सब्सक्राइब करें

अजब-गजब: प्रथम विश्व युद्ध में लड़े थे सवा तीन लाख पंजाबी सैनिक, 97 साल बाद तहखाने में सड़ते मिले रिकॉर्ड

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Sat, 20 Nov 2021 10:31 AM IST
विज्ञापन
Records of many Punjabi soldiers who fought the First world war founded in Lahore Museum after 97 years
तहखाने में मिले प्रथम विश्व युध्द लड़ने पंजाबी सैनिकों के रिकार्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

पहले विश्व युद्ध को दुनिया के सबसे भीषण महायुद्ध के रूप में याद किया जाता है। इस महायुद्ध में लाखों भारतीय सैनिक ब्रिटेन की ओर से लड़े। इस युद्ध के सालों बाद एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। पहले विश्व युद्ध के दौरान भारत से करीब सवा तीन लाख पंजाबी सैनिकों ने भी अपना योगदान दिया था, जिनके रिकार्ड 97 सालों तक एक तहखाने में गुमनामी के अंधेरे में खोए रहे। 



अब ब्रिटेन के इतिहासकारों ने युद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान को लेकर खुलासा किया है। ब्रिटेन के इतिहासकारों ने खुलासा किया है कि पहले विश्व युद्ध में लड़ने वाले पंजाब के करीब 3.2 लाख सैनिकों के रिकॉर्ड 97 सालों तक एक तहखाने में पड़े रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये फाइलें पाकिस्तान के लाहौर म्यूजियम की गहराइयों में मिली हैं। इन फाइलों को अब डिजीटल रूप में बदलकर एक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक अब तक 45 हजार से अधिक डॉक्यूमेंट डिजिटाइज किए जा चुके हैं।

Trending Videos
Records of many Punjabi soldiers who fought the First world war founded in Lahore Museum after 97 years
तहखाने में मिले प्रथम विश्व युध्द लड़ने पंजाबी सैनिकों के रिकार्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

अब तक इतिहासकारों, ब्रिटिश और आयरिश सैनिकों के वंशजों के पास सर्विस रिकॉर्ड के पब्लिक डेटाबेस मौजूद थे। वहीं युद्ध में शामिल होने वाले भारतीय सैनिकों के परिवारों के पास अभी तक ऐसी कोई सुविधा मौजूद नहीं थी। ऐसे में भारतीय सैनिकों के इन फाइलों को डिजीटल रूप में बदलने से उनके भी डेटाबेस आसानी से मिल सकेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Records of many Punjabi soldiers who fought the First world war founded in Lahore Museum after 97 years
तहखाने में मिले प्रथम विश्व युध्द लड़ने पंजाबी सैनिकों के रिकार्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

रिपोर्ट के मुताबिक इन सैनिकों में हिंदू, मुस्लिम और सिख पंजाबी शामिल थे। ये सैनिक भारतीय सेना का करीब एक तिहाई थे। पंजाबी मूल के कुछ ब्रिटिश नागरिकों को डेटाबेस में अपने पूर्वजों की खोज के लिए पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है। इन परिवारों ने डेटाबेस में पाया कि उनके गांव के सैनिकों ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस, मध्य पूर्व, गैलीपोली, अदन और पूर्वी अफ्रीका के साथ-साथ ब्रिटिश इंडिया के अन्य हिस्सों के लिए अपनी सेवाएं दी थीं।

Records of many Punjabi soldiers who fought the First world war founded in Lahore Museum after 97 years
तहखाने में मिले प्रथम विश्व युध्द लड़ने पंजाबी सैनिकों के रिकार्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

फाइलों को डिजिटाइज करने के लिए ग्रीनविच यूनिवर्सिटी के साथ काम करने वाले यूके पंजाब हेरिटेज एसोसिएशन के अध्यक्ष अमनदीप मदरा का कहना है कि पंजाब पहले विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सेना के लिए भर्ती का मुख्य गढ़ था। अमनदीप मदरा के मुताबिक ज्यादातर लोगों का योगदान गुमनाम ही रहा।  वहीं ज्यादातर मामलों में हमें उनके नाम तक नहीं पता। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed