भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Renault India (रेनो इंडिया) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस खास सहयोग का मुख्य उद्देश्य भारत में ही वाहनों के रिसर्च और डेवलपमेंट की क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। दोनों दिग्गजों ने इसके लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी से Renault India को क्या फायदा होगा?
रेनो इंडिया अपनी पैसेंजर गाड़ियों की परफॉर्मेंस को और बेहतर बनाने के लिए आईआईटी कानपुर की वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं का इस्तेमाल करेगी।
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नेशनल विंड टनल फैसिलिटी (NWTF) का उपयोग:
रेनो इंडिया इस साझेदारी के तहत IIT कानपुर की बेहद आधुनिक 'नेशनल विंड टनल फैसिलिटी' का फायदा उठाएगी।-
क्या हैं इसके मायने? कंपनी इस सुविधा का उपयोग करके अपनी आने वाली यात्री गाड़ियों के लिए एडवांस एयरोडायनामिक और विंड-नॉइस (हवा से होने वाली आवाज) की टेस्टिंग करेगी। इससे गाड़ियों की स्पीड, स्टेबिलिटी और केबिन के आराम को सुधारा जा सकेगा।
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ग्लोबल एक्सपर्टाइज और रिसर्च का मेल:
रेनो ग्रुप इंडिया के चीफ ऑफ इंजीनियरिंग, विक्रमन वी. के अनुसार, यह कदम भारत में रेनो की इंजीनियरिंग क्षमता को मजबूत करेगा।-
क्या हैं इसके मायने? यह पार्टनरशिप दुनिया भर में रेनो की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और आईआईटी कानपुर के वर्ल्ड-क्लास रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को एक मंच पर लाती है। ताकि भविष्य के लिए तैयार गाड़ियां विकसित की जा सकें।
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