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राम रहीम के करोड़ों चाहने वालों के लिए बुरी खबर, हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 05 Aug 2017 09:56 AM IST
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वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए डेरा प्रमुख
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डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम के करोड़ों चाहने वालों के लिए बुरी खबर है। दरअसल एक केस में उन्हें हाईकोर्ट ने कोई राहत नहीं दी, बल्कि सीबीआई को एक निर्देश जारी किया है।
गुरमीत राम रहीम
- फोटो : file photo
साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की ओर से दाखिल रिवीजन पिटीशन को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। याचिका पर बेंच की प्रतिक्रिया रही कि मामले को जानबूझ कर लटकाने का प्रयास किया जा रहा है। सीबीआई कोर्ट ने याची की मांग न मानकर सही फैसला सुनाया था। इस मामले में काफी समय से कार्रवाई लंबित पड़ी है, जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
गुरमीत राम रहीम
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि डेरा प्रमुख ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें सीबीआई कोर्ट पंचकूला ने डेरा प्रमुख की दो साध्वियों के बयान दर्ज करवाने की मांग खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मामले में दो सध्वियों के बयान दर्ज करवाना बेहद जरूरी है और यदि ऐसा नहीं किया गया तो यह याची के साथ अन्याय होगा।
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गुरमीत राम रहीम
इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डेरा प्रमुख को सलाह दी कि वे इस तरह की मांग केवल सीबीआई कोर्ट के सामने ही उठाएं। सीबीआई मामले में निर्णय लेने में स्वतंत्र हैं। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन रहते हुए भी सीबीआई कोर्ट अपना निर्णय सुना सकती है। हाईकोर्ट ने मामले में लगातार फाइल होने वाली रिवीजन पिटिशन पर निचली अदालत की टिप्पणी पर सहमति जताई है।
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गुरमीत राम रहीम
2002 की बात है, जब इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद 30 जुलाई 2007 को चालान पेश किया गया और 6 सितंबर 2008 को चार्जशीट तैयार कर ली गई थी। प्रोसीक्यूशन के सबूत और गवाह 3 सितंबर 2013 तक पूरे हो चुके थे। इसके बाद राम रहीम की बारी आई। राम रहीम की ओर से गवाहों और सबूतों को पेश करने का सिलसिला आरंभ हुआ।