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ईओडब्ल्यू का खुलासा: न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक की तिजोरी की क्षमता 10 करोड़; रजिस्टर में दिखाए गए 122 करोड़

Wed, 26 Feb 2025 09:16 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 26 Feb 2025 09:16 AM IST
सार

मुंबई पुलिस ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक, लेखा प्रमुख और उनके सहयोगियों के खिलाफ 122 करोड़ रुपये के गबन का मामला दर्ज किया था। मामले को आगे की जांच के लिए शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दिया गया था।

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New India Coop Bank vault had capacity for Rs 10 cr but book showed Rs 122 cr: EOW
मुंबई में न्यू इंडिया को ऑपरेटिव बैंक के बाहर जुटी लोगों की भीड़। - फोटो : PTI

न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक में 122 करोड़ रुपये के गबन मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बताया गया कि बैंक की प्रभादेवी शाखा में एक बार में 10 करोड़ रुपये रखने की क्षमता थी, लेकिन हैंडबुक में दर्ज प्रविष्टियों के मुताबिक आरबीआई के निरीक्षण के दिन तिजोरी में 122.028 करोड़ रुपये थे। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू)  ने यह खुलासा किया है। दरअसल, ईओडब्ल्यू बैंक में 122 करोड़ रुपये के गबन की जांच कर रही है। मामले में अब तक बैंक के दो पूर्व शीर्ष अधिकारियों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

New India Coop Bank vault had capacity for Rs 10 cr but book showed Rs 122 cr: EOW
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक - फोटो : पीटीआई

दरअसल, एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की निरीक्षण टीम ने 11 फरवरी को प्रभादेवी स्थित बैंक की कॉरपोरेट ऑफिस शाखा का दौरा किया था। यहां उन्हें तिजोरी से 122 करोड़ रुपये की नकदी गायब मिली। उन्होंने बताया कि कॉरपोरेट ऑफिस शाखा की बैलेंस शीट में प्रभादेवी और गोरेगांव शाखाओं में बैंक की तिजोरी में 133.41 करोड़ रुपये दिखाए गए थे, जबकि उस दिन प्रभादेवी शाखा की बैलेंस शीट में 122.028 रुपये दर्ज थे। जांच के दौरान ईओडब्ल्यू ने पाया कि कॉरपोरेट ऑफिस में नकदी रखने की तिजोरी की क्षमता केवल 10 करोड़ रुपये थी, जबकि उन्हें वास्तव में तिजोरी में 60 लाख रुपये मिले। 

New India Coop Bank vault had capacity for Rs 10 cr but book showed Rs 122 cr: EOW
न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक - फोटो : अमर उजाला

अधिकारी के मुताबिक, आरबीआई के निरीक्षण के दिन गोरेगांव शाखा की तिजोरी में उन्हें 10.53 करोड़ रुपये की नकदी मिली। गोरेगांव शाखा की तिजोरी में भी 10 करोड़ रुपये रखने की क्षमता थी। उन्होंने कहा कि ईओडब्ल्यू अब इस बात की जांच कर रही है कि बैंक के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करने वाले ऑडिटरों ने बैंक से गायब नकदी के बारे में सवाल क्यों नहीं किए और कार्रवाई के लिए मामले को आगे क्यों नहीं बढ़ाया।

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न्यू इंडिया सहकारी बैंक के पूर्व महाप्रबंधक (जीएम) हितेश मेहता - फोटो : PTI

क्या है मामला?
मुंबई पुलिस ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक, लेखा प्रमुख और उनके सहयोगियों के खिलाफ 122 करोड़ रुपये के गबन का मामला दर्ज किया था। मामले को आगे की जांच के लिए शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दिया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया था, 'बैंक के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवर्षि घोष ने 14 फरवरी को मध्य मुंबई के दादर पुलिस थाने में जाकर पैसे के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई।' शिकायत के अनुसार उन्होंने बताया, 'बैंक के महाप्रबंधक और लेखा प्रमुख हितेश मेहता ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रची। बैंक के प्रभादेवी और गोरेगांव कार्यालयों की तिजोरियों में रखे धन से 122 करोड़ रुपये का गबन किया।'

आरबीआई से मिली राहत
इस बीच आरबीआई ने न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक पर कई प्रतिबंध लगाने के कुछ दिनों बाद सोमवार को शर्तों में ढील दी थी। इसके तहत बैंक के जमाकर्ता 27 फरवरी से अपने जमा खातों से 25,000 रुपये तक निकाल सकेंगे। रबीआई ने सहकारी बैंक पर निगरानी संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए कई प्रतिबंध लगाए थे। केंद्रीय बैंक ने एक साल के लिए बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था और कामकाज के प्रबंधन के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक श्रीकांत को प्रशासक नियुक्त किया। इस छूट के साथ कुल जमाकर्ताओं में 50 प्रतिशत से अधिक अपनी पूरी शेष राशि निकाल सकेंगे।

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न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक - फोटो : ANI

शिकायत के आधार पर मेहता और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316 (5) (लोक सेवकों, बैंकरों और भरोसेमंद पदों पर बैठे अन्य लोगों द्वारा आपराधिक विश्वासघात), 61 (2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया। इस सहकारी बैंक की 28 शाखाओं में से अधिकांश मुंबई महानगर में स्थित हैं। इसके अलावा पड़ोसी गुजरात के सूरत में भी इसकी दो शाखाएं हैं। बैंक की एक शाखा पुणे में भी है।

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