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Flying Car: चीन ने कार में लगाई बुलेट ट्रेन की तकनीक, 230 Kmph की स्पीड तक पहुंची यह 'फ्लाइंग कार'
Thu, 22 Sep 2022 03:59 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 22 Sep 2022 03:59 PM IST
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Flying Car in China uses magnetic technology
- फोटो : Twitter/@QinduoXu
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उड़ने वाली गाड़ियां एक सपने की तरह रही हैं। वर्षों से इन्हें हम सिर्फ साइंस फिक्शन में देखते आए हैं। हालांकि जापानी कंपनी एयरविन्स ने हाल ही में उड़ने वाली बाइक का सपना साकार होता दिखाया है। अमेरिका के डेट्रॉइट शहर में चल रहे ऑटो शो में इसका डेब्यू किया है जो पेट्रोल से चलती है। लेकिन इसके प्रॉडक्शन वर्जन के लिए अभी काफी इंतजार करना पड़ सकता है। फ्लाइंग कार या बाइक को बनाने के लिए दुनियाभर में कोशिशें की जा रही हैं। इस मैकेनिकल असंभवता को दूर करने और वास्तविकता में इसका निर्माण करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। यह सपना साकार होने के थोड़ा करीब हो सकता है, जिससे यह तय होगा कि हम आने वाले दशकों में हम एक जगह से दूरी जगह कैसे पहुंचते हैं, हम अपने दफ्तर कैसे जाते हैं, हम कैसे काम करते हैं और रहते हैं।
Flying Car in China uses magnetic technology
- फोटो : Twitter/@QinduoXu
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सिचुआन प्रांत के चेंगदू में दक्षिण-पश्चिम जियाओतोंग विश्वविद्यालय के चीनी शोधकर्ताओं ने पिछले हफ्ते मॉडिफाइड पैसेंजर कारों के लिए सड़क परीक्षण किया, जो एक कंडक्टर रेल से 35 मिलीमीटर ऊपर तैरने के लिए मैग्नेट का इस्तेमाल करती हैं।
अगर इसे दूसरे तरीके से कहा जाए तो, जिस वाहन पर यह प्रायोग किया जा रहा है वह मैग्नेटिक लेविटेशन (चुंबकीय उत्तोलन) (maglev) (मैग्लेव) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है।
शोधकर्ताओं ने आठ सेडान को मजबूत मैग्नेट के साथ वाहन के बॉटम पर रखा और 8 किमी रेल पर उनकी टेस्टिंग की। आश्चर्यजनक रूप से, आठ कारों में से एक 230 किमी प्रति घंटे की स्पीड तक पहुंच गई।
वाहनों की इस टेस्टिंग का वीडियो एक चीनी पत्रकार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस वीडियो में ट्रैक पर चलते समय कारों को कभी-कभी उड़ते हुए देखा जा सकता है।
अगर इसे दूसरे तरीके से कहा जाए तो, जिस वाहन पर यह प्रायोग किया जा रहा है वह मैग्नेटिक लेविटेशन (चुंबकीय उत्तोलन) (maglev) (मैग्लेव) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है।
शोधकर्ताओं ने आठ सेडान को मजबूत मैग्नेट के साथ वाहन के बॉटम पर रखा और 8 किमी रेल पर उनकी टेस्टिंग की। आश्चर्यजनक रूप से, आठ कारों में से एक 230 किमी प्रति घंटे की स्पीड तक पहुंच गई।
वाहनों की इस टेस्टिंग का वीडियो एक चीनी पत्रकार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस वीडियो में ट्रैक पर चलते समय कारों को कभी-कभी उड़ते हुए देखा जा सकता है।
A #maglev vehicle technology test saw a 2.8-tonne car float 35 millimeters above the road and run on a highway in #Jiangsu, east China. A permanent magnet array was installed for levitation. pic.twitter.com/7vWc8TvJpn
— QinduoXu (@QinduoXu) September 12, 2022
Flying Car in China uses magnetic technology
- फोटो : Twitter/@QinduoXu
सिन्हुआ के अनुसार, सरकारी परिवहन अधिकारियों ने हाई-स्पीड ड्राइविंग सुरक्षा उपायों पर शोध करने के लिए यह प्रयोग किए। हालांकि, वाहनों के विकास पर काम करने वाले विश्वविद्यालय के प्रोफेसर देंग जिगांग का कहना है कि, यात्री कारों के लिए मैग्नेटिक लेविटेशन को अपनाने से ऊर्जा की खपत कम की जा सकती है और ज्यादा ड्राइविंग रेंज हासिल हो सकता है।
यह इलेक्ट्रिक वाहनों में "रेंज की चिंता" को भी कम करने में मदद कर सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन इंडस्ट्री में रेंज की चिंता एक ऐसी समस्या जब ग्राहकों को चिंता होती है कि उनके वाहन की बैटरी का पावर कहीं खत्म ना हो जाए और वे अपने इलेक्ट्रिक वाहन में यात्रा पूरी नहीं कर पाएंगे।
1980 के दशक से, कुछ कमर्शियल ट्रेनों ने मैग्नेटिक लेविटेशन, या "मैग्लेव" का इस्तेमाल किया है, जो हाई स्पीड पर चीजों को चलाने या खींचने के लिए इलेक्ट्रिक मैग्नेटिक क्षेत्र का इस्तेमाल करता है। आज, दक्षिण कोरिया, चीन और जापान में मैग्लेव ट्रेनों का इस्तेमाल किया जाता है।
पिछले साल शेडोंग प्रांत के किंगदाओ में, चीन ने 600 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड के साथ एक मैग्लेव बुलेट ट्रेन को प्रदर्शित किया था।
यह इलेक्ट्रिक वाहनों में "रेंज की चिंता" को भी कम करने में मदद कर सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन इंडस्ट्री में रेंज की चिंता एक ऐसी समस्या जब ग्राहकों को चिंता होती है कि उनके वाहन की बैटरी का पावर कहीं खत्म ना हो जाए और वे अपने इलेक्ट्रिक वाहन में यात्रा पूरी नहीं कर पाएंगे।
1980 के दशक से, कुछ कमर्शियल ट्रेनों ने मैग्नेटिक लेविटेशन, या "मैग्लेव" का इस्तेमाल किया है, जो हाई स्पीड पर चीजों को चलाने या खींचने के लिए इलेक्ट्रिक मैग्नेटिक क्षेत्र का इस्तेमाल करता है। आज, दक्षिण कोरिया, चीन और जापान में मैग्लेव ट्रेनों का इस्तेमाल किया जाता है।
पिछले साल शेडोंग प्रांत के किंगदाओ में, चीन ने 600 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड के साथ एक मैग्लेव बुलेट ट्रेन को प्रदर्शित किया था।