राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जुलाई 2026 के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिला है। सरकार के वाहन (Vahan) पोर्टल से मिले आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में दिल्ली में कुल 10,719 प्योर इलेक्ट्रिक वाहनों (Pure EV) का पंजीकरण दर्ज किया गया।
EV: दिल्ली में ईवी की रिकॉर्ड बिक्री, जुलाई में 10,700 से अधिक EV का पंजीकरण, 2026 का सबसे बड़ा आंकड़ा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जुलाई 2026 इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के लिए अब तक का सबसे मजबूत महीना रहा। सरकारी Vahan आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में दिल्ली ने इस वर्ष का सबसे अधिक मासिक ईवी रजिस्ट्रेशन दर्ज किया।
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वर्ष 2026 के दौरान दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण का रुझान कैसा रहा है?
फरवरी के महीने में आई मामूली सुस्ती को छोड़ दें तो साल 2026 के दौरान दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर ही बढ़ा है।
महीनेवार पंजीकरण के आंकड़े इस प्रकार हैं:
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जनवरी: 6,077 वाहन
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फरवरी: 4,983 वाहन
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मार्च: 7,324 वाहन
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अप्रैल: 7,658 वाहन
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मई: 8,738 वाहन
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जून: 9,296 वाहन
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जुलाई: 10,719 वाहन (वर्ष का अब तक का उच्चतम स्तर)
नई 'दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026' में खरीदारों के लिए क्या-क्या छूट और वित्तीय प्रोत्साहन दिए गए हैं?
दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति 2026 का मुख्य लक्ष्य राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जगह स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है। इसमें करों में छूट, सब्सिडी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के कड़े प्रावधान शामिल हैं।
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रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट:
30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक की कीमत वाली और दिल्ली में पंजीकृत होने वाली इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है। -
दोपहिया वाहनों के लिए चरणबद्ध सब्सिडी:
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को वित्तीय मदद देने के लिए 3 साल का सब्सिडी मॉडल बनाया गया है:-
पहला वर्ष: 30,000 रुपये की सब्सिडी
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दूसरा वर्ष: 20,000 रुपये की सब्सिडी
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तीसरा वर्ष: 10,000 रुपये की सब्सिडी
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चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार:
शहर में चार्जिंग नेटवर्क को बड़े पैमाने पर मजबूत करने की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली में पारंपरिक ईंधनों (पेट्रोल/सीएनजी) से चलने वाले वाहनों को हटाने के लिए क्या समयसीमा तय की गई है?
नई नीति में कुछ श्रेणियों के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं:
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इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का नियम (1 जनवरी 2027 से):
1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल प्योर इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा ही पंजीकृत किए जाएंगे। -
दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध (1 अप्रैल 2028 से):
1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, और केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ही पंजीकरण के योग्य होंगे। -
नीति की कुल अवधि:
'दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026' को 31 मार्च 2030 तक लागू रखने का प्रावधान किया गया है। जो राजधानी में ईवी अपनाने और बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए एक दीर्घकालिक ढांचा प्रदान करेगी।