Ajab Gajab: सैकड़ों साल पुरानी गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थित, मिले रहस्यमयी जीव, हैरत में पड़े वैज्ञानिक
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हवाई की लावा गुफाओं में दूसरे ग्रहों जैसी स्थितयां हैं जिसकी वजह से इसको लेकर वैज्ञानिकों में दिलचस्पी है। ये लावा गुफाएं 600-800 साल पुरानी हैं जिनमें रोगाणु जिंदा रह सकते हैं, तो मंग्रल पर भी जीवन के सुराग मिल सकते हैं। इस रिसर्च को फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी (Frontiers in Microbiology) जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
शोधकर्ताओं ने इस रिसर्च से पता लगाया है कि सैकड़ों साल पुरानी लावा गुफाओं में कई प्रकार रोगाणु रहते हैं जिसकी वजह से इन छोटे-छोटे जीवों को यहां बसने में अधिक वक्त लगा है। पर्यावरण में बदलाव होने के साथ ही इन जीवाणुओं की सामाजिक संरचना में बदलाव होता है।
हवाई यूनिवर्सिटी (University of Hawaii) के माइक्रोबायोलॉजिस्ट रेबेका प्रेस्कॉट (Rebecca Prescott) ने सवाल खड़ा किया है कि क्या जान लेने वाला वातावरण ज्यादा इंटरैक्टिव माइक्रोब्स के निर्माण में मदद करता है। इनमें जीवों की एक दूसरे पर निर्भरता होती है। अगर यह हो रहा है, तो जानलेवा वातावरण में क्या है जिसके कारण यहां माइक्रोब्स का निर्माण हो रहा है।
वैज्ञानिकों ने कहा कि इस शोध से यह समझा सकता है कि को-कल्चर में रोगाणुओं पर रिसर्च कितना महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके बजाय उनका कहीं और विकास किया जाए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्राकृतिक दुनिया में अकेले सूक्ष्मजीव विकास नहीं करते हैं बल्कि एक दूसरे के साथ विकसित होते हैं।