बंगलूरू में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग में अचानक तेज उछाल देखने को मिला है। 31 मार्च को शहर में एक ही दिन में 13,000 से अधिक ईवी रजिस्टर किए गए, जो अब तक के सबसे बड़े आंकड़ों में से एक है।
EV: बंगलूरू में ईवी की रिकॉर्ड बिक्री, एक दिन में 13,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, जानें क्या है वजह
बंगलूरू में इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन में आई भारी तेजी ने उपभोक्ताओं की पसंद में आ रहे एक बढ़ते बदलाव की ओर ध्यान खींचा है। जो कि नीतिगत बदलावों और ईंधन से जुड़ी चिंताओं के मिले-जुले असर का नतीजा है।
क्या इस बढ़ोतरी में दोपहिया वाहनों की बड़ी भूमिका रही?
आरटीओ के अनुसार, इस बड़े उछाल में सबसे ज्यादा योगदान इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रहा।
कम कीमत और आसान उपलब्धता के कारण लोग इस सेगमेंट की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
क्या EV रजिस्ट्रेशन में 400% तक की बढ़ोतरी हुई?
जनवरी 2026 से शहर में औसतन 267 ईवी प्रतिदिन रजिस्टर हो रहे हैं, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 400 प्रतिशत ज्यादा है।
यह आंकड़ा बताता है कि ईवी अपनाने की गति अब पहले से कहीं ज्यादा तेज हो चुकी है।
अचानक इतनी बड़ी बढ़ोतरी की वजह क्या रही?
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण 1 अप्रैल से लागू नया मोटर व्हीकल टैक्स नियम रहा।
कई खरीदारों ने नए टैक्स लागू होने से पहले पुराने फायदे का लाभ लेने के लिए 31 मार्च को ही अपने वाहन रजिस्टर कराए।
नए टैक्स नियमों में क्या बदलाव हुआ है?
नई व्यवस्था के तहत EV कारों पर अब कीमत के अनुसार लाइफटाइम टैक्स लगाया जा रहा है:
-
10 लाख रुपये तक: 5 प्रतिशत टैक्स
-
10–25 लाख रुपये: 8 प्रतिशत टैक्स
-
25 लाख रुपये से ऊपर: 10 प्रतिशत टैक्स
पहले 25 लाख रुपये तक के अधिकांश ईवी वाहनों पर लाइफटाइम रोड टैक्स में छूट मिलती थी।
क्या बढ़ती ईंधन कीमतों ने भी असर डाला?
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने भी ईवी की मांग बढ़ाई है।मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण लोग वैकल्पिक और सस्ते परिवहन विकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
क्या यह ट्रेंड सिर्फ बंगलूरू तक सीमित है?
यह बढ़त केवल बंगलूरू तक सीमित नहीं है। पूरे कर्नाटक में ईवी रजिस्ट्रेशन 2026 में 50,000 का आंकड़ा पार कर चुका है।
जनवरी से मार्च के बीच 54,379 ईवी रजिस्टर हुए, जो पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
मार्च महीने में ही करीब 24,000 रजिस्ट्रेशन हुए, जिसमें आधे से ज्यादा बंगलूरू से आए।
क्या बदल रही है खरीदारों की सोच?
यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि अब लोग ईवी को केवल विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक और भविष्य के अनुकूल समाधान के रूप में देख रहे हैं।
साथ ही, खरीदार अब नीतियों और लागत के अनुसार अपनी खरीद का समय भी तय कर रहे हैं, जिससे बाजार में नई रणनीतिक सोच उभरकर सामने आ रही है।