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Traffic Violations: सावधान! जल्द ही बार-बार ट्रैफिक उल्लंघन करने पर निलंबित हो सकता है लाइसेंस, जानें डिटेल्स
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 05 May 2025 04:31 PM IST
सार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय अब देश में ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए एक नया पॉइंट-बेस्ड सिस्टम लाने की तैयारी कर रहा है। ये सिस्टम अमेरिका, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में पहले से लागू है।
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Delhi Police arrests youngster dressed like Spiderman for traffic violation
- फोटो : X/@MihirkJha
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय अब देश में ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए एक नया पॉइंट-बेस्ड सिस्टम लाने की तैयारी कर रहा है। ये सिस्टम अमेरिका, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में पहले से लागू है, जहां हर ट्रैफिक उल्लंघन पर कुछ नेगेटिव पॉइंट्स जुड़ते हैं। अगर किसी ड्राइवर के खाते में ये पॉइंट्स ज्यादा हो जाते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह जानकारी सामने आई है।
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Traffic Violation
- फोटो : X/@IdiotsRoads
क्या है यह नया सिस्टम? जानिए आसान भाषा में
हाल ही में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बैठक हुई, जिसमें सरकार, एनजीओ, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स और अन्य जिम्मेदार लोग शामिल हुए। इस मीटिंग में मंत्रालय ने इस नए सिस्टम का शुरुआती खाका साझा किया। इस प्लान के तहत गलती करने वालों को डिमेरिट पॉइंट्स मिलेंगे। जबकि सही तरीके से गाड़ी चलाने वाले या दूसरों की मदद करने वालों को मेरिट पॉइंट्स भी दिए जाएंगे। इसका मतलब सिर्फ सजा नहीं, अच्छे चालकों को इनाम भी मिलेगा। जैसे वो लोग जो ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं या दुर्घटना के समय दूसरों की मदद करते हैं।
यह भी पढ़ें - EV: इलेक्ट्रिक वाहनों से इंजन पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों को खतरा, लेकिन नई टेक्नोलॉजी में हैं मौके, रिपोर्ट में खुलासा
हाल ही में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बैठक हुई, जिसमें सरकार, एनजीओ, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स और अन्य जिम्मेदार लोग शामिल हुए। इस मीटिंग में मंत्रालय ने इस नए सिस्टम का शुरुआती खाका साझा किया। इस प्लान के तहत गलती करने वालों को डिमेरिट पॉइंट्स मिलेंगे। जबकि सही तरीके से गाड़ी चलाने वाले या दूसरों की मदद करने वालों को मेरिट पॉइंट्स भी दिए जाएंगे। इसका मतलब सिर्फ सजा नहीं, अच्छे चालकों को इनाम भी मिलेगा। जैसे वो लोग जो ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं या दुर्घटना के समय दूसरों की मदद करते हैं।
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Traffic Violation
- फोटो : X/@blrcitytraffic
क्यों लाया जा रहा है ये सिस्टम?
2019 में मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव कर जुर्माने की राशि तो बढ़ा दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद भी हर साल 1.7 लाख से ज्यादा लोगों की सड़क हादसों में मौत हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि जुर्माना से ज्यादा असरदार तरीका होगा पॉइंट-बेस्ड सिस्टम, जिसे डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए ट्रैक किया जा सके।
यह भी पढ़ें - Car Safety: GNCAP की अपील- 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली हों कॉर्पोरेट फ्लीट, बहुत अहम है वजह
2019 में मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव कर जुर्माने की राशि तो बढ़ा दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद भी हर साल 1.7 लाख से ज्यादा लोगों की सड़क हादसों में मौत हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि जुर्माना से ज्यादा असरदार तरीका होगा पॉइंट-बेस्ड सिस्टम, जिसे डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए ट्रैक किया जा सके।
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Traffic Violation Bengaluru
- फोटो : X/@Lollubee
बार-बार गलती करने पर लाइसेंस टेस्ट फिर से देना पड़ सकता है
इस प्रस्ताव में एक खास बात ये भी है कि जिन लोगों का ट्रैफिक रिकॉर्ड खराब है, उन्हें लाइसेंस रिन्यू कराने से पहले फिर से ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ सकता है। यानी सिर्फ कागज पर साइन करके लाइसेंस बढ़वाना नहीं चलेगा।
साथ ही, सरकार की योजना है कि लो-स्पीड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (1,500 वॉट से कम पावर और 25 किमी प्रति घंटा की स्पीड वाली गाड़ियां) चलाने वालों के लिए भी अब लीनर लाइसेंस जरूरी किया जाए। इससे ई-स्कूटर जैसे वाहनों को चलाने वालों की भी ट्रेनिंग और जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।
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इस प्रस्ताव में एक खास बात ये भी है कि जिन लोगों का ट्रैफिक रिकॉर्ड खराब है, उन्हें लाइसेंस रिन्यू कराने से पहले फिर से ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ सकता है। यानी सिर्फ कागज पर साइन करके लाइसेंस बढ़वाना नहीं चलेगा।
साथ ही, सरकार की योजना है कि लो-स्पीड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (1,500 वॉट से कम पावर और 25 किमी प्रति घंटा की स्पीड वाली गाड़ियां) चलाने वालों के लिए भी अब लीनर लाइसेंस जरूरी किया जाए। इससे ई-स्कूटर जैसे वाहनों को चलाने वालों की भी ट्रेनिंग और जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।
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Traffic policemen impose penalties on traffic offenders
- फोटो : PTI
पहले भी आया था ऐसा प्रस्ताव
ये पहला मौका नहीं है जब ऐसा सिस्टम लाने की बात हो रही है। 2011 में भी एक विशेषज्ञ समिति ने सुझाव दिया था कि अगर किसी के खाते में तीन साल में 12 पॉइंट्स जुड़ जाएं तो उसका लाइसेंस निलंबित किया जाए। और जो बार-बार नियम तोड़ें, उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। लेकिन उस वक्त डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई।
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ये पहला मौका नहीं है जब ऐसा सिस्टम लाने की बात हो रही है। 2011 में भी एक विशेषज्ञ समिति ने सुझाव दिया था कि अगर किसी के खाते में तीन साल में 12 पॉइंट्स जुड़ जाएं तो उसका लाइसेंस निलंबित किया जाए। और जो बार-बार नियम तोड़ें, उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। लेकिन उस वक्त डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई।
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