अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं ने नई ऊंचाईयां पाई हैं। खेल की बात करें या कारोबार व राजनीति की, महिलाओं ने सभी क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन एक क्षेत्र ऐसा है जहां महिलाओं की एक बड़ी संख्या थोड़ी पीछे है और वो है आर्थिक स्वतंत्रता। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हम आपको सात ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में बताने जा रहे हैं जो महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के लिए जरूर करने चाहिए। इनके माध्यम से महिलाएं खुद अपना फंड बनाने में सक्षम होंगी।
आर्थिक रूप से होना है मजबूत, तो ये सात फैसले लेना महिलाओं के लिए है बेहद जरूरी
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संकटों से जूझने के लिए अपने पास रखें इमरजेंसी फंड
संकटों से जूझने के लिए महिलाओं को हमेशा बचत कर इमरजेंसी फंड के तौर पर अपने पास राशि रखनी चाहिए। आर्थिक संकट से जूझने में ये फंड आपकी मदद कर सकता है। अगर आपके जीवन में कुछ बुरा हो जाता है, जैसे अगर आपकी नौकरी छूट जाती है, या आप बीमार हो जाते हैं, तो ये फंड आपके काम आ सकता है। इससे आपकी लोन चुकाने की क्षमता प्रभावित नहीं होगी।
बेहद महत्वपूर्ण है बीमा पॉलिसी
महिलाओं के लिए उत्तम बीमा योजना होना और भी महत्वपूर्ण है, विशेष तौर पर जब आप पेंशन पर निर्भर हों। अचानक कोई बीमारी बड़ी आर्थिक तबाही ला सकती है। इसलिए समय रहते बीमा कवर ले लेना सदैव बेहतर है। गंभीर बीमारी की हालत में चिकित्सा खर्च में मदद के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदें। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सालाना स्वास्थ्य जांच और अन्य जांच कराएं, जिससे उनका समय रहते इलाज हो सके। आपका परिवार अपने भविष्य के लक्ष्य जैसे कि बच्चे की उच्च शिक्षा, शादी, रिटायरमेंट आदि के लिए निवेश को जारी रख सकेगा। टर्म इंश्योरेंस में आपको एक काफी बड़ा बीमा कवर मिलता है, वो भी बेहद कम प्रीमियम पर।
स्वयं लें अपने आर्थिक फैसले
ज्यादातर महिलाएं अपने आर्थिक फैसलों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती है, क्योंकि उनमें वित्तीय मामलों की जानकारी रखने और खुद फैसले करने को लेकर संकोच रहता है। इसलिए अब सक्षम बनें और अधिक से अधिक वित्तीय अखबार एवं किताबें पढ़ें। पैसों से जुड़े मामलों के बारे में अपने माता-पिता, जीवनसाथी या फिर वित्तीय सलाहकारों से भी खुलकर बात करें और मन में कोई भी सवाल हो तो पूछने में शर्म ना करें। इससे आपमें आर्थिक फैसले खुद से लेने का आत्मविश्वास पैदा होगा।
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बेहद जरूरी है रिटायरमेंट प्लानिंग
नौकरी करते समय हम मकान, गाड़ी खरीदने और बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए ही पूंजी जुटाने में व्यस्त रहते हैं और खुद के लिए योजना बनाने का समय ही नहीं मिलता। लिहाजा आपको यह समझना होगा कि रिटायरमेंट पूंजी जमा करना भी अन्य लक्ष्यों जितना महत्वपूर्ण है। अगर इसमें देरी होती है तो पर्याप्त पूंजी एकत्र करना संभव नहीं होगा और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ सकता है। इस लक्ष्य के लिए जितनी जल्दी हो सके अपने निवेश की शुरुआत कर दें। रिटायरमेंट प्लानिंग एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें आपको एक खाका तैयार करना चाहिए। इससे आपको रिटायरमेंट के बाद अपनी जिंदगी के खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी।