रोहतक की रहने वाली शेफाली ने महज 16 साल की उम्र में क्रिकेट के इतिहास में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मात्र 16 साल की उम्र में आईसीसी टी-20 की नंबर वन खिलाड़ी बनने वाली शेफाली के खेल का हर कोई मुरीद हो गया है। उन्होंने कम उम्र में ही पूरे विश्व में नारी शक्ति का लोहा मनवाया है। क्रिकेट के जगत में नई सनसनी बनकर उभरी शेफाली ने अपने पिता के साथ आठ साल की उम्र में क्रिकेट खेलने की शुरुआत की थी, तब तक वह टेनिस की गेंद से खेलती थी। आइए पढ़ें शेफाली वर्मा की कहानी...
फटे ग्लब्स-टूटे बैट से किया अभ्यास, लड़कों संग खेला, पढ़ें- 'लेडी सहवाग' शेफाली वर्मा की कहानी
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2013 में सचिन तेंदुलकर लाहली में रणजी ट्राफी का खेलने आए तो भीड़ में मैच देखते हुए सचिन-सचिन की आवाजें सुनकर उनका क्रिकेटर बनने का सपना और भी दृढ़ हो गया। करीब दस साल की उम्र में उन्होंने लेदर की बॉल से खेलना शुरू कर दिया। उसके बाद उन्होंने करीब 12 साल की उम्र में क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन की। जहां शुरुआत उन्होंने जूनियर कैटेगरी से की। वह छोटी उम्र में ही बहुत बढ़िया खेलती थी। साथ खेलने वाली लड़कियां बेहतर खिलाड़ी थी लेकिन शेफाली में उनसे अधिक क्षमता थी। यह देख उन्होंने उनकी प्रैक्टिस लड़कों के साथ करवानी शुरू कर दी।
दो ढाई साल से उन्होंने बल्ले का अभ्यास लड़कों की गेंदबाजी पर ही किया है। अंडर-19, अंडर-23 व रणजी खिलाड़ियों की गेंदों को उन्होंने खूब अभ्यास किया, जिस कारण ही उनका गेम सबसे अलग है। सचिन की फैन शेफाली ने नवंबर 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 49 गेंदों में 73 रन की तूफानी पारी खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाकर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ा था। तब से वह सुर्खियों में आई। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतरीन पारियां खेलीं। ऑस्ट्रेलिया ए बनाम इंडिया ए फिर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड के साथ ट्राई सीरीज में अपना लोहा मनवाया।
हाल ही में चल रहे वूमेन टी-20 में सबसे ज्यादा छक्के जड़ चुकी शेफाली ने चार में से दो बार प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता और हर मैच में टीम के लिए महत्वपूर्ण पारी खेली। आज नारी दिवस पर टी-20 का फाइनल मुकाबला है, जिसमें टीम के साथ-साथ शेफाली का खेल देखने के लिए पूरा देश बेताब है। 16 वर्षीय शेफाली ने अब तक सिर्फ 18 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले ही खेले हैं। इतने कम अनुभव के बावजूद नंबर एक बल्लेबाज बन जाना शेफाली के जबरदस्त फार्म को दर्शाता है। 146.96 की स्ट्राइक रेट से इंटरनेशनल करिअर में वह 485 रन बना चुकीं हैं।
बेटी की बदौलत पिता देखेंगे लाइव मैच
शेफाली वर्मा के पिता संजीव वर्मा शेफाली का मैच देखने के लिए सेमीफाइनल मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए थे लेकिन बारिश के कारण मैच रद्द हो गया। अब वह फाइनल में बेटी को लाइव खेलते हुए देखेंगे। संजीव वर्मा ने कहा कि यह उनके लिए एक भावुक पल है। उन्होंने कहा कि बेटी की बदौलत ही उन्हें इंटरनेशनल फ्लाइट में बैठने का मौका मिला है। 14 दिन पहले ही उनका पासपोर्ट बना है।