जम्मू-कश्मीर में सरहद पार से हुई फायरिंग में शहीद पंजाब के होशियारपुर के गांव राजू दवाखड़ी के हवलदार कुलदीप सिंह को शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ उनके गांव में अंतिम विदाई दी गई। शहीद कुलदीप सिंह सिख लाइट इनफेंट्री में तैनात थे। बता दें कि इसी रेजीमेंट में शहीद के पिता शान रहे तो वहीं तीन भाई अभी देश की सेवा कर रहे हैं।
आखिरी विदाई: जिस रेजीमेंट में तीन भाई तैनात, पिता रहे शान, उसी में सेवा करते शहीद हुआ जवान
गुरुवार को पाकिस्तान के हमले में गांव राजू दवाखड़ी के हवलदार कुलदीप सिंह शहीद हो गए थे। उनका शव शुक्रवार को पैतृक गांव लाया गया। यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटे शहीद का शव जैसे ही गांव पहुंचा तो सभी की आंखें नम हो गई।शहीद कुलदीप सिंह पुत्र मोहन सिंह 2001 में 15 सिख लाइट इनफेंट्री रेजीमेंट में भर्ती हुए थे और इन दिनों जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के नौगाम सेंटर में बतौर हवलदार तैनात थे। उनकी बटालियन पिछले दिनों ही वहां से वापस आ चुकी थी लेकिन कुलदीप सिंह अगली बटालियन को चार्ज देने के लिए वहां रुके हुए थे। गुरुवार को जब कुलदीप सिंह अगली बटालियन को चार्ज देते समय सीमा रेखा पर उनको पूरी लोकेशन के बारे में बता रहे थे तभी पाकिस्तान की तरफ से उन पर फायरिंग शुरू कर दी गई। इससे कुलदीप सिंह शहीद हो गए।
शहीद के परिवार में उनकी माता मनजीत कौर, पत्नी राजविंदर कौर, आठ वर्षीय बेटी सिमरन और छह साल का बेटा अंश है। अंश ने जब पिता की चिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। अंतिम संस्कार के दौरान मंत्री शाम सुंदर अरोड़ा, विधायक संगत सिंह गिलजियां, डीसी अवनीत रियात, एसडीएम रणजीत सिह हीर, एसपी रमिंदर सिंह के अलावा अकाली दल के नेता लखविंदर सिह लक्खी, आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज जसवीर सिह राजा ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
शहीद के परिवार को मिलेंगे 50 लाख रुपये
शहीद हवलदार कुलदीप सिंह के परिवार को पंजाब सरकार 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि शहीद के पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। सरकारी नौकरी और 50 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हवलदार कुलदीप सिंह ने देश के लिए दुश्मन के साथ लोहा लेते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी। उनके इस महान बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
पिता के साथ भाई भी सिख लाइट इनफेंट्री की शान
शहीद के पिता ऑनरेरी कैप्टन मोहन सिंह ने भी सेना में इसी यूनिट में अपनी सेवा निभाई और इस समय उनके तीन भाई सिख लाइट इनफेंट्री रेजीमेंट में देश की सेवा कर रहे हैं।
