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Karnataka EV Policy: कर्नाटक सरकार नई ईवी नीति में बुनियादी ढांचे पर देगी ध्यान, एक लाख नौकरियां होंगी पैदा
Mon, 13 Nov 2023 06:55 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 13 Nov 2023 06:55 PM IST
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Electric Vehicles
- फोटो : Pixabay
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कर्नाटक सरकार अगले पांच वर्षों के लिए अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति को संशोधित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। राज्य सरकार ने अपनी नई ईवी नीति का एक मसौदा जारी किया है जिसके जरिए वह लगभग 50,000 करोड़ रुपये का निवेश लाने की योजना बना रही है। ईवी नीति के मसौदे में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और आने वाले दिनों में ईवी अपनाने में तेजी लाने में मदद करने के लिए बिजली शुल्क कम करने जैसी अन्य पहलों के अलावा नौकरी के अवसर पैदा करने का भी प्रस्ताव है। कर्नाटक, जहां भारत के कई वाहन निर्माताओं स्थित हैं, इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में सबसे बड़े राज्यों में से एक है।
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कर्नाटक की संशोधित मसौदा इलेक्ट्रिक वाहन नीति (2023-28) को जल्द ही अपनाए जाने की उम्मीद है। इसके तहत राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए मॉडल ईवी शहरों को विकसित करने की भी योजना है। इस पहल के लिए निर्धारित कुछ शहरों में कालाबुरागी, बेलगावी, हुबली-धारवाड़ और मैसूरु शामिल हैं। ईवी नीति के मसौदे के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बंगलूरु-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रमुख टोल बूथों पर ईवी चार्जिंग पॉइंट भी लगाएगा। राज्य सरकार ने गौरीबिदानूर (चिक्कबल्लापुर) और चिक्कमल्लीगेवाड़ा (धारवाड़) में बड़े ईवी क्लस्टर लगाने का भी प्रस्ताव दिया है। इसमें कहा गया है कि इन दोनों जगहों पर जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है जिसे संभावित निवेशकों को पेश किया जाएगा।
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- फोटो : Pixabay
कर्नाटक 2017 में व्यापक ईवी नीति शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य था। इसे बाद में 2021 में नए इंसेंटिव के साथ संशोधित किया गया था। राज्य में इस समय लगभग 2.5 लाख ईवी हैं, जो ईवी पंजीकरण और लगभग 700 ईवी चार्जिंग स्टेशन के साथ तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। ईवी नीति के मसौदे में कहा गया है, ''प्रस्तावित संशोधित मसौदा नीति ने ईवी टेस्टिंग के साथ सर्टिफिकेशन फेसिलिटी की स्थापना के लिए बेस्ट-इन-क्लास निजी ऑपरेटरों को शामिल करने के लिए टेस्टिंग सेंटर के लिए पूंजीगत सब्सिडी को 30 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। मौजूदा नीति पांच साल के लिए 15 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी सीमा और एक प्रतिशत प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) प्रदान करती है।''
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मसौदा नीति में सेल कंपोनेंट्स, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड व्हीकल्स, बैटरी रीसाइक्लिंग फेसिलिटी और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन का भी प्रस्ताव है। राज्य सरकार माइक्रो और लघु उद्यमों और मध्यम आकार के उद्यमों के लिए पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान करेगी। 10,000 वर्ग फुट से ज्यादा में फैली संपत्तियों पर तीन साल के लिए किराए पर 30 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (रीइंबर्समेंट) या अधिकतम पांच रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह के साथ किराये की सब्सिडी का प्रावधान है।