{"_id":"5f1fbd6ab49a0016c424036b","slug":"captain-amrinder-singh-sent-navjot-sidhu-letter-to-nagar-sudhar-trust","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"नवजोत सिद्धू के पत्र का जवाब देने की बजाय कैप्टन ने उठाया बड़ा कदम, ट्रस्ट को सौंपी जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवजोत सिद्धू के पत्र का जवाब देने की बजाय कैप्टन ने उठाया बड़ा कदम, ट्रस्ट को सौंपी जिम्मेदारी
Tue, 28 Jul 2020 11:32 AM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमृतसर
अशोक नीर, अमृतसर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 28 Jul 2020 11:32 AM IST
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवजोत सिद्धू के शिकायती पत्र का जवाब देने की बजाय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने नगर सुधार ट्रस्ट को एक विशेष जिम्मेदारी सौंप दी है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू को प्रदेश की राजनीति से अलग-थलग करने के बाद उनके पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के सभी विकास प्रोजेक्टों की जिम्मेदारी नगर सुधार ट्रस्ट को सौंप दी है। वहीं ट्रस्ट की तरफ से सिद्धू के हलके में कई विकास कार्य शुरू भी करवाए जा चुके हैं, लेकिन सिद्धू को इनकी जानकारी ही नहीं है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
पिछले डेढ़ साल से अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाश रहे सिद्धू ने कुछ दिन पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने हलके के विकास प्रोजेक्टों की अनदेखी करने की शिकायत का एक पत्र लिखा था। इस पत्र का उद्देश्य विकास के मुद्दे पर कैप्टन को घेरकर अपने हलके के लोगों की सहानुभूति प्राप्त करना था। अपने मतदाताओं से बनी दूरी की दरार को पाटने के लिए सिद्धू ने तुरुप का पत्ता खेला, लेकिन कैप्टन ने एक मंजे हुए राजनीतिज्ञ की तरह सिद्धू के पत्र का कोई जवाब न देकर उसे नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन दिनेश बस्सी को भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
बस्सी को पत्र भेज कर कैप्टन ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव में बस्सी पूर्वी हलके से कांग्रेसी टिकट के दावेदार थे। सिद्धू के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बस्सी का दावा खत्म हो गया था। निगम चुनाव में बस्सी ने इसी हलके से टिकट मांगी, कैप्टन तैयार हो गए, लेकिन सिद्धू विरोध में खड़े हो गए। इसके बाद सिद्धू के विरोध के बावजदू कैप्टन ने बस्सी को नगर सुधार ट्रस्ट का चेयरमैन नियुक्त कर दिया। वहीं बस्सी ने पद संभालते ही पूर्वी विधान सभा के विकास कार्यों में तेजी ला दी।
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
सिद्धू के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जौड़ा फाटक में आरओबी के अंडर पाथ के लिए रेलवे को 25 करोड़ की राशि जारी कर दी गई। साढ़े 33 करोड़ की राशि से वल्ला आरओबी का काम शुरू हो चुका है। गलियों के निर्माण के लिए 13 करोड़ की राशि और फोर एस चौक में फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए 15 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। भारतीय पुरातत्व विभाग ने फ्लाई ओवर के निर्माण में आपत्ति उठाई है, जल्दी ही क्लीयरेंस मिलेगी। कैप्टन को लिखे पत्र में सिद्धू ने शिकायत तो की लेकिन उन्हें धरातल की जानकारी नहीं थी। सिद्धू ने अपने हलके के विकास के लिए नगर निगम व ट्रस्ट के साथ कभी कोई बैठक नहीं की है।