देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती संख्या के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने संसद को बताया है कि अब देशभर में 52,718 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं। इनमें 16,561 ऐसे स्टेशन भी शामिल हैं, जहां कारों के लिए फास्ट ईवी चार्जर लगाए गए हैं।
EV: देश में 52,700 से अधिक पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन तैयार, 16,561 फास्ट चार्जर मौजूद, सरकार ने संसद को बताया
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और चार्जिंग की चिंता को दूर करने के लिए देश भर में बुनियादी ढांचे को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। मंगलवार को लोकसभा में सरकार ने देश में मौजूद सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों का आधिकारिक आंकड़ा संसद के सामने रखा। भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि सरकार निजी ईवी उपयोगकर्ताओं की सहूलियत के लिए शहरों और हाईवे पर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने के लिए कई बड़े और नीतिगत कदम उठा रही है।
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देश में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की कुल संख्या कितनी है?
संसद में सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, देश भर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति निम्नलिखित है:
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कुल सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन:
भारत में इस समय कुल 52,718 सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो चुके हैं। -
फोर-व्हीलर्स के लिए फास्ट चार्जर्स:
इन कुल स्टेशनों में से 16,561 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन ऐसे हैं जो कारों के लिए विशेष फास्ट ईवी चार्जर्स (Fast EV Chargers) से लैस हैं। -
रेंज एंग्जायटी से राहत:
सरकार का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर चलने वाले निजी ईवी चालकों के मन से बैटरी खत्म होने के डर को पूरी तरह खत्म करना है।
चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने के लिए सरकार ने कितना बजट और कौन-सी नीतियां बनाई हैं?
देश भर में, विशेष रूप से प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए सरकार ने भारी भरकम बजटीय आवंटन और नियम लागू किए हैं:
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FAME-II और PM E-DRIVE का बजट:
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FAME-II योजना: भारी उद्योग मंत्रालय ने सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए FAME-II योजना के तहत 912.50 करोड़ रुपये आवंटित किए।
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PM E-DRIVE योजना: देश भर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की तैनाती के लिए PM E-DRIVE योजना के तहत अलग से 2,000 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
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2024 की नई गाइडलाइन्स:
ऊर्जा मंत्रालय ने "इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालन और स्थापना के लिए दिशानिर्देश 2024" जारी किए हैं। यह नियम बैटरी स्वैपिंग (बैटरी बदलने) और चार्जिंग स्टेशनों सहित एक आपस में जुड़े और इंटरऑपरेबल चार्जिंग नेटवर्क के मानक प्रदान करते हैं। -
बिना लाइसेंस के स्टेशन खोलने की छूट:
चार्जिंग नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ाने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को एक 'लाइसेंस-मुक्त गतिविधि' बना दिया गया है।मतलब: इस ढील के कारण निजी उद्यमी और कारोबारी बिना किसी जटिल लाइसेंसिंग प्रक्रिया के बेहद आसानी से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर सकते हैं।
PM E-DRIVE योजना में इलेक्ट्रिक कारों को शामिल क्यों नहीं किया गया?
लोकसभा में यह सवाल भी पूछा गया कि पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना में इलेक्ट्रिक कारों को शामिल क्यों नहीं किया गया। यानी पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक कारों को सब्सिडी या वित्तीय सहायता क्यों नहीं दी गई, तो सरकार ने इसकी स्पष्ट वजह बताई:
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PLI Auto योजना के तहत सहायता:
सरकार ने बताया कि चार पहिया इलेक्ट्रिक कारों को 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI Scheme for Automobile and Auto Components) योजना के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है। -
13% से 18% तक का वित्तीय इंसेंटिव:
PLI ऑटो योजना के तहत पात्र ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को एडवांस ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (AAT) वाहनों, जिसमें इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर्स भी शामिल हैं, की निर्धारित अतिरिक्त बिक्री पर 13 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक का वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है।
FAME-II और PM E-DRIVE योजनाओं से ईवी सेक्टर को अब तक क्या हासिल हुआ?
सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई दोनों प्रमुख योजनाओं के उपलब्धियों और बजट का पूरा ब्यौरा पेश किया:
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FAME-II योजना की उपलब्धियां:
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समयसीमा और बजट: यह योजना 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च, 2024 तक 11,500 करोड़ रुपये के कुल बजटीय सहयोग के साथ लागू की गई थी।
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वाहनों की बिक्री को समर्थन: इस योजना ने लगभग 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में मदद की, जिनमें दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहन शामिल हैं।
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ई-बसें और चार्जिंग: 30 जून, 2026 तक इस योजना के तहत 5,197 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती को सहायता दी गई। जबकि ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए 912.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
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PM E-DRIVE योजना का खाका:
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अधिसूचना और कुल परिव्यय: 29 सितंबर, 2024 को अधिसूचित की गई इस नई योजना का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये तय किया गया है।
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28.30 लाख वाहनों का लक्ष्य: इसका लक्ष्य लगभग 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन देना है, जिनमें इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीन पहिया, ट्रक, बसें और एम्बुलेंस शामिल हैं।
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जांच एजेंसियों का अपग्रेडेशन: इस योजना के तहत ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए 2,000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ-साथ वाहनों की टेस्टिंग करने वाली सरकारी एजेंसियों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) का प्रावधान भी शामिल है।
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