{"_id":"5b31b8874f1c1b13358b8b6e","slug":"lord-ganesha-print-on-currency-of-this-muslim-majority-country","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एक देश जहां आबादी मुसलमान की, करेंसी में फोटो हिंदू भगवान की, बताइए कहां है दुनिया में ऐसी जगह?","category":{"title":"World of Wonders","title_hn":"ऐसा भी होता है","slug":"world-of-wonders"}}
एक देश जहां आबादी मुसलमान की, करेंसी में फोटो हिंदू भगवान की, बताइए कहां है दुनिया में ऐसी जगह?
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 26 Jun 2018 05:52 PM IST
विज्ञापन
lord ganesha
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्या आप जानते हैं इस अजीबोगरीब दुनिया में एक देश ऐसा भी है जो मुस्लिम राष्ट्र होने के बावजूद अपनी करेंसी पर हिंदू देवी-देवता की तस्वीर छापता है..? चौंक गए न जानकर... जी हां, ऐसा हकीकत में है। आज हम आपके साथ इस देश की हैरान कर देने वाली जानकारी शेयर करेंगे। बहुत कम लोगों को इसके बारे में पता है। जी हां, यह देश मुस्लिम बहुल राष्ट्र होने के बावजूद अपने यहां की करेंसी पर हिंदुओं के पूजनीय भगवान ‘गणपति’ छापता है। इस देश को हम सभी इंडोनेशिया के नाम से जानते हैं। अगर आपको मालूम हो इंडोनेशिया एक मुस्लिम बहुल राष्ट्र है। लेकिन इससे जुड़े कई ऐसे दिलचस्प पहलू हैं, जिन्हें हम नहीं जानते।
lord ganesha on currency
मुस्लिम बहुल राष्ट्र होने की बाद भी करेंसी पर छापते हैं गणपति
इंडोनेसिया की पहली अनोखी बात यह है कि ये देश मुस्लिम बहुल राष्ट्र होने के बावजूद अपने यहां की करेंसी पर हिंदुओं के पूजनीय भगवान ‘गणपति’ छापता है। सिर्फ इतना ही नहीं यहां के चौराहों पर आज भी कृष्ण-अर्जुन संवाद, घटोत्कच, भीम, अर्जुन की प्रतिमाएं देखने को मिल जाएंगी। आपको लगेगा ही नहीं कि आप किसी दूसरे देश में है। यह भले ही कुछ अटपटा लग रहा हो लेकिन सच है। इंडोनेशिया के कई और ऐसे ही बेहद दिलचस्प पहलू हैं जो आपको हैरान कर देंगे।
इंडोनेसिया की पहली अनोखी बात यह है कि ये देश मुस्लिम बहुल राष्ट्र होने के बावजूद अपने यहां की करेंसी पर हिंदुओं के पूजनीय भगवान ‘गणपति’ छापता है। सिर्फ इतना ही नहीं यहां के चौराहों पर आज भी कृष्ण-अर्जुन संवाद, घटोत्कच, भीम, अर्जुन की प्रतिमाएं देखने को मिल जाएंगी। आपको लगेगा ही नहीं कि आप किसी दूसरे देश में है। यह भले ही कुछ अटपटा लग रहा हो लेकिन सच है। इंडोनेशिया के कई और ऐसे ही बेहद दिलचस्प पहलू हैं जो आपको हैरान कर देंगे।
indonesia island
इस देश में 17 हजार से ज्यादा द्वीप
इंडोनेशिया इस धरती पर अकेला ऐसा देश है जिसके पास कुल 17508 द्वीप है वहीं अगर यहां की जनसंख्या की बात करें तो लगभग 23 करोड़ लोग इस देश में रहते हैं। इंडोनेशिया दक्षिण पूर्व एशिया और ओशिनिया में स्थित एक देश है। करीब 17508 द्वीपों वाले इस देश की जनसंख्या लगभग 23 करोड़ है। यह दुनिया का चौथा सबसे अधिक आबादी और दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी बौद्ध आबादी वाला देश है।
इंडोनेशिया इस धरती पर अकेला ऐसा देश है जिसके पास कुल 17508 द्वीप है वहीं अगर यहां की जनसंख्या की बात करें तो लगभग 23 करोड़ लोग इस देश में रहते हैं। इंडोनेशिया दक्षिण पूर्व एशिया और ओशिनिया में स्थित एक देश है। करीब 17508 द्वीपों वाले इस देश की जनसंख्या लगभग 23 करोड़ है। यह दुनिया का चौथा सबसे अधिक आबादी और दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी बौद्ध आबादी वाला देश है।
विज्ञापन
विज्ञापन
indonesia
पुराणों में इस देश का नाम कुछ और था
इस बात की जानकारी कम ही लोग रखते हैं कि इंडोनेशिया का तो मूल नाम हिंद-एशिया से ही निकला है। इसकी जिक्र भारत के पुराणों में भी किया गया है। पुराणों के अनुसार इंडोनेशिया को पहले ‘दीपांतर’ के नाम से जाना जाता था। इस देश के नाम का अर्थ भारत अर्थात सागर पार भारत के रूप में जाना गया है। यहां यह नाम आज भी काफी प्रचलित है। यहां की करेंसी पर गणपति का चित्र अंकित होने के साथ-साथ आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि यहां के मुसलमानों के संस्कृत नाम होते हैं। इंडोनेशिया के प्रथम राष्ट्रपति सुकर्ण थे। उनकी बेटी का नाम मेघावती सुकर्णपुत्री था और यह नाम ओडिशा के महानायक बीजू पटनायक ने रखा था।
इस बात की जानकारी कम ही लोग रखते हैं कि इंडोनेशिया का तो मूल नाम हिंद-एशिया से ही निकला है। इसकी जिक्र भारत के पुराणों में भी किया गया है। पुराणों के अनुसार इंडोनेशिया को पहले ‘दीपांतर’ के नाम से जाना जाता था। इस देश के नाम का अर्थ भारत अर्थात सागर पार भारत के रूप में जाना गया है। यहां यह नाम आज भी काफी प्रचलित है। यहां की करेंसी पर गणपति का चित्र अंकित होने के साथ-साथ आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि यहां के मुसलमानों के संस्कृत नाम होते हैं। इंडोनेशिया के प्रथम राष्ट्रपति सुकर्ण थे। उनकी बेटी का नाम मेघावती सुकर्णपुत्री था और यह नाम ओडिशा के महानायक बीजू पटनायक ने रखा था।
विज्ञापन
indonesia
इंडोनेशिया की पुरानी सभ्यता
इंडोनेसिया की प्रचीन प्रतिमाओं का यहां होना कोई अनूठी बात नहीं है। ये प्रतिमाएं बुनी अथवा मुनि सभ्यता की ही देन है। चौथी शताब्दी ईसा पूर्व तक ये सभ्यता काफी उन्नति कर चुकी थी। ये हिंदू धर्म मानते थे और ऋषि परम्परा का अनुकरण करते थे। इसकी छाप आज भी यहां के चौराहों पर देखने को मिलती है। आज भी यहां कृष्ण-अर्जुन संवाद, घटोत्कच, भीम और अर्जुन की प्रतिमाएं मिलती हैं।
इंडोनेसिया की प्रचीन प्रतिमाओं का यहां होना कोई अनूठी बात नहीं है। ये प्रतिमाएं बुनी अथवा मुनि सभ्यता की ही देन है। चौथी शताब्दी ईसा पूर्व तक ये सभ्यता काफी उन्नति कर चुकी थी। ये हिंदू धर्म मानते थे और ऋषि परम्परा का अनुकरण करते थे। इसकी छाप आज भी यहां के चौराहों पर देखने को मिलती है। आज भी यहां कृष्ण-अर्जुन संवाद, घटोत्कच, भीम और अर्जुन की प्रतिमाएं मिलती हैं।