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EV BAAS: क्या बैटरी सब्सक्रिप्शन वाली ईवी खरीदना फायदे का सौदा है? शुरुआती कीमत कम, बाद में कितना होगा खर्च?

Sat, 11 Jul 2026 07:23 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 11 Jul 2026 07:23 PM IST
सार

इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों ने 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' (BaaS) को ईवी को सुलभ बनाने के लिए पेश किया। इस मॉडल का इस्तेमाल करके कंपनियां गाड़ियों की शुरुआती कीमत बहुत कम कर देती हैं, ताकि लोग इसे आसानी से खरीद सकें। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी है। जानें इसका आपकी जेब पर कितना असर पड़ता है?

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Planning to Buy an EV? Battery Subscription Plans May Reduce Upfront Cost but Increase Long-Term Expenses
Electric Car BaaS Model - फोटो : Amar Ujala

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अधिक किफायती बनाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियां अब 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' (Battery-as-a-Service) (BaaS) मॉडल पर जोर दे रही हैं। इस व्यवस्था में ग्राहक वाहन खरीदते समय बैटरी की पूरी कीमत नहीं चुकाते, जिससे कार की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है। हालांकि, इसके बदले बैटरी के लिए अलग से मासिक या इस्तेमाल के आधार पर भुगतान करना पड़ता है। जिससे लंबे समय में वाहन का कुल खर्च बढ़ सकता है। 

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Battery-as-a-Service (BaaS) क्या है और इससे शुरुआती कीमत कैसे कम होती है?

BaaS मॉडल में वाहन और बैटरी को अलग-अलग माना जाता है। ग्राहक कार खरीदते समय केवल वाहन की कीमत चुकाते हैं। जबकि बैटरी का भुगतान अलग योजना के तहत किया जाता है।

  • शुरुआती कीमत में बड़ी कमी आती है।
    बैटरी की कीमत अलग होने से ईवी खरीदने के लिए शुरुआती निवेश कम करना पड़ता है। जिससे ज्यादा ग्राहक इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर विचार कर सकते हैं।

  • Tata Punch EV की कीमत 9.7 लाख से घटकर 6.5 लाख रुपये हो जाती है।
    बैटरी फाइनेंसिंग प्लान के तहत इस मॉडल की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है।

  • Hyundai Creta Electric भी करीब 7 लाख रुपये सस्ती हो जाती है।
    BaaS मॉडल के तहत इसकी शुरुआती कीमत 18 लाख रुपये से घटकर लगभग 11 लाख रुपये रह जाती है।

  • Maruti Suzuki Grand Vitara EV की शुरुआती कीमत भी लगभग 8 लाख रुपये तक कम हो सकती है।
    इस मॉडल में भी बैटरी को अलग फाइनेंस करने की सुविधा मिलने से शुरुआती खरीद आसान हो जाती है।

Planning to Buy an EV? Battery Subscription Plans May Reduce Upfront Cost but Increase Long-Term Expenses
EV Charging - फोटो : Adobe Stock

क्या बाद में बैटरी के लिए अलग से भुगतान करना होगा?

शुरुआत में कीमत कम जरूर होती है, लेकिन BaaS मॉडल में बैटरी का खर्च अलग से देना पड़ता है।

  • बैटरी के लिए नियमित भुगतान करना होता है।
    वाहन खरीदने के बाद ग्राहक को बैटरी उपयोग के आधार पर अलग शुल्क देना पड़ता है, जिससे समय के साथ कुल खर्च बढ़ सकता है।

  • कुछ योजनाओं में न्यूनतम मासिक उपयोग की शर्त होती है।
    यानी कम दूरी चलाने पर भी तय न्यूनतम शुल्क देना पड़ सकता है।

  • 5 से 8 साल में खर्च कई लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
    लगातार बैटरी भुगतान, टैक्स, संभावित शुल्क वृद्धि और फाइनेंसिंग चार्ज मिलाकर कुल स्वामित्व लागत काफी बढ़ सकती है। 
     

बैटरी सब्सक्रिप्शन का खर्च कितना हो सकता है?

