देश में इन दिनों एसयूवी गाड़ियों का खुमार है। यंगस्टर्स एसयूवी के लिए पागल हैं। एसयूवी कारों के पीछे इस पागलपन के पीछे कई वजह हैं, जैसे ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, दमदार इंजन और ज्यादा केबिन स्पेस। इसके अलावा और भी कई वजह हैं, जो एसयूवी को पॉपुलर बना रही हैं। वहीं लोगों में एसयूवी को लेकर कुछ गलतफहमियां भी हैं। जानते हैं एसयूवी को लेकर क्या हैं लोगों की 10 गलतफहमियां...
क्या आप भी हैं ‘SUV’ को लेकर इन 10 गलतफहमियों के शिकार, जरूर पढ़ें ये खबर
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किसी भी तरह तरह की सड़क पर चल सकती है एसयूवी
दमदार इंजन होने के बावजूद जरूरी नहीं है कि एसयूवी किसी भी तरह के सरफेस पर चल सकती हैं। केवल फोर व्हील ड्राइव सिस्टम वाली एसयूवी ही ऑफ रोड चल सकती हैं, जहां रेगुलर कारों को चलाने के बारे में सोच भी नहीं सकते। वहीं ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब 4WD वाली महिन्द्रा स्कॉर्पियो और टोयोटा फॉर्च्यूनर ऑफ रोड में फंस गई और उन्हें निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे मामले में 4WD गाड़ी के साथ ड्राइवर स्किल भी जरूरी होते हैं।
वहीं कुछ लोग रेनो डस्टर और महिन्द्रा एक्सयूवी 500 को ऑफ रोड रेडी एसयूवी समझ लेते हैं, क्योंकि इनमें AWD (ऑल व्हील ड्राइव टेक्नोलॉजी) होती है। वहीं AWD और 4WD में जमीन आसमान का अंतर होता है।
सभी बड़ी गाड़ियां एसयूवी!
ये लोगों में बड़ी गलतफहमी होती है कि सभी बड़ी सी दिखने वाली गाड़ियां एसयूवी होती हैं। एसयूवी का मतलब होता है स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल। इसका मतलब यह है कि इन गाड़ियों में 4WD फोर व्हील ड्राइव सिस्टम लगा होता है और ये ऑफरोड भी परफॉर्म करती हैं। लेकिन कार कंपनियां किसी भी बड़ी और ऊंची कार के लिए एसयूवी शब्द को इस्तेमाल कर लेती हैं। जिन गाड़ियों में 4WD सिस्टम नहीं होता, उन्हें क्रॉसओवर कहा जाता है। वहीं भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में अच्छे ग्राउंड क्लीयरेंस और बड़ी गाड़ी को एसयूवी कहा जाता है। यहां तक कि कई कार निर्माता कंपनियां अब हैचबैक क्रासओवर एसयूवी बनाने लगी हैं, जिनकी ‘अर्बन एसयूवी’ बता कर मार्केटिंग की जा रही है। ह्यूंदै क्रेटा, मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा यहां तक कि टाटा हैरियर, ये सभी रेगुलर कारें हैं जिनकी बॉडी एसयूवी जैसी बनाई गई है।
धीमी होती हैं एसयूवी!
एसयूवी को लेकर ये एक गलत धारणा है। हालांकि पुरानी एसयूवी धीमी होती थीं, यहां तक कि सेडान और दूसरी हैचबैक रफ्तार में ज्यादा तेज होती थीं। इसकी वजह थी कम पावरफुल इंजन और ज्यादा वजन। लेकिन नए जमाने की एसयूवी के साथ ऐसा नहीं है। नई एसयूवी में पावरफुल इंजन और एडवांस टेक्नोलॉजी आने से वे पहले से ज्यादा चुस्त और दुरुस्त हैं। दुनिया की सबसे तेज रफ्तार एसयूवी बेंतले बेंताग्या स्पीड की टॉप स्पीड 306 किमी प्रति घंटा है और 0 से 100 किमी की रफ्तार पकड़ने में मात्र 3 सेकेंड लगते हैं। वहीं लैंबोर्गिनी उर्स की रफ्तार 305 किमी प्रति घंटा है।
ज्यादा तेल पीती हैं
यह आम गलत धारणा है कि एसयूवी कम माइलेज देती है। इन न्यू जेनरेशनन एसयूवी के साथ ऐसा नहीं है। अगर आप सही एसयूवी चुनते हैं, तो आपको तेल के खर्च को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। Volvo XC90 T8 इसका जबरदस्त उदाहरण है। यह एसयूवी 407 बीएचपी की पावर देती है, लेकिन इसका माइलेज 57 किमी प्रति लीटर है। वहीं फोर्ड एंडेवर जैसी एसयूवी 14.2 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देती है।