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हथियारों के लाइसेंस को लेकर बदल गया एक नियम, कोई नहीं बताएगा, यहां जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
Updated Tue, 27 Mar 2018 09:58 AM IST
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हथियार
दरअसल, गृह मंत्रालय के आदेशों पर अब हथियारों का लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए डोप टेस्ट कराना होगा। जिसके चलते अब असलहा लाइसेंस रखने वालों पर नशा करना भारी पड़ सकता नशा। पंजाब में यह नया नियम लागू हो चुका है। इसके तहत शनिवार को बठिंडा में पहले दिन रिन्यूवल लाइसेंस के चार डोप टेस्ट किए गए। जिनमें से किसी की रिपोर्ट भी नेगेटिव नही आई। इन चार आवेदकों में एक महिला भी शामिल थी।
pistol
लेकिन अल्कोहल के लिए अलग से डोप टेस्ट न होने के चलते शराब पीने के आदि लोग इस प्रक्रिया से बच निकले हैं। पंजाब में बठिंडा ऐसा जिला है, जहां पर पिछले एक साल से नए असलहा लाइसेंस धारकों का डोप टेस्ट किया जा रहा है। अब रिन्यू करवाने वाले भी ये टेस्ट करा रहे हैं। सिविल अस्पताल बठिंडा में तैनात डाक्टर अरुण बांसल के अनुसार पिछले एक साल से रोजाना पांच से दस के करीब असलह लाइसेंस धारकों का डोप टेस्ट किया जा रहा है।
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असलहा लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए शुरू किए गए डोप टेस्ट करने वाले डाक्टर अरुण बांसल का कहना था कि लोग ज्यादातर शराब पीकर ही हथियार को चलाते हैं। इस लिए सरकार को चाहिए कि वह अल्कोहल के लिए भी डोप टेस्ट शुरू करें। उन्होंने कहा कि बड़ी मात्रा में लोग अल्कोहल का उपयोग करते है। लेकिन अल्कोहल टेस्ट में न आने के चलते ऐसे लोगों को फायदा मिल रहा है।
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हथियार
डाक्टर ने बताया कि एक अप्रैल 2017 से लेकर 20 मार्च 18 तक ग्यारह लोगों का डोप टेस्ट नेगेटिव पाया गया है। जो युवा थे। उन्होंने बताया कि असलहा लाइसेंस धारक मौजूदा समय में युवा आयु के ही आ रहे है। डाक्टर ने बताया कि बठिंडा अकेला ऐसा जिला है जहां पर असलहा लाइसेंस के लिए डोप टेस्ट पिछले एक साल से शुरू है। उन्होंने बताया कि बठिंडा के अलावा मानसा से भी उनके पास लोग टेस्ट करवाने को पहुंच रहे है।