फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कैसे हुआ 'पटियाला पैग' का जन्म, रोमांचित कर देगी दास्तां

Sun, 03 May 2015 07:44 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 03 May 2015 07:44 AM IST
विज्ञापन

कैसे हुआ 'पटियाला पैग' का जन्म, रोमांचित कर देगी दास्तां

interesting story: birth of patiala peg and maharaja bhupinder singh sidhu

शादी हो या पार्टी, खास मौका हो या ऑफिशियल मीटिंग। शराब पीने बैठे और पटियाला पैग का जिक्र न हो, ये कैसे हो सकता है?। क्या आप जानते हैं कि वर्ल्ड फेमस 'पटियाला पैग' का जन्म कैसे हुआ?। तस्वीरों में देखिए, पूरा सच।

कैसे हुआ 'पटियाला पैग' का जन्म, रोमांचित कर देगी दास्तां

interesting story: birth of patiala peg and maharaja bhupinder singh sidhu

'पटियाला पैग' 1920 में पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह की देन है। ब्रिटिश एकादश से हुए क्रिकेट मुकाबले में महाराजा ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे। इस मैच की पार्टी में 'पटियाला पैग' का जन्म हुआ।

कैसे हुआ 'पटियाला पैग' का जन्म, रोमांचित कर देगी दास्तां

interesting story: birth of patiala peg and maharaja bhupinder singh sidhu

बहुत कम लोग जानते होंगे कि भारत में महाराजा राजिंदर सिंह के कारण क्रिकेट का खेल शुरू हुआ। महाराजा राजिंदर सिंह की इस खेल में गहरी रूचि थी। इसलिए वो पटियाला में विश्व के प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ियों को बुलाते थे ताकि लोगों को क्रिकेट में प्रशिक्षण एवं नई तकनीकों से लैस किया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे हुआ 'पटियाला पैग' का जन्म, रोमांचित कर देगी दास्तां

interesting story: birth of patiala peg and maharaja bhupinder singh sidhu

उनके बाद परंपरा को आगे बढ़ाया, महाराजा भूपिंदर सिंह ने। उन्होंने इंग्लैंड में भारत एकादश की तरफ से वर्ष 1911-12 में अनाधिकारिक टैस्ट मैच खेले। वहां से लौटने के बाद क्रिकेट उनका शौक बन गया। उन्होंने रोड्स, न्यूमैन, रॉबिन्सन जैसे महान खिलाड़ियों को पटियाला में आमंत्रित भी किया।

विज्ञापन

कैसे हुआ 'पटियाला पैग' का जन्म, रोमांचित कर देगी दास्तां

interesting story: birth of patiala peg and maharaja bhupinder singh sidhu

वर्ष 1920 में अंबाला छावनी में डगलस एकादश के विरूद्ध खेलते हुए महाराजा ने 242 रनों की लंबी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 16 छक्के और 14 चौके लगाए। उस मैदान पर ही दोनों टीमों के लिए लजीज़ रात्रि-भोज की व्यवस्था की गई थी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed