भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और मार्च 2026 के आंकड़े इस बदलाव को साफ दर्शाते हैं। जहां Tata Motors (टाटा मोटर्स) अभी भी बाजार में अग्रणी बनी हुई है, वहीं Mahindra & Mahindra (महिंद्रा एंड महिंद्रा) ने JSW MG Motor (जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर) को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।
EV Car Sales March 2026: भारत में ईवी बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, मार्च में कंपनियों के बीच मुकाबला हुआ तेज
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जिसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने हाल ही में मार्च 2026 के मासिक यूनिट बिक्री आंकड़ों में JSW MG Motor को पीछे छोड़ दिया है।
महिंद्रा ने कैसे हासिल किया दूसरा स्थान?
महिंद्रा ने मार्च 2026 में 5,217 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर की 5,113 यूनिट्स से अधिक है।
कंपनी की इस बढ़त के पीछे उसके “बॉर्न इलेक्ट्रिक” प्लेटफॉर्म की बड़ी भूमिका रही। खासकर 31 मार्च को BE 6 और XEV 9e मॉडल की मजबूत बिक्री ने कुल आंकड़ों को ऊपर पहुंचाया।
पिछले साल की तुलना में कंपनी की मासिक बिक्री में 141 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है। साथ ही, वित्त वर्ष 2026 में इसका मार्केट शेयर बढ़कर 21.2 प्रतिशत हो गया, जो पहले 7.8 प्रतिशत था।
क्या टाटा मोटर्स अभी भी EV बाजार में नंबर-1 है?
टाटा मोटर्स ने मार्च 2026 में 8,224 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 65 प्रतिशत अधिक है।
यह आंकड़ा अभी भी अन्य कंपनियों से काफी आगे है, जिससे टाटा की बाजार में मजबूत स्थिति बनी हुई है।
लेकिन चुनौती भी बढ़ रही है। कंपनी का मार्केट शेयर घटकर वित्त वर्ष 2026 में लगभग 39.2 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल 53.4 प्रतिशत था।
क्या टाटा की बढ़त को मिल रही है चुनौती?
ऑटो सेक्टर के विश्लेषकों के अनुसार, टाटा मोटर्स अभी भी अपने अनुभव और ब्रांड वैल्यू के दम पर आगे है। लेकिन तेजी से बढ़ते और विविध उत्पादों के साथ आने वाले प्रतिस्पर्धी उसकी स्थिति को चुनौती दे रहे हैं।
महिंद्रा जैसे ब्रांड्स की तेज बढ़ोतरी और नए ईवी मॉडल्स की लॉन्चिंग से बाजार में संतुलन बदलता नजर आ रहा है।
क्या आने वाले समय में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा?
मार्च 2026 के आंकड़े संकेत देते हैं कि ईवी बाजार अब एकतरफा नहीं रहा।
नई कंपनियों की एंट्री, बेहतर तकनीक और बढ़ती मांग के कारण आने वाले महीनों में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की पूरी संभावना है।
इससे उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलेंगे और ईवी अपनाने की रफ्तार भी बढ़ेगी।