अक्सर देखा गया है कि वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप भवन का निर्माण करने के बाद भी घर में वास्तुदोष उत्पन्न हो जाता है। इसका कारण है कि लोग घर तो वास्तु के अनुसार बना लेते हैं,लेकिन घर की आंतरिक व्यवस्था में वास्तु के नियमों का पालन नहीं करते। ऐसा होने पर घर में पंचतत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे कई प्रकार की परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। घर में सुख-शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण के लिए कुछ वास्तु नियमों को अपनाया जा सकता है।
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Vastu Tips: वास्तु के इन आसान नियमों का करेंगे पालन तो नहीं आएगी कोई परेशानी,बरसेंगी खुशियां
Mon, 14 Mar 2022 05:00 PM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 14 Mar 2022 05:00 PM IST
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vastu tips : गणेश जी यूं तो हर रूप में मंगलकारी हैं। लेकिन धन और सुख में बाधा को दूर करने के लिए नृत्य करती हुई गणेश जी की प्रतिमा घर में रखना बहुत ही शुभ होता है।
- फोटो : अमर उजाला
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
- मधुर संबंधों के लिए अतिथियों का स्थान या कक्ष उत्तर या पश्चिम की ओर बनाना चाहिए।
- घर के अंदर लगे हुए मकड़ी के जाले,धूल-गंदगी को समय-समय पर हटाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती।
- पार्किंग हेतु उत्तर-पश्चिम स्थान प्रयोग में लाना शुभ माना गया है।
- घर में बनी हुई क्यारियों या गमलों में लगे हुए पौधों को नियमित रूप से पानी देना चाहिए। यदि कोई पौधा सूख जाए तो उसे तुरंत वहां से हटा दें।
वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
- दक्षिण-पश्चिम दिशा में ओवरहैड वाटर टैंक की व्यवस्था करना लाभप्रद रहता है।
- दरवाज़े को खोलते तथा बंद करते समय सावधानी से बंद करें,ताकि कर्कश ध्वनि न निकले।
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puja ghar
- यदि आपने घर में पूजा घर बना रखा है तो शुभ फलों की प्राप्ति के लिए उसमें नियमित रूप से पूजा होनी चाहिए एवं दक्षिण-पश्चिम की दिशा में निर्मित कमरे का प्रयोगपूजा-अर्चना के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
- गैस का चूल्हा किचन प्लेटफार्म के आग्नेय कोण में दोनों तरफ से कुछ इंच जगह छोड़कर रखना वास्तु सम्मत माना गया है।
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वास्तु उपाय
- शयन कक्ष में ड्रेसिंग टेबल हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में रखनी चाहिए, सोते समय शीशे को ढक दें।
- किसी भी व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में दक्षिण दिशा की तरफ पैर करके नहीं सोना चाहिए,ऐसा करने से बेचैनी,घबराहट और नींद में कमी हो सकती है।
- भवन में उत्तर दिशा,ईशान दिशा,पूर्व दिशा, वायव्य दिशा में हल्का सामान रखना शुभ फलदाई होता है।