वर्तमान BaaS योजनाओं में बैटरी उपयोग के आधार पर प्रति किलोमीटर शुल्क लिया जाता है।

  • प्रति किलोमीटर 2.3 रुपये से 5 रुपये तक का शुल्क।
    अलग-अलग कंपनियां और मॉडल अपने हिसाब से बैटरी उपयोग का शुल्क तय कर रही हैं।

  • 15,000 किलोमीटर सालाना चलाने पर करीब 60,000 रुपये का खर्च।
    यदि बैटरी उपयोग शुल्क 4 रुपये प्रति किलोमीटर है, तो एक साल में लगभग 60 हजार रुपये का भुगतान करना होगा।

  • 5 साल में करीब 3 लाख रुपये का बैटरी खर्च।
    यह अनुमान केवल बैटरी शुल्क का है। इसमें टैक्स, शुल्क वृद्धि और फाइनेंसिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।

Planning to Buy an EV? Battery Subscription Plans May Reduce Upfront Cost but Increase Long-Term Expenses
EV Charging - फोटो : Adobe Stock

कम गाड़ी चलाने वालों के लिए यह मॉडल महंगा कैसे पड़ सकता है?

कुछ कंपनियां न्यूनतम मासिक बिलिंग की शर्त भी रखती हैं। ऐसे में कम उपयोग करने वाले ग्राहकों को भी तय राशि चुकानी पड़ सकती है।

  • Citroen eC3X में 2,000 किलोमीटर की न्यूनतम मासिक बिलिंग।
    अगर ग्राहक इससे कम दूरी भी तय करता है, तब भी उसे लगभग 4,520 रुपये का न्यूनतम बैटरी बिल देना होगा।

  • Maruti Suzuki e Vitara में 1,800 किलोमीटर की न्यूनतम सीमा।
    इस योजना में हर महीने करीब 7,200 रुपये का न्यूनतम बैटरी शुल्क लागू होता है।

  • 800 से 1,000 किलोमीटर चलाने वालों पर ज्यादा असर।
    कम दूरी तय करने वाले ग्राहकों के लिए प्रति किलोमीटर वास्तविक बैटरी खर्च बढ़ जाता है, क्योंकि उपयोग न होने पर भी न्यूनतम शुल्क देना पड़ता है।


क्या ग्राहक केवल कम एक्स-शोरूम कीमत देखकर फैसला कर रहे हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, कई ग्राहक केवल कम शुरुआती कीमत देखकर BaaS मॉडल चुन लेते हैं, जबकि बाद के खर्चों पर कम ध्यान देते हैं।

  • दो अलग-अलग भुगतान करने पड़ते हैं।
    BaaS मॉडल में ग्राहक को एक तरफ वाहन लोन की EMI देनी होती है। और दूसरी तरफ बैटरी का अलग भुगतान भी करना पड़ता है।

  • Tata Punch EV का उदाहरण।
    इस मॉडल में वाहन की EMI कम हो सकती है, लेकिन बैटरी की फाइनेंसिंग अलग जारी रहती है। ऐसे में शुरुआती बचत समय के साथ कम हो सकती है।

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EV Charging - फोटो : Adobe Stock

वाहन निर्माता कंपनियां BaaS मॉडल को कैसे देखती हैं?

ऑटो कंपनियों का कहना है कि BaaS मॉडल इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक किफायती बनाने के लिए लाया गया है।

  • Tata Motors ने इसे फाइनेंसिंग टूल बताया।
    कंपनी के अनुसार BaaS मुख्य रूप से ऐसा वित्तीय विकल्प है, जिसका मकसद ईवी खरीदने की शुरुआती लागत कम करना है। न कि इसे मोबिलिटी सर्विस के रूप में पेश करना।

  • ज्यादातर ग्राहक पूरी मालिकाना हक वाली ईवी पसंद करते हैं।
    टाटा मोटर्स के प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी का मानना है कि ज्यादातर ग्राहक अभी भी बैटरी समेत पूरी इलेक्ट्रिक कार खरीदना पसंद करते हैं।

 

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EV Charging - फोटो : Freepik

MG Motor इस मॉडल को लेकर क्या दावा कर रही है?

JSW MG Motor India का कहना है कि उसके BaaS मॉडल को ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

  • 2024 में Windsor EV के साथ BaaS की शुरुआत हुई।
    इसके बाद कंपनी ने अपने पूरे MG इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो में यह सुविधा उपलब्ध करा दी।

  • अब 12 प्रतिशत से 15 प्रतिशत ईवी बिक्री BaaS के जरिए हो रही है।
    कंपनी के मुताबिक, धीरे-धीरे इस मॉडल को अपनाने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है।

  • बैटरी अलग होने से शुरुआती खरीद आसान होती है।
    कंपनी का कहना है कि बैटरी की कीमत अलग करने से ग्राहक कम निवेश में ईवी खरीद सकते हैं।

    कंपनी का दावा है कि लंबे समय में BaaS मॉडल ग्राहकों की रनिंग कॉस्ट कम कर सकता है।

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