August 2026 Solar Eclipse: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए 12 अगस्त 2026 बुधवार का दिन बेहद खास है। बुधवार को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, अटलांटिक महासागर, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के कुछ इलाकों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखेगा, तो वहीं यूरोप के अन्य इलाकों, कनाडा, अमेरिका, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक महासागर क्षेत्र में आंशिक ग्रहण नजर आएगा।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण कब लगेगा? दिन में हो जाएगी रात! क्या भारत में दिखाई देगा?
August 2026 Solar Eclipse: 12 अगस्त 2026 बुधवार के साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा। यग ग्रहण बेहद खास होने वाला है। यूरोप के प्रमुख भू-भाग पर 27 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा।
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कब लगता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा आ जाता है, तो सूर्य का बिंब समय के लिए पूरी तरह से ढक जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान जिस जगह पर परछाई पड़ती है वहां आसमान में सूर्य आधा या पूरा ढका दिखाई देता। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आते हैं, तब सूर्य ग्रहण की घटना होती है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार का होता है, पूर्ण सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण और आंशिक सूर्य ग्रहण।
कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण 12 अगस्त (बुधवार) लगेगा, जो एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकता है, क्योंकि यहां पर इस समय रात होगी। भारतीय समय के अनुसार, सूर्य ग्रहण की 12 अगस्त 2026 को रात 9:04 बजे शुरुआत होगी और रात 11:16 बजे ग्रहण अपने चरम पर (चंद्रमा सूर्य को सबसे ज्यादा ढकेगा) होगा। 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे सूर्य ग्रहण खत्म होगा।
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क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण?
पूर्ण सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब धरती और सूर्य के बीच चंद्रमा आता है। चंद्रमा की छाया पूरी तरह धरती को ढक लेती है। इस स्थिति में चंद्रमा की पूर्ण छाया धरती पर पड़ती है। इससे अंधेरा सा नजारा हो जाता है। इस अवस्था को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
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कितने तरह के होते हैं सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब धरती और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है। चंद्रमा की छाया पूरी तरह धरती को ढक लेती है। इस स्थिति में चंद्रमा की पूर्ण छाया धरती पर पड़ती है, जिससे अंधेरा सा नजारा हो जाता है। इस अवस्था को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
वलयाकार सूर्य ग्रहण
इस सूर्य ग्रहण में धरती से चंद्रमा दूर होता है। इस समय चांद, सूर्य को पूरी तरह नहीं ढकता है, लेकिन इस दौरान सूर्य रिंग आफ फायर जैसा दिखता है और आकार में भी छोटा दिखता है।
आंशिक सूर्य ग्रहण
आंशिक सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच से चंद्रमा गुजरता है, लेकिन एक पक्ति में सूर्य, चंद्रमा और धरती नहीं होते हैं। सूर्य का सिर्फ एक भाग ही ढका हुआ नजर आएगा। आंशिक सूर्य ग्रहण को ही खंडगास सूर्य ग्रहण कहा जाता है।