अगर आप सोच रहे हैं कि आपको सेडान कार सेगमेंट में पेट्रोल गाड़ी लेनी चाहिये या डीजल गाड़ी तो कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है। अप्रैल 2018 से लेकर मार्च 2019 तक 1,56,061 सेडान कारों की बिक्री हुई। ये सभी गाड़ियां बीएस4 इंजन वाली थीं, हालांकि अगले साल अप्रैल 2020 से नए उत्सर्जन मानक बीएस6 लागू होने हैं, जिनके चलते कई कार कंपनियों ने डीजल इंजन बनाने से तौबा कर ली है।
खरीदनी है सेडान कार, तो पेट्रोल इंजन खरीदें या डीजल, जानें क्या है ट्रेंड
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ऑटो सेक्टर पर मंदी
ऑटो सेक्टर पर मंदी लगातार हावी है, यहां तक कि देश की नंबर वन कार कंपनी मारुति भी इससे अछूती नहीं है। मारुति, ह्यूंदै, होंडा, टाटा, महिंद्रा एंड महिंद्रा समेत लगभग सभी कंपनियों की बिक्री में कमी आई है।
69 प्रतिशत गाड़ियां पेट्रोल और 31 फीसदी गाड़ियां डीजल इंजन वाली
एक्जीक्यूटिव सेडान सेगमेंट में मारुति सियाज, होंडा सिटी, ह्यूंदै वरना, टोयोटा यारिस, स्कोडा रैपिड, फॉक्सवैगन वेंटो, निसान सनी और फिएट लीनिया शामिल हैं। अप्रैल 2018 से लेकर मार्च 2019 तक 1,56,061 सेडान कारों की बिक्री में 1,08,003 यूनिट्स पेट्रोल और 48,058 यूनिट्स डीजल गाड़ियों की रही। इनमें 69 प्रतिशत गाड़ियां पेट्रोल और 31 फीसदी गाड़ियां डीजल इंजन वाली थीं। हालांकि इनमें से स्कोडा रैपिड, फॉक्सवैगन वेंटो, निसान सनी और फिएट लीनिया ऐसी कारें रहीं जिनकी डीजल इंजन की सबसे ज्यादा डिमांड दिखी। वहीं टोयोटा यारिस केवल पेट्रोल इंजन में ही आती है।
मारुति सियाज
मारुति की सियाज की बात करें, तो सियाज की अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक 46,191 यूनिट्स की बिक्री हुई। इनमें से 35 हजार यूनिट्स पेट्रोल इंजन वाली और 11 हजार सियाज डीजल इंजन वाली रहीं। कुल मिलाकर देखा जाये तो 76 प्रतिशत पेट्रोल और 24 प्रतिशत डीजल कारें बिकीं। गौरतलब है कि मारुति पहले ही अगले साल अप्रैल से बीएस6 मानकों को चलते डीजल इंजन बंद करने का एलान कर चुकी है।
होंडा सिटी
बात करते हैं इस सेंगमेंट में नंबर दो का खिताब हासिल करने वाली होंडा सिटी की। सिटी की इस दौरान 41,072 यूनिट्स की बिक्री हुई। इनमें 84 प्रतिशत यानी 34,647 यूनिट्स पेट्रोल वेरियंट्स की थी, जबकि मात्र 6,425 यूनिट्स डीजल की बिक्री हुई और यह आंकड़ा 16 प्रतिशत का रहा।