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अलर्टः सोना-चांदी खरीदने जाएंगे तो यह नया नियम जरूर पढ़ लें, नहीं होगा आपके साथ फर्जीवाड़ा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 03 Oct 2020 08:45 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
अगर आप सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं तो इस नए नियम के बारे में जरूर जान लें। इसके बारे में जानकारी रखेंगे तो आपके साथ फर्जीवाड़ा नहीं होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
अगले साल जनवरी के बाद सोना और चांदी बिना हॉलमार्क के नहीं बिकेगा। हॉलमार्क समेत चार और निशान भी गहनों पर होंगे। सोना-चांदी के गहनों पर ये चारों निशान फर्जी तो नहीं हैं, इसकी जांच भी अपने ही जिलों में सिर्फ 35 रुपये में करा सकेंगे। साथ ही विक्रेता गहनों पर हॉलमार्क समेत चारों निशान अंकित करने की फीस भी 25 रुपये से अधिक नहीं ले पाएंगे। यह व्यवस्था 31 जनवरी के बाद देश में लागू हो जाएगी।
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सोने की खरीदारी
भारतीय मानक ब्यूरो की हरियाणा इकाई ने इस व्यवस्था को लागू करने से पहले लोगों को इस संदर्भ में जागरूक करने का फैसला लिया है। इसके चलते भारतीय मानक ब्यूरो प्रदेश में शिविर लगाकर आमजन को इसकी विस्तृत जानकारी से अवगत करवाएंगे। शिविरों की शुरुआत कुरुक्षेत्र के बारना गांव से हो गई है। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के साथ टाइअप करके मानक ब्यूरो अन्य जिलों में इस अभियान को आगे बढ़ाएगा।
प्रतीकात्मक तस्वीर
कैरेट के नाम पर होता है फर्जीवाड़ा
दरअसल, गहनों के कैरेट के नाम पर फर्जीवाड़ा होता है। 14, 18 और 22 कैरेट के गहनों के खरेपन में भी खरीद के दौरान अमूमन खोट होती थी और लोग इसे जान नहीं पाते थे। इसका खुलासा तब होता था, जब वही गहने दोबारा बिकने के लिए मार्केट में आते हैं और उनकी जांच होती है। मगर हॉलमार्क समेत अन्य चार निशान अंकित होने से इस फर्जीवाड़े में कुछ हद तक कमी आएगी और गहनों का खरापन बरकरार रहेगा।
दरअसल, गहनों के कैरेट के नाम पर फर्जीवाड़ा होता है। 14, 18 और 22 कैरेट के गहनों के खरेपन में भी खरीद के दौरान अमूमन खोट होती थी और लोग इसे जान नहीं पाते थे। इसका खुलासा तब होता था, जब वही गहने दोबारा बिकने के लिए मार्केट में आते हैं और उनकी जांच होती है। मगर हॉलमार्क समेत अन्य चार निशान अंकित होने से इस फर्जीवाड़े में कुछ हद तक कमी आएगी और गहनों का खरापन बरकरार रहेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
शिविरों में इस तरह किया जाएगा जागरूक
भारतीय मानक ब्यूरो के वैज्ञानिक ‘ई’ राजीव वत्स ने बताया कि शिविरों में लोगों को जागरूक करने का शेड्यूल तय कर लिया गया है। जागरूक करने वाले वैज्ञानिकों की टीम में उनके साथ वैज्ञानिक ‘सी’ दीपक कुमार भी शामिल हैं। लोगों को जागरूक करते हुए बताया जाएगा कि सोने और चांदी पर हॉलमार्क निशान के साथ-साथ कैरेट का डिस्पले, भारतीय मानक ब्यूरो का लोगो और संबंधित विक्रेता की फर्म का निशान अंकित होगा। विक्रेताओं ने ये चारों निशान फर्जी तो नहीं लगाए। इसकी जांच भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अधिकृत हॉलमार्किंग केंद्रों में हो सकेगी। हर जिले में ये सेंटर मौजूद हैं। जांच फीस सिर्फ 35 रुपये है।
भारतीय मानक ब्यूरो के वैज्ञानिक ‘ई’ राजीव वत्स ने बताया कि शिविरों में लोगों को जागरूक करने का शेड्यूल तय कर लिया गया है। जागरूक करने वाले वैज्ञानिकों की टीम में उनके साथ वैज्ञानिक ‘सी’ दीपक कुमार भी शामिल हैं। लोगों को जागरूक करते हुए बताया जाएगा कि सोने और चांदी पर हॉलमार्क निशान के साथ-साथ कैरेट का डिस्पले, भारतीय मानक ब्यूरो का लोगो और संबंधित विक्रेता की फर्म का निशान अंकित होगा। विक्रेताओं ने ये चारों निशान फर्जी तो नहीं लगाए। इसकी जांच भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अधिकृत हॉलमार्किंग केंद्रों में हो सकेगी। हर जिले में ये सेंटर मौजूद हैं। जांच फीस सिर्फ 35 रुपये है।
