फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Maha Kumbh 2025: अखाड़ों में नियम तोड़ने पर कोतवाल देते हैं ऐसी सजा, जानकर हो जाएंगे हैरान

Tue, 28 Jan 2025 11:42 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Tue, 28 Jan 2025 11:42 AM IST
सार

Maha Kumbh 2025: अखाड़ों में कोतवाली परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अखाड़ों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कोतवाल पर होती है। महाकुंभ में हर अखाड़े की अपनी कोतवाली होती है। 

विज्ञापन
Mahakumbh 2025 Unique Punishments in Akharas for Breaking Rules Shocking Actions by Kotwal Revealed
अखाड़ों में नियम तोड़ने पर कोतवाल देते हैं ऐसी सजा - फोटो : अमर उजाला

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में संगम तट पर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला महाकुंभ लगा हुआ है। गंगा, युमना और सरस्वती नदी के त्रिवेणी संगम तट पर लाखों की संख्या में साधु संत पहुंचे हैं। 13 जनवरी 2025 से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। संगम में स्नान करने के लिए साधु-संतों के अलावा दुनियाभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, महाकुंभ में करीब 45 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना है। 



महाकुंभ की भव्यता और विशालता की सदियों पुरानी परंपरा है। महाकुंभ में प्राचीन परंपराओं और अनुशासन का पालन किया जाता है। कुंभ की शोभा और सार्थकता अखाड़ों से बनती है और अखाड़े ही परंपराओं के निर्वाहक हैं। भारत में कुल 13 प्रमुख अखाड़े हैं, जो शैव, वैष्णव पंथ और उदासीन के संन्यासियों के हैं।  इनमें सात अखाड़े शैव संन्यासी संप्रदाय के हैं, तीन वैष्णव संप्रदाय और बाकी अखाड़े उदासीन संप्रदाय के हैं। इन अखाड़ों का इतिहास सदियों पुराना है। आदि गुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अखाड़ों की स्थापना की थी। आज हम आपको अखाड़ों के अनोखे नियम और सजा के बारे में बताएंगे। 
 

Mahakumbh 2025 Unique Punishments in Akharas for Breaking Rules Shocking Actions by Kotwal Revealed
अखाड़ों में नियम तोड़ने पर कोतवाल देते हैं ऐसी सजा - फोटो : अमर उजाला

क्या है अखाड़ों के नियम

अखाड़ों में कोतवाली परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अखाड़ों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कोतवाल पर होती है। महाकुंभ में हर अखाड़े की अपनी कोतवाली होती है। कोतवाल पद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि अखाड़ों के नियमों का किसी भी परिस्थिति में उल्लंघन न होने पाए। बड़े अखाड़ों में चार कोतवाल होते हैं, जो अपनी-अपनी कोतवाली को संचालित करते हैं। छोटे अखाड़ों में दो कोतवाल होते हैं। इन कोतवालों का चयन कुंभ शिविर की स्थापना के समय होता है। 
 

Mahakumbh 2025 Unique Punishments in Akharas for Breaking Rules Shocking Actions by Kotwal Revealed
अखाड़ों में नियम तोड़ने पर कोतवाल देते हैं ऐसी सजा - फोटो : अमर उजाला।

अखाड़े में प्रवेश करते समय सबसे पहली मुलाकात कोतवाल से होती है। वह अपने हाथों में चांदी चढ़ी लाठी लेकर रहते हैं। कोतवालों को अनुशासनहीनता या अखाड़े के नियम तोड़ने पर सजा देने का अधिकार होता है। नियम तोड़ने वालों को कोतवाल सजा देते हैं। नियम तोड़ने वाले को कड़ाके की ठंड में गंगा में 108 डुबकी लगवाई जाती है। कोतवालों द्वारा गुरु कुटिया या रसोई की चाकरी और खुले आसमान के नीचे खड़ा रहने की सजा भी दी जाती है। 

Maha Kumbh 2025: कुंभ के बाद कहं चले जाते हैं और क्या करते हैं नागा साधु, जानिए इनकी रहस्यमयी बातें

विज्ञापन
विज्ञापन
Mahakumbh 2025 Unique Punishments in Akharas for Breaking Rules Shocking Actions by Kotwal Revealed
अखाड़ों में नियम तोड़ने पर कोतवाल देते हैं ऐसी सजा - फोटो : अमर उजाला।

अखाड़े में गुरु की कुटिया के पास कोतवाली होती है। कोतवालों की तैनाती एक सप्ताह के लिए, तो कहीं पूरे मेला के लिए होती है। किसी अखाड़े में तीन साल के लिए भी कोतवालों की तैनाती होती है। 

Maha Kumbh 2025: नागा साधु और अघोरी साधु में क्या होता है अंतर? किसकी पूजा करते हैं और दोनों के क्या हैं नियम

विज्ञापन
Mahakumbh 2025 Unique Punishments in Akharas for Breaking Rules Shocking Actions by Kotwal Revealed
अखाड़ों में नियम तोड़ने पर कोतवाल देते हैं ऐसी सजा - फोटो : अमर उजाला।

महाकुंभ में दूसरे अमृत स्नान के बाद कोतवालों का चयन किया जाता है। कोतवाल का कार्यकाल अच्छा होने पर उन्हें सर्वसम्मति से थानापति या अखाड़े के महंत का पद भी दिया जाता है। अखाड़े के शिविर की सुरक्षा और अखाड़े में अनुशासन बनाए रखने में कोतवाल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed