March Auto Sales: ऑटो सेक्टर के लिए एतिहासिक रहा मार्च 2026, गाड़ियों की बिक्री ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
Auto Sales March 2026 India: मार्च 2026 ऑटो सेक्टर के लिए रिकॉर्ड-तोड़ महीना साबित हुआ है। जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स में मिली कटौती के बाद बाजार में कारों, टू-व्हीलर, कमर्शियल गाड़ियों और ट्रैक्टरों की भारी डिमांड देखने को मिली है। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी प्रमुख कंपनियों ने बिक्री में शानदार उछाल दर्ज किया है। इस लेख में पढ़िए कि किस सेगमेंट में कौन सी कंपनी आगे रही और टैक्स में छूट ने कैसे ऑटो इंडस्ट्री की रफ्तार बढ़ा दी है।
विस्तार
मार्च 2026 ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बेहद शानदार महीना साबित हुआ है। पैसेंजर गाड़ियों और ट्रैक्टरों की बिक्री ने बाजार में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वहीं, टू-व्हीलर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी लगातार तेजी देखने को मिली है।
ICICI डायरेक्ट रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 (FY26) का अंत एक एतिहासिक ऊंचाई पर हुआ है। सभी तरह की गाड़ियों की बिक्री में लगभग 10% की सालाना (YoY) ग्रोथ दर्ज की गई है, जिसने इस साल कुल वाहन बिक्री का एक नया रिकॉर्ड बना दिया है।
बिक्री में इस शानदार उछाल की मुख्य वजह
इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के पीछे सबसे बड़ा हाथ जीएसटी 2.0 में हुई टैक्स कटौती का है। टैक्स कम होने से गाड़ियों की कीमतें घटीं, जिससे ग्राहकों का उत्साह बढ़ा और बाजार में गाड़ियों की जबरदस्त डिमांड देखने को मिली। इसी डिमांड के चलते देश भर की वाहन निर्माता कंपनियों ने बिक्री के शानदार आंकड़े दर्ज किए हैं।
पैसेंजर वाहन (पीवी): कार और एसयूवी की बिक्री का हाल
जीएसटी 2.0 के लागू होने के बाद कारों और एसयूवी की मांग लगातार ऊंची बनी हुई है और प्रमुख कंपनियों ने शानदार आंकड़े दर्ज किए हैं। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने 17% की ग्रोथ के साथ 2.2 लाख गाड़ियां बेची हैं। वहीं, टाटा मोटर्स ने इस सेगमेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 29% की ग्रोथ के साथ 67 हजार गाड़ियां बेचीं। टाटा के लिए सबसे खास बात उसकी इलेक्ट्रिक गाड़ियों (ईवी) की बढ़ती मांग रही, जिनकी बिक्री 77% के भारी उछाल के साथ 9,494 यूनिट्स तक पहुंच गई। इसके अलावा, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने भी बाजार में अपनी मजबूत पकड़ दिखाते हुए 25% की शानदार ग्रोथ के साथ 60 हजार गाड़ियां बेचीं, जबकि ह्यूंदै की बिक्री 2.5% की हल्की बढ़त के साथ 69 हजार यूनिट्स रही।
कमर्शियल वाहन (सीवी): ट्रक और बसों की वापसी
कमर्शियल गाड़ियों के बाजार में भी मार्च 2026 में अच्छी रिकवरी दिखी है। सरकार के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए जा रहे भारी खर्च और जीएसटी में मिली राहत के चलते इस सेक्टर ने सबको चौंकाते हुए बिक्री का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया है। कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने 17% की शानदार बढ़ोतरी के साथ 48 हजार यूनिट्स की बिक्री की है। वहीं, आयशर के जॉइंट वेंचर वीईसीवी (VECV) ने भी 10% का उछाल दर्ज करते हुए 13,300 गाड़ियां बेचीं। इसके अलावा, अशोक लेलैंड ने 5.5% की ग्रोथ के साथ 25 हजार गाड़ियां बेचीं, हालांकि कंपनी का यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों से थोड़ा कम रहा।
टू-व्हीलर और ट्रैक्टर: गांवों और शहरों दोनों में डिमांड
टू-व्हीलर और ट्रैक्टर सेक्टर भी इस पॉजिटिव ट्रेंड में पीछे नहीं रहे हैं। टीवीएस मोटर्स ने बाजार में 24.5% की शानदार ग्रोथ के साथ 4.98 लाख गाड़ियां बेचीं, जिसमें उनके एक्सपोर्ट में हुई 23% की जबरदस्त ग्रोथ का भी एक बड़ा योगदान रहा। वहीं, आयशर मोटर्स की प्रीमियम बाइक ब्रांड रॉयल एनफील्ड ने 11.2% की ग्रोथ के साथ 1.1 लाख बुलेट और अन्य बाइक्स की बिक्री दर्ज की। अगर ट्रैक्टर बाजार की बात करें तो वहां महिंद्रा का दबदबा पूरी तरह से कायम है। कंपनी ने 29% के भारी उछाल के साथ 45 हजार ट्रैक्टर बेचे हैं। इसके साथ ही, एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने भी 6.6% की स्थिर ग्रोथ बनाए रखते हुए बाजार में 12 हजार ट्रैक्टरों की बिक्री की है।
वाहन पोर्टल के अनुसार रिटेल बिक्री
रिपोर्ट के अनुसार, अगर हम ग्राहकों के जरिए असल में खरीदी और रजिस्टर की गई गाड़ियों की बात करें तो सरकार के वाहन पोर्टल पर मार्च 2026 में लगभग 26.9 लाख गाड़ियां रजिस्टर हुईं। यह मार्च 2025 के 21.5 लाख के आंकड़े से 25% ज्यादा है। कुल मिलाकर, जीएसटी 2.0 सुधारों की बदौलत पूरा वित्त वर्ष 2026 ऑटो सेक्टर के लिए डबल डिजिट ग्रोथ लेकर आया है। इसमें ट्रैक्टर सेगमेंट सबसे बड़ा विनर बनकर उभरा है।