Creature Without Brain: समंदर की अथाह गहराइयों में ऐसी अनगिनत कहानियां दबी हुई हैं, जिन्हें जानकर आज भी वैज्ञानिक हैरान रह जाते हैं। यहां का संसार जितना शांत दिखता है, उतना ही रहस्यमयी भी है। इसी रहस्यभरी दुनिया में कुछ ऐसे जीव भी पाए जाते हैं, जो बिना दिमाग के होते हुए भी हजारों साल से जीवित हैं और अपने अस्तित्व को बनाए हुए हैं। यह बात सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन समुद्र में रहने वाले स्पंज, जेलीफिश और स्टारफिश जैसे कई जीव बिना विकसित मस्तिष्क के भी पूरी तरह सक्रिय जीवन जीते हैं।
Creature Without Brain: बिना दिमाग के भी जिंदा हैं ये समुद्री जीव, जानकर चौंक जाएंगे आप
Sea Creature With No Brain: समंदर की रहस्यभरी दुनिया में कुछ ऐसे जीव भी पाए जाते हैं, जो बिना दिमाग के होते हुए भी हजारों साल से जीवित हैं और अपने अस्तित्व को बनाए हुए हैं। यह बात सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन कई जीव बिना विकसित मस्तिष्क के भी पूरी तरह सक्रिय जीवन जीते हैं।
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बिना दिमाग के कैसे रहते हैं जीवित?
वैज्ञानिक बताते हैं कि इन जीवों का शरीर इंसानों या अन्य जंतुओं की तरह काम नहीं करता। उदाहरण के तौर पर समुद्री स्पंज को पृथ्वी के सबसे प्राचीन जीवों में गिना जाता है। इनके पास न तो मस्तिष्क होता है और न ही दिल, फिर भी ये लंबे समय तक जीवित रहते हैं। स्पंज अपने शरीर में मौजूद सूक्ष्म छिद्रों के जरिए पानी को छानते हैं और उसी से भोजन व ऑक्सीजन हासिल करते हैं। उनका शरीर कोशिकाओं के जाल की तरह कार्य करता है, जो बिना किसी केंद्रीय नियंत्रण के भी जरूरी प्रक्रियाओं को संचालित करता रहता है।
दोबारा युवा बन सकते हैं ये जीव
जेलीफिश भी इस मामले में किसी अजूबे से कम नहीं हैं। इनके पास पारंपरिक दिमाग नहीं होता, बल्कि नसों का एक साधारण नेटवर्क होता है, जो इन्हें तैरने, शिकार पकड़ने और खतरे को महसूस करने में मदद करता है। यही वजह है कि बिना मस्तिष्क के भी ये समुद्र में सफलतापूर्वक जीवन जीती हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुछ जेलीफिश प्रजातियों को “अमर जेलीफिश” कहा जाता है, क्योंकि वे अपने जीवन चक्र को उलटकर दोबारा युवा अवस्था में लौट सकती हैं।
ये जीव दोबारा विकसित कर सकता है अपने अंग
स्टारफिश भी इसी श्रेणी का हिस्सा हैं। इनके शरीर में कोई केंद्रीय दिमाग नहीं होता, लेकिन इनके पास एक जटिल तंत्रिका तंत्र होता है, जो इन्हें दिशा समझने और भोजन तलाशने में मदद करता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अगर स्टारफिश का कोई हिस्सा कट जाए, तो वह फिर से विकसित हो सकता है, जिससे उसका जीवन जारी रहता है।
दिमाग का होना जरूरी नहीं
समुद्री जीवों पर अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक मानते हैं कि ये जीव इस बात का प्रमाण हैं कि जीवन के लिए हमेशा दिमाग का होना जरूरी नहीं है। प्रकृति ने हर जीव को उसके वातावरण के अनुसार अलग-अलग ढंग से विकसित किया है। यही कारण है कि समुद्र की गहराइयों में रहने वाले ये अनोखे जीव आज भी वैज्ञानिकों के लिए शोध और जिज्ञासा का बड़ा विषय बने हुए हैं।
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