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FAME II: केंद्र सात इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं से वसूलेगा 469 करोड़ रुपये, फेम-2 मानदंडों का किया उल्लंघन
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 24 Jul 2023 05:47 PM IST
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Hero Dash electric scooter
- फोटो : For Reference Only
केंद्र ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) II योजना मानदंडों का अनुपालन नहीं करने पर इंसेंटिव का दावा करने के लिए हीरो इलेक्ट्रिक और ओकिनावा सहित सात इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं से 469 करोड़ रुपये की मांग की है। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
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Okinawa Autotech - Tacita Partnership
- फोटो : Okinawa Autotech
सरकार की जांच में अनियमित्ता का खुलासा
भारी उद्योग मंत्रालय की जांच से पता चला है कि इन कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन कर योजना के तहत राजकोषीय प्रोत्साहन का लाभ उठाया है। योजना के नियमों के अनुसार, भारत में निर्मित कंपोनेंट्स का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के लिए इंसेंटिव की अनुमति दी गई थी। लेकिन जांच में यह पाया गया कि इन सात फर्मों ने इंपोर्ट किए गए कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया है।
अधिकारी ने कहा, "हमारी जांच में छह कंपनियां पाक-साफ पाई गई हैं, लेकिन सात कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन किया है। इसलिए हम 469 करोड़ रुपये मांग रहे हैं। उन्हें यह रकम सरकार को लौटानी होगी।"
भारी उद्योग मंत्रालय की जांच से पता चला है कि इन कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन कर योजना के तहत राजकोषीय प्रोत्साहन का लाभ उठाया है। योजना के नियमों के अनुसार, भारत में निर्मित कंपोनेंट्स का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के लिए इंसेंटिव की अनुमति दी गई थी। लेकिन जांच में यह पाया गया कि इन सात फर्मों ने इंपोर्ट किए गए कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया है।
अधिकारी ने कहा, "हमारी जांच में छह कंपनियां पाक-साफ पाई गई हैं, लेकिन सात कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन किया है। इसलिए हम 469 करोड़ रुपये मांग रहे हैं। उन्हें यह रकम सरकार को लौटानी होगी।"
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Hero Electric
- फोटो : सोशल मीडिया
यह हैं वो सात कंपनियां
यह सात कंपनियां Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक), Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक), Ampere EV (एम्पीयर ईवी), Revolt Motors (रिवोल्ट मोटर्स), Benling India (बेनलिंग इंडिया), Amo Mobility (एमो मोबिलिटी) और Lohia Auto (लोहिया ऑटो) हैं।
यह सात कंपनियां Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक), Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक), Ampere EV (एम्पीयर ईवी), Revolt Motors (रिवोल्ट मोटर्स), Benling India (बेनलिंग इंडिया), Amo Mobility (एमो मोबिलिटी) और Lohia Auto (लोहिया ऑटो) हैं।
Okinawa Okhi 90
- फोटो : Okinawa Autotech
क्यों हुई जांच
मंत्रालय ने एक गुमनाम ईमेल मिलने के बाद जांच शुरू की थी। इस ई-मेल में आरोप लगाया गया कि कई ईवी निर्माता चरणबद्ध विनिर्माण योजना (पीएमपी) नियमों का पालन किए बिना सब्सिडी का दावा कर रहे थे। जबकि पीएमपी का मकसद इन इलेक्ट्रिक वाहनों के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
इसके बाद मंत्रालय ने पिछले वित्त वर्ष में सब्सिडी वितरण में देरी की। अधिकारी ने कहा, सात में से दो ने मंत्रालय से कहा किया है कि वे इंसेंटिव की राशि ब्याज सहित लौटा देंगे।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने इनमें से किसी भी कंपनी को वाहन बनाने से नहीं रोका है, "लेकिन अब उन्हें इस योजना के तहत कोई इंसेंटिव नहीं मिलेगा"।
मंत्रालय ने एक गुमनाम ईमेल मिलने के बाद जांच शुरू की थी। इस ई-मेल में आरोप लगाया गया कि कई ईवी निर्माता चरणबद्ध विनिर्माण योजना (पीएमपी) नियमों का पालन किए बिना सब्सिडी का दावा कर रहे थे। जबकि पीएमपी का मकसद इन इलेक्ट्रिक वाहनों के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
इसके बाद मंत्रालय ने पिछले वित्त वर्ष में सब्सिडी वितरण में देरी की। अधिकारी ने कहा, सात में से दो ने मंत्रालय से कहा किया है कि वे इंसेंटिव की राशि ब्याज सहित लौटा देंगे।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने इनमें से किसी भी कंपनी को वाहन बनाने से नहीं रोका है, "लेकिन अब उन्हें इस योजना के तहत कोई इंसेंटिव नहीं मिलेगा"।
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Sohinder Gill, CEO, Hero Electric
- फोटो : Hero Electric
हीरो इलेक्ट्रिक का जवाब
संपर्क करने पर हीरो इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने कहा, "नोटिस उस अवधि से संबंधित है जिसमें हमारे गैर-अनुपालन का कोई कारण नहीं है। यह हीरो इलेक्ट्रिक के लिए प्रासंगिक नहीं है।"
संपर्क करने पर हीरो इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने कहा, "नोटिस उस अवधि से संबंधित है जिसमें हमारे गैर-अनुपालन का कोई कारण नहीं है। यह हीरो इलेक्ट्रिक के लिए प्रासंगिक नहीं है।"