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पाकिस्तान में जन्मे 'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह को बड़ा अवार्ड, बताई आखिरी ख्वाहिश
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 09 Jul 2017 10:06 AM IST
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मिल्खा सिंह
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पाकिस्तान में जन्मे फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह को देश के एक बड़े अवार्ड से नवाजा गया है। इसके साथ ही उन्होंने आखिरी ख्वाहिश भी बता दी।
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मिल्खा सिंह को मुंबई में आयोजित चैरिटी गाला पुरस्कार समारोह में लिविंग लीजैंड ऑफ द ईयर अवार्ड दिया गया है, लेकिन वे पुरस्कार लेने के लिए मौजूद नही थे। उनके साथ रियो ओलंपिक रजत पदक विजेता शटलर पीवी सिंधू को साल का श्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। पीवी सिंधू के कोच पुलेला गोपीचंद को भी वर्ष का सर्वश्रेष्ठ कोच चुना गया।
अभिनव बिंद्रा
- फोटो : getty
युवा क्रिकेटर केएल राहुल को साल के गेमचेंजर का पुरस्कार दिया गया। बीजिंग ओलंपिक 2008 के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। पैरा एथलीट देवेंद्र झझारिया, एम थंगावेलू, वरुण भाटी और दीपा मलिक को भी पुरस्कार दिये गए। जूनियर विश्व कप विजेता भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम को वर्ष की सर्वश्रेष्ठ टीम चुना गया।
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मिल्खा सिंह
वहीं अवार्ड मिलने के बाद जब मिल्खा सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे चाहते हैं कि उनके मरने से पहले कोई ओलंपिक मेडल जीत कर ले आए। मिल्खा सिंह को 1960 के रोम ओलंपिक में मेडल से चूकने का बेहद मलाल है। मिल्खा सिंह चाहते हैं कि अब कोई ओलंपिक में पदक जीते तो उनको सुकून मिले और चैन से दुनिया से विदा हो सकें।
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मिल्खा सिंह
मिल्खा सिंह कहते हैं कि देश के युवा कम मेहनत करके ज्यादा पाने की चाहत रखते हैं, जबकि मेहनत के बिना कोई मुकाम हासिल नहीं किया जा सकता। इसलिए खूब मेहनत करो, तभी खिलाड़ी ऊंचाइयों को छू सकते हैं। वैसे आजकल के एथलीटों में अनुशासन की कमी है। वरना जितनी सुविधाएं खिलाड़ियों को आज मिलती हैं, अगर मुझे मिली होती, तो मैं पक्का ओलंपिक में पदक जीतता।