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Ajab Gajab: सैकड़ों साल पुरानी गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थित, मिले रहस्यमयी जीव, हैरत में पड़े वैज्ञानिक

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Wed, 27 Jul 2022 01:00 PM IST
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Ajab Gajab mysterious life forms discovered in old lava caves Hawaii scientist socked
सैकड़ों साल पुरानी गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थित - फोटो : Kenneth Ingham University of Bristol
Ajab Gajab: दुनिया में आए दिन नए-नए खुलासे होते रहते हैं। अब इस बीच हुए एक खुलासे ने वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल दिया है। सैकड़ों साल पहले हवाई (Hawaii) में ज्वालामुखी फटने की वजह से द्वीप का निर्माण हुआ था। इसके अलावा  सुरंगें और गुफाएं भी बनी थीं जो बेहद ठंडी हैं। इन सुरंगों में सिर्फ अंधेरा है जहां जहरीली गैसें और खनिज भरे हैं। यहां पर जीवन की कोई कल्पना नहीं की जा सकती है। 


लेकिन वैज्ञानिकों ने इन सुरंगों और गुफाओं में रोगाणुओं (Microbes) की विशाल और जटिल कॉलोनी को खोजा है। बताया जा रहा है कि ये धरती पर मौजूद सबसे छोटे ज्ञात जीवित जीव (living organisms) हैं। हालांकि इनके बारे में वैज्ञानिकों को पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाई है। एक अनुमान में जताया गया है कि सूक्ष्म जीवों की 99.99 प्रतिशत प्रजातियां अज्ञात रहती हैं। आइए जानते हैं कि आखिर वैज्ञानिकों ने क्या-क्या खुलासे किए हैं। 
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Ajab Gajab mysterious life forms discovered in old lava caves Hawaii scientist socked
सैकड़ों साल पुरानी गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थित - फोटो : Stuart Donnachie University of Hawaii

हवाई की लावा गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थितयां हैं जिसकी वजह से इसको लेकर वैज्ञानिकों में दिलचस्पी है। ये लावा गुफाएं 600-800 साल पुरानी हैं जिनमें रोगाणु जिंदा रह सकते हैं, तो मंग्रल पर भी जीवन के सुराग मिल सकते हैं। इस रिसर्च को फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी (Frontiers in Microbiology) जर्नल में प्रकाशित किया गया है। 

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सैकड़ों साल पुरानी गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थित - फोटो : Jimmy Saw George Washington University


शोधकर्ताओं ने इस रिसर्च से पता लगाया है कि सैकड़ों साल पुरानी लावा गुफाओं में कई प्रकार रोगाणु रहते हैं जिसकी वजह से इन छोटे-छोटे जीवों को यहां बसने में अधिक वक्त लगा है। पर्यावरण में बदलाव होने के साथ ही इन जीवाणुओं की सामाजिक संरचना में बदलाव होता है। 

Ajab Gajab mysterious life forms discovered in old lava caves Hawaii scientist socked
सैकड़ों साल पुरानी गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थित - फोटो : Pixabay

हवाई यूनिवर्सिटी (University of Hawaii) के माइक्रोबायोलॉजिस्ट रेबेका प्रेस्कॉट (Rebecca Prescott) ने सवाल खड़ा किया है कि क्या जान लेने वाला वातावरण ज्यादा इंटरैक्टिव माइक्रोब्स के निर्माण में मदद करता है। इनमें जीवों की एक दूसरे पर निर्भरता होती है। अगर यह हो रहा है, तो जानलेवा वातावरण में क्या है जिसके कारण यहां माइक्रोब्स का निर्माण हो रहा है। 

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सैकड़ों साल पुरानी गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थित - फोटो : Pixabay

वैज्ञानिकों ने कहा कि इस शोध से यह समझा सकता है कि को-कल्चर में रोगाणुओं पर रिसर्च कितना महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके बजाय उनका कहीं और विकास किया जाए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्राकृतिक दुनिया में अकेले सूक्ष्मजीव विकास नहीं करते हैं बल्कि एक दूसरे के साथ विकसित होते हैं। 

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