स्मार्टफोन बनाने वाली मशहूर चीनी कंपनी शाओमी अब ऑटोमोबाइल की दुनिया में भी कमाल कर रही है। हाल ही में शाओमी की नई इलेक्ट्रिक कार YU7 GT ने बिना किसी ड्राइवर के रेस ट्रैक का चक्कर लगाकर इतिहास रच दिया है। कार ने खुद ही यह तय किया कि कब स्पीड बढ़ानी है, कब ब्रेक लगाना है और कब मुड़ना है। आइए जानते हैं इस अनोखे रिकॉर्ड से जुड़ी सभी खास बातें।
Xiaomi YU7 GT: बिना ड्राइवर रेस ट्रैक पर 21KM दौड़ी Xiaomi की इलेक्ट्रिक कार, बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड!
Driverless Xiaomi Car Made A World Record On A Race Track: शाओमी की इलेक्ट्रिक एसयूवी YU7 GT ने जर्मनी के मशहूर Nurburgring Nordschleife रेस ट्रैक पर बिना ड्राइवर के दौड़कर नया रिकॉर्ड बनाया है। करीब 21 किलोमीटर लंबे ट्रैक को कार ने 10 मिनट 29 सेकंड में पूरा किया और एक्सेलरेशन, ब्रेकिंग व स्टीयरिंग जैसे सभी फैसले खुद लिए।
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बिना ड्राइवर के कैसा रहा कार का प्रदर्शन?
आमतौर पर बिना ड्राइवर वाली (ऑटोनॉमस) तकनीक का इस्तेमाल रोबोट-टैक्सी या सामान ढोने वाले ट्रकों में होता है, लेकिन किसी रेसिंग ट्रैक पर इसे आजमाना बिल्कुल नया कारनामा है।
- खतरनाक ट्रैक: यह टेस्ट जर्मनी के दुनिया भर में मशहूर और खतरनाक नर्बरग्रिंग नॉर्डस्क्लिफ (Nurburgring Nordschleife) ट्रैक पर किया गया।
- समय और दूरी: लगभग 21 किलोमीटर लंबे इस पेचीदा ट्रैक को शाओमी YU7 GT ने बिना किसी ड्राइवर के मात्र 10 मिनट 29.483 सेकंड में पूरा कर लिया।
- खास बात: रेसिंग की दुनिया में भले ही यह समय बहुत तेज न लगे, लेकिन बिना किसी इंसानी मदद के कार का यह सफर पूरा करना अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है।
कंप्यूटर ने इंसानों से ज्यादा बरती सावधानी
जब इस कार का वीडियो सामने आया, तो देखा गया कि कंप्यूटर यानी कार का सिस्टम बहुत संभलकर गाड़ी चला रहा था:
- जल्दी लगाए ब्रेक: मोड़ों पर आते ही कार के सिस्टम ने इंसानी ड्राइवरों के मुकाबले बहुत पहले ही ब्रेक लगा दिए।
- सुरक्षा को प्राथमिकता: पूरी ड्राइव के दौरान कार ट्रैक के किनारों पर नहीं गई और कोनों पर बहुत ही सुरक्षित तरीके से मुड़ी। यही वजह थी कि ड्राइवरलेस कार को 3 मिनट का ज्यादा समय लगा।
- अकेली कार: टेस्ट के दौरान ट्रैक पर कोई और गाड़ी नहीं थी। अगर सामने कोई गाड़ी होती, तो यह कंप्यूटर उसे कैसे ओवरटेक करता, यह देखना काफी दिलचस्प होता।
The Nordschleife in 10:29.483 minutes!
— Nürburgring (@nuerburgring) June 22, 2026
🚗Vehicle: Xiaomi YU7 GT with Track Package
⏲️Time: 10:29.483 minutes
🛣️Track: Nordschleife
🏅Category: Autonomous Driving
📺 Watch the whole lap on our YouTube Channel here: https://t.co/SuXHNnMiHt
All official laptimes:… pic.twitter.com/RbQdZlvBvk
ड्राइवर के साथ तो यह ट्रैक किंग
शाओमी की यह कार सिर्फ तकनीक में ही नहीं, बल्कि पावर में भी बड़ी-बड़ी स्पोर्ट्स कारों को पीछे छोड़ती है:
- दमदार पावर: इसमें लगभग 1,000 हॉर्सपावर की जबरदस्त पावर मिलती है। यह 3 सेकंड से भी कम समय में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है।
- इंसानी रिकॉर्ड: जब इसी कार को एक पेशेवर ड्राइवर ने चलाया, तो उसने यही चक्कर मात्र 7 मिनट 34.931 सेकंड में पूरा कर दिया था।
इस शानदार समय के साथ यह इस ट्रैक पर दुनिया की सबसे तेज एसयूवी बन गई है, जिसने पोर्श और ऑडी जैसी दिग्गजों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अभी भी हैं कुछ अनसुलझे सवाल...
भले ही यह रिकॉर्ड बहुत ही शानदार है, लेकिन कंपनी ने अभी तक कुछ अहम सवालों पर चुप्पी साधी हुई है:
- मैप या सूझबूझ: यह साफ नहीं है कि कार के अंदर रेस ट्रैक का नक्शा पहले से सेव किया गया था या वह अपनी सूझबूझ से खुद रास्ता तय कर रही थी।
- रिमोट कंट्रोल का शक: कुछ लोगों को यह भी शक है कि कहीं कोई इंसान दूर बैठकर इसे रिमोट या कंप्यूटर के जरिए कंट्रोल तो नहीं कर रहा था।
फिलहाल, इन सवालों के जवाब शाओमी ही दे सकती है, लेकिन ऑटोमोबाइल की दुनिया के लिए यह टेस्ट भविष्य की कारों की एक शानदार झलक जरूर दिखाता है।