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रघुबीर यादव कैसे बने साइंस स्टूडेंट से 'मुंगेरीलाल', खुद खोले राज बताया- ढाई रुपये थी पहली सैलरी
Wed, 28 Aug 2019 12:52 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 28 Aug 2019 12:52 PM IST
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रघुबीर यादव
- फोटो : अमर उजाला
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मैं साइंस का स्टूडेंट रहा, लेकिन स्कूल खत्म करने के बाद कुछ समझ नहीं आया कि क्या करुं, तो झोला उठाया और घर से निकल पड़ा। पढ़ें रघुबीर यादव के जीवन संघर्ष की कहानी...
रघुबीर यादव
- फोटो : अमर उजाला
रघुबीर यादव और प्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफर अमिताभ सिंह (चिल्लर पार्टी फेम) मंगलवार को चंडीगढ़ के चितकारा कॉलेज के स्टूडेंट्स द्वारा बनाई गई शार्ट फिल्मों के लिए उनको पुरस्कृत करने आए थे। रघुबीर यादव ने बताया कि घर से निकलने के बाद वक्त अच्छा था और मुझे पारसी थियेटर नाटक कंपनी मिल गई। ढाई रुपये मिलते थे और हमारा काम नाटकों के लिए स्टेज तैयार करना था। इस ग्रुप में मोती बाबा थे जो उनको काफी कुछ सिखाते थे।
रघुबीर यादव
- फोटो : अमर उजाला
रघुबीर यादव ने बताया कि तीन साल बाद यह जब कंपनी बंद हो गई तो वह नई दिल्ली चले आए। वहां थियेटर ग्रुप के साथ काम किया और उसके बाद एनएसडी में ट्रेनिंग ली। उसके बाद रेपेट्री से दस साल जुड़े रहे। फिर एक फिल्म मिली मैसी साहब, जिसने झंडे गाड़ दिए। उसके बाद करियर की गाड़ी पटरी पर चल पड़ी। अब जो बच्चे मूवी तैयार कर रहे हैं, वह शायद कल्पना से परे है। तीन घंटे की मूवी होती हैं, उससे कहीं ज्यादा बेहतरीन मूवी इन छोटे बच्चों की हैं।
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रघुबीर यादव
- फोटो : अमर उजाला
अवार्ड भी प्रदान किए गए
चितकारा इंटरनेशनल स्कूल की ओर से सिनेमेस्ट्रो-शेपिंग फ्यूचर फिल्म मेकर्स इंटर स्कूल फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में ट्राइसिटी के 16 स्कूलों से 300 छात्रों द्वारा बनायीं गई फिल्मों का फिल्म फेस्टिवल और अवार्ड वितरण समारोह का आयोजन सिनेविद्या के सहयोग से किया गया। अगस्त महीने के पहले हफ्ते सिनेविद्या द्वारा चितकारा इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों के लिए तीन दिवसीय विशेष वर्कशॉप का भी आयोजन किया था जिसमें छात्रों को फिल्ममेकिंग की बारीकियों के बारे में फ़िल्मी जगत की जानी मानी हस्तियों ने सिखाया था।
चितकारा इंटरनेशनल स्कूल की ओर से सिनेमेस्ट्रो-शेपिंग फ्यूचर फिल्म मेकर्स इंटर स्कूल फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में ट्राइसिटी के 16 स्कूलों से 300 छात्रों द्वारा बनायीं गई फिल्मों का फिल्म फेस्टिवल और अवार्ड वितरण समारोह का आयोजन सिनेविद्या के सहयोग से किया गया। अगस्त महीने के पहले हफ्ते सिनेविद्या द्वारा चितकारा इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों के लिए तीन दिवसीय विशेष वर्कशॉप का भी आयोजन किया था जिसमें छात्रों को फिल्ममेकिंग की बारीकियों के बारे में फ़िल्मी जगत की जानी मानी हस्तियों ने सिखाया था।
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रघुबीर यादव
- फोटो : अमर उजाला
यह रहे रिजल्ट
भवन विद्यालय पंचकूला को ‘ट्रॉफी’ के लिए पहला इनाम मिला। सॉपिंस स्कूल चंडीगढ़ को ‘अब बस’ के लिए दूसरा इनाम दिया गया। बेनियन ट्री स्कूल को ‘द मिडल स्कूल गर्ल’ के लिए तीसरा इनाम, सेंट कबीर स्कूल को अनुकंपा के लिए बेस्ट प्रोडक्शन, कॉर्मल कांवेंट को डेस्टाइंड के लिए बेस्ट स्टोरी, द ग्रुरुकुल के बच्चों को पहचान के लिए बेस्ट एक्टर और चितकारा इंटरनेशनल स्कूल को टाइम फालोज के लिए स्पेशल मेंशन किया गया। इसके साथ ही चितकारा स्कूल को द मिस्ट्री रूम के लिए इमर्जिग फिल्म मेकर्स का अवार्ड प्रदान किया गया।
भवन विद्यालय पंचकूला को ‘ट्रॉफी’ के लिए पहला इनाम मिला। सॉपिंस स्कूल चंडीगढ़ को ‘अब बस’ के लिए दूसरा इनाम दिया गया। बेनियन ट्री स्कूल को ‘द मिडल स्कूल गर्ल’ के लिए तीसरा इनाम, सेंट कबीर स्कूल को अनुकंपा के लिए बेस्ट प्रोडक्शन, कॉर्मल कांवेंट को डेस्टाइंड के लिए बेस्ट स्टोरी, द ग्रुरुकुल के बच्चों को पहचान के लिए बेस्ट एक्टर और चितकारा इंटरनेशनल स्कूल को टाइम फालोज के लिए स्पेशल मेंशन किया गया। इसके साथ ही चितकारा स्कूल को द मिस्ट्री रूम के लिए इमर्जिग फिल्म मेकर्स का अवार्ड प्रदान किया गया।