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Nitin Gadkari: गडकरी ने किया एलान- सरकारी वाहन इतने दिनों में हो जाएंगे कबाड़, सरकारी नियमों में हुआ यह बदलाव
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 25 Nov 2022 05:31 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार के 15 साल पूरे कर चुके सभी वाहनों को स्क्रैप कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में एक नीति राज्यों को भेज दी गई है। गडकरी नागपुर में वार्षिक 'एग्रो-विजन' कृषि प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के मौके पर बोल रहे थे।
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नितिन गडकरी
- फोटो : For Reference Only
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार के 15 साल पूरे कर चुके सभी वाहनों को स्क्रैप कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में एक नीति राज्यों को भेज दी गई है। गडकरी नागपुर में वार्षिक 'एग्रो-विजन' कृषि प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के मौके पर बोल रहे थे।
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ambassador car
- फोटो : For Reference Only
उन्होंने कहा, "कल, मैंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एक फाइल पर हस्ताक्षर किए कि भारत सरकार के सभी वाहन जो 15 साल पूरे कर चुके हैं, उन्हें कबाड़ में भेज दिया जाएगा। मैंने भारत सरकार की इस नीति को सभी राज्यों को भेज दिया है। उन्हें इस नीति को राज्य स्तर पर अपनाना चाहिए।"
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Ethanol
सभा को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा कि पानीपत में इंडियन ऑयल के दो प्लांट लगभग शुरू हो गए हैं। जिनमें से एक प्रति दिन एक लाख लीटर इथेनॉल का उत्पादन करेगा, जबकि दूसरा चावल के भूसे का इस्तेमाल करके प्रति दिन 150 टन बायो-बिटुमेन का उत्पादन करेगा।
उन्होंने कहा कि यह पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और देश के चावल उत्पादक हिस्सों के रूप में एक बड़ा बदलाव है, जहां चावल की पराली जलाने से प्रदूषण होता है। अब चावल के भूसे का इस्तेमाल इथेनॉल और बायो बिटुमेन बनाने के लिए किया जाएगा।
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पराली
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा, "हमें देश में और ज्यादातर सड़क परिवहन विभाग में 80 लाख टन बायो-बिटुमेन की जरूरत है। देश में लगभग 50 लाख टन बिटुमेन का निर्माण होता है और हम इसका लगभग 25 लाख टन आयात करते हैं।"
उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि जब इस तरह की परियोजनाएं शुरू होंगी, तो हमारे देश को कोलतार आयात करने की जरूरत नहीं होगी। गांवों, जिलों, राज्यों और राष्ट्रीय राजमार्गों में हमारी सड़कें किसानों द्वारा उत्पादित चावल के भूसे का इस्तेमाल करके बिटुमेन से बनाई जाएंगी।"
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इथेनॉल
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गडकरी ने असम में इंडियन ऑयल की एक और परियोजना के बारे में भी बताया, जहां बायोएथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा।
गडकरी ने कहा, "बंजर भूमि पर बांस की खेती की जाएगी, जिससे बायोएथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। हमारे किसान न सिर्फ अन्नदाता बने रहेंगे, बल्कि वे ऊर्जा प्रदाता भी बनेंगे।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे, और उन्होंने गडकरी के प्रयासों की सराहना की।
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