श्री गुरु रामदास कालोनी में पटाखा फैक्ट्री में बुधवार शाम हुए धमाके में मारे गए 23 लोगों में से 21 की पहचान कर ली गई। इनमें से चार तो फैक्ट्री के मालिक ही हैं। इस हादसे में बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। डीसी गुरदासपुर विपुल उज्ज्वल और एसएसपी बटाला उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस जसपाल सिंह के नाम पर है जिसकी कई साल पहले मौत हो गई थी।
23 लोगों की मौत का कौन गुनाहगार! मरे हुए व्यक्ति के नाम पर चल रही थी फैक्ट्री, पढ़ें कई खुलासे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह लाइसेंस भी तीन साल पहले एक्सपायर हो गया है जिसे उसके परिजनों ने रिन्यू नहीं करवाया था। पुलिस ने मृतक जसपाल सिंह के परिजनों पर मामला दर्ज किया है। हादसे में मारे गए मालिकों के पारिवारिक सदस्य ही इस फैक्ट्री को चला रहे थे। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि पटाखों में चिंगारी की वजह से ब्लास्ट हुआ है। वर्ष 2017 में इसी फैक्ट्री में हादसा हुआ था। धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन लोग घायल हो गए थे।
उसके बाद मजिस्ट्रेटी जांच के साथ पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने जांच के आदेश जारी किए थे। जांच के बाद फैक्ट्री के मालिक को क्लीयरेंस दे दी गई थी। पूरी जांच में फैक्ट्री का लाइसेंस एक्सपायर होने पर ध्यान नहीं दिया गया।
यह पटाखा फैक्ट्री रिहायशी इलाके में कैसे चल रही थी, इसकी छानबीन की जा रही है। इस मामले को वह डीसी ऑफिस और एसडीएम ऑफिस बटाला में चेक करवा रहे हैं। इस हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-विपुल उज्ज्वल, डीसी, गुरदासपुर
22 साल पहले जब फैक्ट्री शुरू हुई, तब आसपास दो-चार घर ही थे
श्री गुरु रामदास कालोनी के निवासियों ने बताया कि यह पटाखा फैक्ट्री करीब 22 साल पुरानी है। यह फैक्ट्री तब की है जब कालोनी में दो-चार घर ही थे। यह 1997 से लगी है। आज इस कालोनी में करीब 300 घर हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्र में ऐसी फैक्ट्री का होना बारूद के ढेर पर रहने वाली बात थी। इसके अलावा सबसे अहम बात यह है कि जहां फैक्ट्री है, उसी रोड पर बटाला का एक बड़ा स्कूल है। जहां यह ब्लास्ट हुआ है वह फैक्ट्री का सेल प्वाइंट था। मांग को बढ़ता देख फैक्ट्री मालिकों ने इसे ही मैन्यूफैक्चरिंग प्लेस बना लिया। इसका लाइसेंस भी किसी और जगह के नाम पर लिया हुआ था।
एक साथ जली छह चिताएं
पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के 6 मृतकों का अंतिम संस्कार बटाला के पुरियां शमशानघाट में किया गया। जैसे ही एंबुलेंस से शमशानघाट में शवों को लाया गया तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सभी का पोस्टमार्टम गुरुवार को ही सिविल अस्पताल में किया गया। वहीं, अस्पताल में घायलों का हाल जानने के लिए कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, सांसद सनी देओल, आईजी पीएस परमार, आप विधायक अमन अरोड़ा भी पहुंचे।

कमेंट
कमेंट X