Pilotless Passenger Planes: वर्तमान समय में फ्लाइट को पायलट उड़ाते हैं, लेकिन आने वाले समय में इनकी कमान मशीन के हाथ में हो सकती है। अब बहुत जल्द ही हवाई यात्रियों को बिना पायलटलेस प्लेन में यात्रा करने को मिलेगा। सेल्फ ड्राइविंग कारों और ड्राइवरलेस मेट्रो अब पायलटलेस प्लेन भी उड़ान भरेंगे। कई कंपनियां जहाजों को ऑटोनोमस करने की तेजी से तैयारी कर रही है।
Pilotless Passenger Planes: जल्द ही बिना पायलट के उड़ान भरेंगे जहाज, जानिए प्लेन को कौन और कैसे करेगा कंट्रोल
ऑटोनोमस मिलिटरी एविएशन सिस्टम प्लने बनाने वाली बोइंग के पास भी है, लेकिन कंपनी अब पैसेंजर एविएशन की दिशा में भी काम कर रही है। एक ऑपरेटर की तरफ से एक्सविंग और रिलायबल रोबोटिक्स के प्रयोगों के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल के पूरे कम्युनिकेशन ऑपरेशन को ग्राउंड से कंट्रोल किया गया था।
इसकी खसायित यह है कि ऑपरेटर द्वारा सिंपल ग्राफिक्स इंटरफेस के द्वारा ऑपरेटर प्लेन उड़ाने के निर्देशों को ऑटोनोमस कंट्रोल सिस्टम के लिए सिर्फ रिले किया था। फ्लाइट को कब और कहां पोजिशन करना है ऑटोनोमस फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम को यह निर्देश मिल रहे थे।
ऑपरेटर को इस सिस्टम में यह जानने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि फ्लाइट कैसे उड़ाया जाता है। इसके अलाना प्लेन लैंड और टेक ऑफ कैसे करते हैं। इस काम को बिना ट्रेंड पायलट भी ऑपरेट कर सकता है, लेकिन उसके पास एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रोसिजर की जानकारी होनी चाहिए।
कैसे किया जाएगा कंट्रोल
पायलटलेस प्लेन की टेस्टिंग न्यूयॉर्क में हुई थी। इस दौरान प्लेन के कॉकपिट में एक भी पायलट नहीं था। ऑटोमेटेड रिप्ले निर्देशों के द्वारा सब कुछ संचालित किया गया था। इसमें प्रमुख रोल कई सेंसर और एडवांस स्विच ने निभाया था। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि दुनिया में इंसानी गलतियों से अधिकतर विमान हादसे होते हैं। अब ऑटोमेशन सिस्टम आ जाने से हादसों में कमी लाने में सहायता मिलेगी।