एक जुलाई से भारत में छह बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से जहां एक ओर आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा गया, तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इनमें रसोई गैस सिलेंडर के दाम, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नियम, आरटीजीएस (RTGS) और एनईएफटी (NEFT) के नए नियम, आदि शामिल हैं। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।
जरूरी खबर: एक जुलाई से लागू होंगे ये छह नए नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर
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बदल गए रसोई गैस सिलेंडर के दाम
बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 100.50 रुपये प्रति सिलेंडर घट गया है। एक जुलाई से दिल्ली में घरेलू इस्तेमाल का सिलेंडर 637 रुपये में उपलब्ध होगा। तेल कंपनियों ने यह जानकारी दी है। बिना सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर के बाजार मूल्य में कमी आने के साथ ही सब्सिडीयुक्त घरेलू सिलेंडर के लिये भी रिफिल लेते समय 100.50 रुपये कम देने होंगे। सब्सिडीयुक्त सिलेंडर के घरेलू उपभोक्ताओं को एक जुलाई से रिफिल प्राप्त होने पर 737.50 रुपये के बजाय 637 रुपये का भुगतान करना होगा।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने रविवार विज्ञप्ति जारी की, जहां से यह जानकारी प्राप्त हुई। इसमें कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम घटने और डॉलर-रुपया विनिमय दर में आये बदलाव के प्रभाव स्वरूप एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) के दाम में कमी आई है। नई दर एक जुलाई से प्रभावी होंगी।
जून में इतनी हुई थी वृद्धि
जून में बिना-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों में 25 रुपये का इजाफा हुआ था, जिसके बाद दिल्ली में सिलेंडर की नई कीमत 737.50 रुपये, मुंबई में 709.50 रुपये, कोलकाता में 763.50 रुपये और चेन्नई में 753 रुपये हो गई थी।
वहीं सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों में 1.23 रुपये की वृद्धि हुई थी, जिसके बाद दिल्ली में सिलेंडर की कीमत 497.37 रुपये, कोलकाता में 500.52 रुपये, मुंबई में 495.09 रुपये और चेन्नई में 485.25 रुपये हो गई थी।
एसबीआई ने दिया तोहफा
देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती करने के बाद अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। बैंक ने कहा है कि अब होम लोन को रेपो रेट से लिंक किया जाएगा। इस संदर्भ में बैंक ने बयान जारी करते हुए कहा कि वो अब रेपो रेट के आधार पर अपने होम लोन की पेशकश करेंगे और यह सुविधा एक जुलाई से शुरू होगी।
42 करोड़ ग्राहकों पर पड़ेगा असर
बैंक के इस कदम का असर 42 करोड़ ग्राहकों पर पड़ेगा, जिन्होंने होम लोन लिया हुआ है। अब जब भी आरबीआई अपने रेपो रेट में बदलाव करेगा, उसका असर तुरंत होम लोन पर भी पड़ेगा। अगर केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की, तो फिर एसबीआई भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा।
एक जुलाई से आपको मुफ्त में मिलेगी यह सुविधा
छह जून को हुई आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में आरबीआई ने आम जनता को बड़ा तोहफा देते हुए रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) और नेशनल इलेक्ट्रिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) के जरिये होने वाला लेन-देन के निशुल्क कर दिया था। अब केंद्रीय बैंक ने घोषणा की यह नियम एक जुलाई से लागू होगा।
आरटीजीएस और एनईएफटी करने पर बैंक ग्राहकों से चार्ज वसूलते हैं। ऐसे में ग्राहकों के खाते से अतिरिक्त राशि कटती है। हालांकि अब एक जुलाई से बैंकों को आरबीआई के नियम का पालन करना पड़ेगा, जिसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा।
छोटी बचत योजनाओं पर 0.1 फीसदी घटी ब्याज दर
सरकार ने एनएससी (NSC) और पीपीएफ (PPF) सहित सभी छोटी बचत योजनाओं पर जुलाई से सितंबर की तिमाही में ब्याज दरों में 0.1 फीसदी की कटौती की है। इस फैसले का मकसद रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद ब्याज दरों को कम करके बैंकिंग सेक्टर के अनुरूप बनाना है। आरबीआई इस साल तीन बार पॉलिसी रेट में कमी कर चुका है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को बैंकिंग सेक्टर के अनुरूप करने के लिए सरकार ने ब्याज दरें घटाई हैं।
अब यह हुई ब्याज दर
2019-20 की दूसरी तिमाही के लिए जारी वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक पीपीएफ और एनएससी में सालाना ब्याज आठ फीसदी की जगह 7.9 होगी। वहीं, 113 महीने में परिपक्व होने पर किसान विकास पत्र 7.6 फीसदी ब्याज मिलेगा। अभी 112 महीने में परिपक्व होने पर 7.7 फीसदी ब्याज मिलता है।