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Ajab Gajab: 1907 में आत्मा पर किया गया ये हैरान कर देने वाला प्रयोग, रिसर्च ने मचा दी थी सनसनी

Sun, 14 Sep 2025 06:13 PM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Sun, 14 Sep 2025 06:13 PM IST
सार

आत्मा के रहस्यों को जानने की कोशिश कई बार हुई है लेकिन इसके रहस्य को अब तक सुलझाया नहीं जा सका है। इसी कड़ी में आज हम आपको आत्मा पर किए गए एक खास एक्सपेरिमेंट के बारे में बताने जा रहे हैं। 

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What is the true weight of soul know about 21 gram theory
What is the true weight of soul - फोटो : AdobeStock
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आत्मा और भूत-प्रेत सदियों से मानव जिज्ञासा के केंद्र में रहे हैं। बीते लंबे समय से विज्ञान आत्मा की पहेली को सुलझाने की कोशिश में लगा हुआ है। वहीं विभिन्न धर्मों में भी भूत प्रेत और आत्माओं का जिक्र मिलता है। सदियों से सवाल रहा है कि व्यक्ति के मरने के बाद उसकी आत्मा का क्या होता है? क्या आत्मा का सच में अस्तित्व है? अगर है तो क्या आत्मा का वजन होता है? क्या उसका कोई आकार भी है?

विज्ञान की दृष्टि से देखें तो आत्मा काफी पेचीदा विषय है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि आत्मा हमारी Consciousness है। आत्मा के रहस्यों को जानने की कोशिश कई बार हुई है लेकिन इसके रहस्य को अब तक सुलझाया नहीं जा सका है। इसी कड़ी में आज हम आपको आत्मा पर किए गए एक खास एक्सपेरिमेंट के बारे में बताने जा रहे हैं। 

What is the true weight of soul know about 21 gram theory
What is the true weight of soul - फोटो : AdobeStock

साल 1907 में अमेरिकी डॉक्टर डंकन मैकडॉगल ने एक खास तरह का प्रयोग किया। अपने एक्सपेरिमेंट में उन्होंने आत्मा के वजन को मापने के बारे में सोचा। इस प्रयोग को अंजाम देने के लिए उन्होंने अस्पताल में एक बड़े तराजू के ऊपर खास तरह का बिस्तर बनाया। यह तराजू काफी सेंसिटिव था। यह औंस 28 ग्राम से भी कम वजन के बदलाव के बारे में पता लगा सकता था। 

What is the true weight of soul know about 21 gram theory
What is the true weight of soul - फोटो : AdobeStock

एक्सपेरिमेंट के दौरान उन्होंने कुल 6 मरीजों को इस बिस्तर पर लिटाया, जिनकी मृत्यु होने वाली थी। मरीज की मृत्यु होने के बाद तराजू पर जो वजन में बदलाव होता उसे दर्ज किया जाता। डॉ डंकन के मुताबिक मरीजों की मौत के बाद उनके वजन में कमीं दर्ज की गई। एक मरीज के मरने के बाद उसके वजन में लगभग 21 ग्राम की कमी दर्ज हुई। 

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What is the true weight of soul - फोटो : AdobeStock

वहीं कुछ मरीजों में पहले तो वजन कम दर्ज हुआ बाद में बढ़ गया। कुछ मामलों में उपकरण ठीक तरह से एडजस्ट नहीं थे इस कारण नतीजे ठीक नहीं आए। वहीं एक्सपेरिमेंट को करने के बाद डंकन ने निष्कर्ष में बताया कि आत्मा का वजन 21 ग्राम होता है। इस शोध को 1907 में Journal of the American Society for Psychical Research और American Medicine में प्रकाशित किया गया। 

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What is the true weight of soul - फोटो : Adobe Stock

गौर करने वाली बात है कि इस प्रयोग को वैज्ञानिक समुदाय ने पूरी तरह खारिज कर दिया। इसको खारिज करते हुए वैज्ञानिकों ने बताया कि सैंपल साइज काफी छोटा था, वहीं उपकरण भी एक्यूरेट नहीं थे। मौत का एकदम सटीक समय भी तय करना काफी मुश्किल काम है। इसके अलावा वजन शरीर से निकलने वाली गैस या पसीने से भी कम या ज्यादा हो सकता है।

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