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शराब पीने के शौकीन लोगों के लिए बुरी खबर, खरीदने से पहले सोचेंगे 100 बार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 26 Mar 2018 09:58 AM IST
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शराब पीने के शौकीन लोगों के लिए बुरी खबर आई है। इसे पढ़ने के बाद आप शराब खरीदने से पहले सौ बार सोचेंगे, क्लिक करके जानिए।
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चंडीगढ़ प्रशासन के एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए अपनी आबकारी नीति घोषित कर दी। यूटी की नई आबकारी नीति के मुताबिक शराब के दाम में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। 15 प्रतिशत तक शराब के दाम बढ़ जाने से अब हर शराब के ब्रांड 30 से 50 रुपये महंगा हो जाएगा। जबकि बीयर व वाइन के दाम कुछ सस्ते किए गए हैं।
शराब
न्यू एक्साइज पॉलिसी में शराब के दाम बढ़ाए जाने के बावजूद पंजाब व हरियाणा के मुकाबले चंडीगढ़ में शराब अब भी सस्ती है। वहीं, बीयर व वाइन के रेट में मामूली से गिरावट होगी। न्यू एक्साइज पॉलिसी में इंपोर्टेड वाइन व बीयर के लिए आबकारी विभाग ने नया लाइसेंस एल-2डी जारी किया है। दूसरी ओर शराब (इंडियन मेड फॉरेन लीकर और कंट्री लीकर) का कुल कोटा बढ़ाकर 100 लाख प्रूफ लीटर कर दिया है।
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वहीं, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने अपनी नई आबकारी नीति में रिटेल लाइसेंस धारक यानी शराब ठेकेदारों को शराब की बिक्री पर बिल जारी करने के लिए अनिवार्य कर दिया है। ऐसा न करने पर आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से शराब ठेके दारों व कारोबारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस बार एक्साइज पॉलिसी में शराब ठेकों की संख्या बढ़ा दी गई है। इस बार 16 और ठेकों की नीलामी होगी।
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टेंडर के जरिए ही अलॉट होंगे ठेके
पंजाब के तर्ज पर चंडीगढ़ में भी कैप सिस्टम व ग्रुप वाइज शराब ठेकों की नीलामी को लेकर ठेकेदारों की तरफ से मांग की जा रही थी, लेकिन आबकारी एवं कराधान विभाग ने अपने पुराने पैटर्न यानी नीलामी के जरिए ही इस बार भी शराब ठेकों के लाइसेंस अलॉट करने का फैसला किया है। शराब के ठेकों की नीलामी से करीब 200 करोड़ रुपये राजस्व जुटाए जाने का लक्ष्य है।
पंजाब के तर्ज पर चंडीगढ़ में भी कैप सिस्टम व ग्रुप वाइज शराब ठेकों की नीलामी को लेकर ठेकेदारों की तरफ से मांग की जा रही थी, लेकिन आबकारी एवं कराधान विभाग ने अपने पुराने पैटर्न यानी नीलामी के जरिए ही इस बार भी शराब ठेकों के लाइसेंस अलॉट करने का फैसला किया है। शराब के ठेकों की नीलामी से करीब 200 करोड़ रुपये राजस्व जुटाए जाने का लक्ष्य है।