Surya Grahan 2026: सनातन धर्म में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी विशेष माना जाता है। वर्ष 2026 में 12 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर कई पारंपरिक मान्यताएं प्रचलित हैं। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, भोजन, शुभ कार्य और यात्रा को लेकर अलग-अलग नियम बताए गए हैं। इसी तरह ग्रहण से पहले कुछ वस्तुओं की खरीदारी करने से भी बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है और इन्हें श्रद्धा, आस्था तथा परंपरा के आधार पर माना जाता है। आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण से पहले किन चीजों की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है और इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यता है।
Surya Grahan 2026: ग्रहण से पहले इन चीजों की खरीदारी क्यों है वर्जित? जान लें धार्मिक मान्यता
Surya Grahan 2026: सनातन धर्म में सूर्य ग्रहण का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण से पहले किन चीजों को खरीदना वर्जित माना जाता है और इसके पीछे क्या धार्मिक कारण बताए गए हैं।
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ग्रहण से पहले किन चीजों की खरीदारी से बचना चाहिए?
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य आभूषण शुभता और समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए ग्रहण से ठीक पहले इनकी खरीदारी करने की बजाय ग्रहण समाप्त होने के बाद शुभ मुहूर्त में खरीदना अधिक मंगलकारी माना जाता है।
- नई कार, बाइक या किसी भी वाहन की खरीदारी आमतौर पर शुभ मुहूर्त में करने की परंपरा है। मान्यता है कि ग्रहण से पहले वाहन खरीदने की बजाय ग्रहण के बाद शुभ समय का चयन करना बेहतर होता है।
- घर, जमीन या किसी बड़ी संपत्ति की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री जैसे कार्य भी ग्रहण से पहले टालने की सलाह दी जाती है। धार्मिक दृष्टि से ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय शुभ मुहूर्त में लेने की परंपरा रही है।
- नई मूर्ति, पूजा का कलश, शंख, घंटी या अन्य धार्मिक सामग्री ग्रहण से पहले खरीदने की बजाय ग्रहण समाप्त होने के बाद खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से पूजा की पवित्रता बनी रहने की मान्यता है
- कई परिवारों में ग्रहण से पहले नए कपड़े खरीदने या पहली बार पहनने से भी बचा जाता है। यह मान्यता पूरी तरह धार्मिक परंपराओं पर आधारित है और अलग-अलग क्षेत्रों में इसके नियम अलग हो सकते हैं।
- वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इसी कारण कुछ लोग ग्रहण से ठीक पहले झाड़ू खरीदने से बचते हैं और इसे ग्रहण समाप्त होने के बाद खरीदना अधिक शुभ मानते हैं।
- धार्मिक ग्रंथों में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन आज के समय में कई लोग टीवी, मोबाइल, लैपटॉप, फ्रिज या अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी भी ग्रहण के दौरान टाल देते हैं। इसे पारंपरिक मान्यताओं का आधुनिक रूप माना जाता है।
सूर्य ग्रहण से पहले क्या करना शुभ माना जाता है?
- घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें।
- भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर उनकी आराधना करें।
- गायत्री मंत्र, आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य मंत्र का जाप करें।
- जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान दें।
- ग्रहण शुरू होने से पहले भोजन तैयार कर लें और परंपरा के अनुसार भोजन में तुलसी के पत्ते रखने की मान्यता भी प्रचलित है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करें, भगवान की विधिवत पूजा करें और फिर सामान्य दैनिक कार्यों की शुरुआत करें। कई लोग ग्रहण के बाद दान-पुण्य भी करते हैं, जिसे शुभ फलदायी माना जाता है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।