{"_id":"5c48501abdec2259e364da2b","slug":"kumbh-2019-this-unique-baba-walk-with-20-kg-of-key","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कुंभ में छाए 'चाबी वाले बाबा', इस वजह से 20 किलो की चाबी लेकर चलते हैं साथ में","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
कुंभ में छाए 'चाबी वाले बाबा', इस वजह से 20 किलो की चाबी लेकर चलते हैं साथ में
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 23 Jan 2019 05:04 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
Chabi wale baba
- फोटो : Social media
Link Copied
पूरी कुंभ नगरी इस वक्त बाबाओं से भरी पड़ी है। इनमें कुछ अनोखे बाबा भी हैं, जो अपने अनोखे अंदाज से लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन्हीं में से एक हैं 'चाबी वाले बाबा', जो अपने एक हाथ में 20 किलो की लोहे की चाबी लेकर घूम रहे हैं। इस भारी-भरकम चाबी की कहानी भी बड़ी ही रहस्यमयी है। यही कारण है कि लोग इन्हें रहस्यमई चाबी वाले बाबा के नाम से जानते हैं।
Trending Videos
2 of 6
Chabi wale baba
- फोटो : Social media
चाबी वाले बाबा की खासियत ये है कि यह पूरे देश में पैदल ही यात्राएं करते रहते हैं और नए युग की कल्पना को लोगों तक पहुंचा रहे हैं। चाबी वाले बाबा का असली नाम हरिश्चंद्र विश्वकर्मा (45) है। वो उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 6
Chabi wale baba
- फोटो : Social media
कहते हैं कि हरिश्चंद्र विश्वकर्मा का बचपन से ही आध्यात्म की ओर झुकाव हो गया था। हालांकि घरवालों के डर से वो कुछ बोल नहीं पाते थे, लेकिन आखिरकार जब वो 16 साल के हुए तो उन्होंने समाज में फैली बुराइयों और नफरत से लड़ने का फैसला कर लिया और घर से निकल गए। चूंकि हरिश्चंद्र विश्वकर्मा कबीरपंथी विचारधारा के थे, इसलिए लोग उन्हें कबीरा बाबा बुलाने लगे।
4 of 6
Chabi wale baba
- फोटो : Social media
कबीरा बाबा कई साल से अपने साथ एक चाबी लिए हुए हैं। उस चाबी के साथ ही उन्होंने पूरे देश की पदयात्रा कर ली है। अपनी यात्रा और आध्यात्म के बारे में कबीरा बाबा बताते हैं कि उन्होंने सत्य की खोज की है। लोगों के मन में बसे अहंकार का ताला वह अपनी बड़ी सी चाबी से खोलते हैं। वह लोगों के अहंकार को चूर-चूर कर उन्हें एक नया रास्ता दिखाते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
Chabi wale baba
- फोटो : Social media
चाबी वाले बाबा स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मनाते हैं। उनका कहना है कि आध्यात्म की ओर पूरी दुनिया भाग तो रही है, लेकिन आध्यात्म कहीं बाहर नहीं है बल्कि वो इंसान के अंदर ही बसा है। उन्होंने अपनी चाबी के बारे में बताते हुए कहा कि इस चाबी में आध्यात्म और जीवन का राज छिपा है, जिसे वह लोगों को बताना चाहते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।