Mosque Banned Countries: दुनिया को अक्सर हम विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक मानते हैं, लेकिन हकीकत यह भी है कि कुछ देशों में यह आज भी सीमित है। हैरानी की बात यह है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में मुस्लिम आबादी मौजूद होने के बावजूद वहां एक भी मस्जिद नहीं है। यानी लोग अपने धर्म को मानते तो हैं, लेकिन उसके लिए आधिकारिक इबादतगाह तक उपलब्ध नहीं है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ देशों के बारे में...
Country Without Mosques: दुनिया के वो देश जहां मुस्लिम तो हैं पर एक भी मस्जिद नहीं, पड़ोसी देश भी है शामिल
Country Without Mosques: दुनिया के कुछ हिस्सों में मुस्लिम आबादी मौजूद होने के बावजूद वहां एक भी मस्जिद नहीं है। यानी लोग अपने धर्म को मानते तो हैं, लेकिन उसके लिए आधिकारिक इबादतगाह तक उपलब्ध नहीं है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ देशों के बारे में...
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वेटिकन सिटी
दुनिया का सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी पूरी तरह कैथोलिक ईसाई धर्म का केंद्र है। यहां अन्य किसी धर्म को मान्यता नहीं दी जाती, इसलिए यहां मस्जिद तो दूर, किसी और धर्म का पूजा स्थल भी मौजूद नहीं है।
उरुग्वे
दक्षिण अमेरिका का शांत देश उरुग्वे भी इस सूची में शामिल है। यहां मुस्लिम आबादी बहुत कम, करीब 1000 के आसपास है। मस्जिद न होने की वजह से लोग मोंटेवीडियो, रिवेरा और एर्टिगस के इस्लामिक सेंटर्स में जाकर इबादत करते हैं।
साओ टोम एंड प्रिंसिपी
अफ्रीका का छोटा द्वीपीय देश साओ टोम एंड प्रिंसिपी में भी मुस्लिम आबादी बेहद सीमित है। ज्यादातर लोग नाइजीरिया और कैमरून से आए शरणार्थी हैं। यहां कोई मस्जिद नहीं है, इसलिए लोग खुले स्थानों या निजी जगहों पर नमाज अदा करते हैं।
इस्तोनिया
यूरोप के इस देश में मुस्लिम आबादी बहुत कम है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां करीब 1500 मुस्लिम रहते थे। यहां मस्जिद तो नहीं है, लेकिन एक इस्लामिक कल्चर सेंटर है, जहां लोग नमाज अदा करते हैं।
स्लोवाकिया
स्लोवाकिया में मुस्लिमों की संख्या हजारों में होने के बावजूद यहां एक भी मस्जिद नहीं है। साल 2016 में यहां एक कानून भी पारित किया गया, जिसके तहत इस्लाम को आधिकारिक धर्म का दर्जा देने पर रोक लगा दी गई। इससे मस्जिद निर्माण का मुद्दा और जटिल हो गया।
सान मैरीनो
दुनिया के सबसे छोटे देशों में शामिल सान मैरीनो में लगभग पूरी आबादी कैथोलिक ईसाई है। यहां मुस्लिम आबादी न के बराबर है, इसलिए यहां मस्जिद का सवाल ही नहीं उठता।
भूटान
भूटान में करीब 5000 से 7000 मुस्लिम रहते हैं। लंबे समय से मस्जिद बनाने की मांग उठती रही है, लेकिन सरकार ने अब तक इसकी अनुमति नहीं दी है। दिलचस्प बात यह है कि यहां अन्य धर्मों के पूजा स्थलों पर भी इसी तरह की पाबंदियां हैं।
तो फिर इबादत कैसे होती है?
इन देशों में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद न होने के बावजूद अपनी आस्था को जीवित रखते हैं। वे इस्लामिक सेंटर, निजी घरों या खुले स्थानों पर नमाज अदा करते हैं। यह मुद्दा आज भी वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक ढांचे को लेकर अलग-अलग राय सामने आती रहती हैं।
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