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Car Recall: कंपनियां क्यों करती हैं कारें रिकॉल, क्या होता है मतलब और आपके लिए क्यों है जरूरी
Sun, 04 Sep 2022 01:26 PM IST
समीर गोयल
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: समीर गोयल
Updated Sun, 04 Sep 2022 01:26 PM IST
सार
कंपनियों की ओर से रिकॉल क्यों किया जाता है और ऐसा करने पर कंपनियों की ओर से क्या जरूरी बदलाव किये जाते हैं। इस खबर में हम इसकी पूरी जानकारी आपको दे रहे हैं।
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कार रिकॉल
- फोटो : सोशल मीडिया
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दुनियाभर में ऑटोमोबाइल कंपनियां समय-समय पर अपने वाहनों को रिकॉल करते हैं। ऐसा करने पर कंपनियों की ओर से एक निश्चित मॉडल, मैन्युफैक्चरिंग ईयर सहित पूरी जानकारी किसी भी वाहन को रिकॉल करते समय देती है। क्या आपको पता है कि कंपनियों की ओर से रिकॉल क्यों किया जाता है और ऐसा करने पर कंपनियों की ओर से क्या जरूरी बदलाव किये जाते हैं। इस खबर में हम इसकी पूरी जानकारी आपको दे रहे हैं।
कार रिकॉल
- फोटो : सोशल मीडिया
कंपनियां क्यों करती हैं रिकॉल
कोई भी कंपनी अपने वाहन को तब रिकॉल करती है जब उसमें लगे किसी भी तरह के उपकरण, सीट, टायर, एयरबैग या फिर कोई भी ऐसा पॉर्ट्स जिसमें किसी भी तरह की खामी की जानकारी कंपनी को मिले और उससे यात्री की सुरक्षा पर खतरा हो जाए। ज्यादातर मामलों में कंपनियां अपना वाहन बेचने से पहले कई टेस्ट करती हैं लेकिन अगर वाहन बेचने के बाद उन्हें किसी खामी का पता चलता है तो वाहन को रिकॉल किया जाता है।
कोई भी कंपनी अपने वाहन को तब रिकॉल करती है जब उसमें लगे किसी भी तरह के उपकरण, सीट, टायर, एयरबैग या फिर कोई भी ऐसा पॉर्ट्स जिसमें किसी भी तरह की खामी की जानकारी कंपनी को मिले और उससे यात्री की सुरक्षा पर खतरा हो जाए। ज्यादातर मामलों में कंपनियां अपना वाहन बेचने से पहले कई टेस्ट करती हैं लेकिन अगर वाहन बेचने के बाद उन्हें किसी खामी का पता चलता है तो वाहन को रिकॉल किया जाता है।
कार रिकॉल
- फोटो : सोशल मीडिया
रिकॉल करने के समय क्या जानकारी देती हैं कंपनियां
जब किसी कंपनी को अपने किसी वाहन में खामी का पता चलता है तो उसके बाद कंपनी की ओर से किसी खास प्रोडक्ट, उसके बनने की अवधि, किस पार्ट के लिए रिकॉल किया जा रहा है ये सब जानकारी दी जाती हैं। ये जानकारियां ग्राहकों को न्यूज, सोशल मीडिया और प्रेस रिलीज जारी करने के साथ ही डीलरशिप पर दी जाती हैं। कई मामलों में ग्राहकों को सीधे भी जानकारी दी जाती है।
जब किसी कंपनी को अपने किसी वाहन में खामी का पता चलता है तो उसके बाद कंपनी की ओर से किसी खास प्रोडक्ट, उसके बनने की अवधि, किस पार्ट के लिए रिकॉल किया जा रहा है ये सब जानकारी दी जाती हैं। ये जानकारियां ग्राहकों को न्यूज, सोशल मीडिया और प्रेस रिलीज जारी करने के साथ ही डीलरशिप पर दी जाती हैं। कई मामलों में ग्राहकों को सीधे भी जानकारी दी जाती है।
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कार रिकॉल
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या-रिकॉल में पार्ट बदलने पर देने होते हैं पैसे?
अगर किसी कंपनी ने अपने वाहन को रिकॉल किया है और ग्राहक कंपनी से जानकारी मिलने के बाद अपने वाहन को नजदीकी सर्विस सेंटर पर ले जाता है और उसके बाद खराब पार्ट को बदल दिया जाता है तो ऐसे में ग्राहक को अपने पास से किसी भी तरह का कोई चार्ज या पैसे नहीं देने होते। ऐसा होने पर कंपनी फ्री में पार्ट को बदलती है और उसके एवज में किसी तरह से पैसे नहीं लिये जाते।
अगर किसी कंपनी ने अपने वाहन को रिकॉल किया है और ग्राहक कंपनी से जानकारी मिलने के बाद अपने वाहन को नजदीकी सर्विस सेंटर पर ले जाता है और उसके बाद खराब पार्ट को बदल दिया जाता है तो ऐसे में ग्राहक को अपने पास से किसी भी तरह का कोई चार्ज या पैसे नहीं देने होते। ऐसा होने पर कंपनी फ्री में पार्ट को बदलती है और उसके एवज में किसी तरह से पैसे नहीं लिये जाते।
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- फोटो : सोशल मीडिया
रिकॉल करने के बाद ग्राहक की होती है जिम्मेदारी
अगर आपके पास भी ऐसा कोई वाहन है जिसको रिकॉल किया गया है तो फिर आपकी जिम्मेदारी होती है कि आप अपने वाहन को जल्द से जल्द कंपनी की डीलरशिप पर जाएं और अपनी और अपने वाहन की जानकारी दें जिससे वैरिफाई करने के बाद कंपनी आपके वाहन में उस खास पार्ट को बदल सके और खामी को दूर कर पाए।
अगर आपके पास भी ऐसा कोई वाहन है जिसको रिकॉल किया गया है तो फिर आपकी जिम्मेदारी होती है कि आप अपने वाहन को जल्द से जल्द कंपनी की डीलरशिप पर जाएं और अपनी और अपने वाहन की जानकारी दें जिससे वैरिफाई करने के बाद कंपनी आपके वाहन में उस खास पार्ट को बदल सके और खामी को दूर कर पाए।