधान पहनती हैं, जबकि पुरुष काले कुर्ते, पजामे या शर्ट धारण करते हैं।
सामान्य तौर पर हिंदू परंपरा में काले रंग को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए विवाह, पूजा और अन्य शुभ अवसरों पर इसे पहनने से परहेज किया जाता है। हालांकि मकर संक्रांति के दिन शनि देव की मान्यता और मौसम से जुड़े कारणों के चलते काला रंग शुभ माना जाता है। महाराष्ट्र में यह परंपरा सदियों से निभाई जा रही है और आज भी लोग इसे पूरी श्रद्धा के साथ अपनाते हैं।
पीला रंग भी माना जाता है शुभ
मकर संक्रांति पर केवल काला ही नहीं, बल्कि पीला रंग भी शुभ माना जाता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनना और पीले रंग के भोजन, जैसे खिचड़ी आदि का सेवन करना भी मंगलकारी माना जाता है। पीला रंग समृद्धि, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।